The Voice to Parliament Referendum, or Voice Referendum is receiving mixed responses from the nation. Credit: SBS/AAP
वॉइस टू पार्लियामेंट जनमत इस साल के आखिर में होने जा रहा है। 'वॉइस' एक ऐसी सलाहकार समिति होगी जो संसद और सरकार को प्रथम राष्ट्र मुद्दों पर सलाह देगी। इसके पक्ष और विपक्ष में कई तर्क आ रहे हैं। ऐतिहासिक रूप से वॉइस समिति की मांग लगभग एक सदी पुरानी है। क्या है यह जनमत, क्या हैं इसके मायने हैं इसके एबोरिजिनल और टोरेस स्ट्रेट समुदाय के लिए, और क्या है इस जनमत में आपकी भूमिका, जानिए इस रिपोर्ट में।
वॉइस टू पार्लियामेंट जनमत इस साल के आखिर में होने जा रहा है। 'वॉइस' एक ऐसी सलाहकार समिति होगी जो संसद और सरकार को प्रथम राष्ट्र मुद्दों पर सलाह देगी। इसके पक्ष और विपक्ष में कई तर्क आ रहे हैं। ऐतिहासिक रूप से वॉइस समिति की मांग लगभग एक सदी पुरानी है। क्या है यह जनमत, क्या हैं इसके मायने हैं इसके एबोरिजिनल और टोरेस स्ट्रेट समुदाय के लिए, और क्या है इस जनमत में आपकी भूमिका, जानिए इस रिपोर्ट में।