अक्सर जब बच्चे प्राइमरी स्कूल से सेकेंडरी स्कूल पहुँचते हैं तो वे अपने आपको खोया खोया सा महसूस करते हैं। उनके मन में तनाव पैदा होने लगता है। उनको हर चीज़ नयी लगती है। ऐसे में अध्यापक और अभिभावक उनकी सहायता कर सकते हैं। शिक्षाविद और स्टूडेंट वेलफेयर की हेड टीचर पूर्णिमा मेनों दे रही हैं कुछ सुझाव।
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