SKIP TO MAIN CONTENT

कोविड-19 लॉकडाउन- क्या फायदे और कितना नुकसान

Happy Indian family
Source: Getty Images/triloks

कोविड 19 वायरस के प्रकोप से दुनिया की आधी आबादी इस वक्त लॉकडाउन झेल रही है.


Published

By Amelia Dunn

Presented by Gaurav Vaishnava

Source: SBS


Skip to podcast episode content

कोविड 19 वायरस के प्रकोप से दुनिया की आधी आबादी इस वक्त लॉकडाउन झेल रही है.


शायद आपने भी ख़बर सुनी होगी कि भारत में कई शहरों से हिमालय दिखने लगा है.

पंक्षियों ने दोबारा शहरों की ओर रुख़ करना शुरू कर दिया है.

वेनिस के जलमार्ग साफ-सुथरे हो गए हैं.

चीन के आसमान से प्रदूषण की परतें कम हो गई हैं.

जंगली जानवर उन इलाकों में फिर से देखे जाने लगे हैं जहां वो वर्षों से नहीं दिखे थे.

कोरोना वायरस को लेकर दुनिया भर में हो रहे लॉक डाउन के बीच लोगों ने इन अप्रत्याशित बातों को दस्तावेजो में संजोना शुरू कर दिया है. 

कई सारे बदलाव हुए हैं लेकिन सबसे बड़े बदलाव अब तक जलवायु पर ही देखने को मिले हैं.

जनवरी में लॉकडाउन की शुरूआत होने के बाद से लगभग सभी महाद्वीपों में प्रदूषण का स्तर काफी गिर गया है साथ ही ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन भी.

Himalayas seen from Pathankot as pollution levels in India drop
Himalayas seen from Pathankot as pollution levels in India drop. Source: Twitter
Follow SBS Hindi’s special coverage of COVID-19 outbreak

लेकिन इस महामारी के कुछ और परिणाम भी समाज में फैलने शुरू हो गए हैं. जिनमें से कुछ बहुत सकारात्मक नहीं हैं. 

बढ़े साइबर अपराध

प्रोफेसर रायन को यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड में साइबर सिक्यूरिटी विभाग के निदेशक हैं. वो बताते हैं कि ऑस्ट्रेलिया में कोविड-19 की महामारी आने के बाद से साइबर क्राइम में नाटकीय तौर पर बढ़ोत्तरी हुई है. वो कहते हैं कि इन दिनों कई सारे लोग घरों से काम कर रहे हैं ऐसे में वो डिज़िटल सेवाओं पर आश्रित हो गए हैं. जैसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और शेयरिंग वेबसाइट. इन सभी बातों का साइबर अपराधी फायदा उठा रहे हैं. 

लेकिन जब बहुत सारे लोग घरों पर हैं तो कुछ खबरें अच्छी भी हो सकती हैं

कुछ अपराधों के कम होने की उम्मीद

बॉन्ड यूनिवर्सिटी में क्रिमिनॉल्जी के एसोसिएट प्रोफेसर टैरी गोल्ड्सवर्दी को उम्मीद है कि ऐसे में घरों में चोरी और कार चोरी से जुड़े अपराध कम हो सकते हैं. 

ऑन-लाइन बैंकिंग फायदेमंद हो सकती है

बैंकिंग क्षेत्र भी लोगों से धैर्य रखने का आह्वान कर रहा है. क्योंकि कोविड-19 की महामारी ने बैंकों पर भी बहुत ज्यादा और अनपेक्षित दबाव बढ़ा दिया है. ऑस्ट्रेलियन बैंकिंग एसोसिएशन की सीईओ एना ब्ली कहती हैं कि आम लोगों और छोटे व्यवसायों की आमदनी में भारी कमी आई है ऐसे में बैंकों के कॉल सेंटर में क्षमता से अधिक कॉल आ रही हैं.

एना ब्ली कहती हैं कि हालांकि शटडाउन के बावज़ूद भी बैंकों को खुला रखा गया है. लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण कुछ शाखाओं को बंद करने की नौबत आ सकती है.

Has COVID-19 outbreak affected you adversely? Share your story with us

घर में खाने का रखें खयाल

ऑस्ट्रेलिया में शटडाउन के दौरान लोगों को जानकारी से लैस रखना ज़रूरी हो गया है.

ख़ास तौर पर इस बात को लेकर कि कैसे स्वस्थ रहा जा सकता है. 

इसी लिए पिछले सप्ताह फूड सेफ्टी काउंसिल ने भी लोगों को इस बात का भरोसा दिलाया कि कोरोनावायरस खाने के ज़रिए नहीं फैल सकता है. 

प्रवक्ता लिडिया बूचमैन ने बताया कि इसके लिए स्वच्छता का स्तर बढ़ाना एक असरदार प्रक्रिया  है. 

हालांकि कोरोनावायरस से जुड़ी हर जानकारी अपनी भाषा में पाने के लिए आप sbs.com.au/coronavirus. पर जा सकते हैं.

Tune into SBS Hindi at 5 pm every day and follow us on Facebook and Twitter


Latest podcast episodes

Follow SBS Hindi

Download our apps

Watch on SBS

SBS Hindi News

Watch it onDemand

Stream now