इस बार भी वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया की संसद में नहीं दिखेगा बहुसांस्कृतिक समाज!

Dr Jagadish Krishnan will represent Labor in the electorate of Riverton.

The Indian-born doctor is hoping to make a successful shift into politics. Source: Aaron Fernandes, SBS News

वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के लोग इस सप्ताह के अंत में, यानी 13 मार्च को राज्य की सरकार तय करने के लिए मतदान करेंगे। इन चुनावों में सत्ताधारी लेबर पार्टी को अपनी सीटों में बढ़ोतरी की उम्मीद है तो लिबरल सहित बाकी दल भी दमखम आज़माने के लिए तैयार हैं। हालांकि होगा क्या ये परिणामों में ही पता चलेगा लेकिन इतना तय है कि कुछेक अपवादों को छोड़कर अगली संसद में भी राज्य की बहुसासंकृतिक छवि देखने को नहीं मिलेगी।


ऐरोन सोमेडल के लिए वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया की संसद के दरवाज़े तक पहुंचने का सफ़र उन सभी लोगों से अलग रहा है जिन्होंने अभी तक संसद में अपनी सेवाएं दी हैं।

साल 2006 में 27 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया आने से पहले उन्होंने पहले लाइबेरियन गृहयुद्ध के दौरान अपनी ज्यादातर जिंदगी शरणार्थी शिविर में ही बितायी है।


मुख्य बातें:

  • 13 मार्च को वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया में राज्य सरकार का चुनाव है. 
  • रिपोर्ट बताती हैं कि इस बार भी किसी पार्टी ने पर्याप्त संख्या में प्रवासी समुदाय के नेताओं को अपना उम्मीदवार नहीं बनाया है.
  • ऑस्ट्रेलिया के रेस डिस्क्रिमिनेशन कमिश्नर चिन टेन कहते हैं कि ये लोकतंत्र के लिए सही नहीं है.
श्री सोमेडल पेशे से एक साइबर-सिक्यॉरिटी ऐनालिस्ट हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में अपने पिछले 15 साल पर्थ के उत्तर-पूर्वी उपनगरों में नए अफ्रीकी प्रवासियों की सामुदायिक संगठनों द्वारा मदद करने में बिताए हैं।

वह कहते हैं, "मैं ये काम जारी रखना चाहता हूं और विदेशों से आए मेरे जैसे मध्यम वर्गीय लोगों की मदद करना चाहता हूं." 

यहां बड़ी बात ये रही है कि मिराबूका एक सुरक्षित लेबर सीट मानी जाती है। यहां से मार्क मैक्गोवन के प्रतिनिधित्व वाली लेबर सरकार को 23 फीसदी वोटों के अंतर से जीत हासिल है।

हालांकि श्री सोमेडल काफी अनुभवी हैं लेकिन इस सीट से जीतकर वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया की संसद में पहुंचने के लिए उन्हें एक चमत्कार की ज़रूरत होगी।
Candidate Aaron Sawmadal
Liberal Candidate Aaron Sawmadal Source: SBS
थोड़ा और दक्षिण की तरफ चलें तो रिवरटन से लेबर पार्टी के उम्मीदवार डॉक्टर जगदीश के इस बार चुनाव जीतने के ज्यादा बेहतर संभावना है।

फिलहाल रिवरटन की सीट विपक्षी पार्टी लिबरल के पास है लेकिन बड़ी बात ये है कि यहां पिछली बार जीत का अंतर महज़ 4.2 फीसदी मतों का रहा है। ऐसे में जबकि कोविड महामारी से निपटने को लेकर प्रीमियर मार्क मैक्गोवन के पक्ष में समर्थन देखने को मिल रहा है इस सीट के लेबर के खाते में जाने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

डॉक्टर जगदीश कृष्णन खुद को डॉक्टर जेग्स कहलाना पसंद करते हैं। वह कहते हैं कि अगर ऐसा होता है तो ये एक प्रवासी की सफलता का एक नया अध्याय होगा जो भारत के तमिलनाडु में कोटागिरी में चाय बागानों से शुरू हुआ था।
डॉक्टर कृष्णन भारत से साल 2006 में ऑस्ट्रेलिया आए थे। आज वह यहां पर कई मेडिकल सेंटर के मालिक हैं।

वह कहते हैं,"मैं राजनीति में नया हूं लेकिन मेहनत करने में नहीं। मैंने अपने चुनावी क्षेत्र में हर दरवाजे़े पर दस्तक दी है। हमने एक योजना तैयार की है और मुझे उम्मीद है कि मैक्गोवन की लेबर सरकार का एक हिस्सा बनकर में इस योजना को रिवरटन के लोगों तक पहुंचाऊंगा।" 

अगर डॉक्टर कृष्णन लेबर पार्टी के लिए इस सप्ताहांत में होने वाला चुनाव जीत जाते हैं तो वो गैर-अंग्रेज़ी बोलने वाले प्रवासी समुदाय के संसद में कुछेक सदस्यों में से एक होंगे।

साल 2016 के ऑस्ट्रेलियाई जनगणना के आकड़ों के मुताबिक करीब एक चौथाई वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के लोग घर पर अंग्रेज़ी के बजाय दूसरी भाषा का प्रयोग करते हैं और करीब 40 फीसदी लोग विदेशों में पैदा हुए हैं।

लेकिन अपने उम्मीदवारों की घोषणा में किसी भी बड़ी पार्टी ने इस विविधता को प्रतिबिंबित नहीं किया है।
WA Premier Mark McGowan talks to members of the public outside an early voting centre in Kalgoorlie, 590km east Perth on Thursday, March 11, 2021. Western Australia is holding a State Election on March 13. (AAP Image/Richard Wainwright) NO ARCHIVING
WA Premier Mark McGowan talks to members of the public outside an early voting centre in Kalgoorlie, 590km east Perth on Thursday, March 11, 2021. Source: AAP Image/Richard Wainwright
हालांकि लेबर पार्टी निचले सदन की अधिकांश सीटें जीतने के इरादे से मैदान में है लेकिन अगर ऐसा होता भी है तो पार्टी केवल 5 ऐसे सदस्यों को संसद तक लेकर जा सकती है जो कि एशियाई या अफ्रीकी मूल के हैं। और शायद केवल एक आदिवासी सदस्य राज्य की संसद तक पहुंच पाए।

राजनीति में सांस्कृतिक विविधता की कमी वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के पक्ष-विपक्ष तक ही सीमित नहीं है बल्कि सभी मुख्य धारा के राजनीतिक दल अभी भी ये स्वीकार करने में हिचकिचा रहे हैं कि यह एक समस्या है।

ऑस्ट्रेलिया के रेस डिस्क्रिमिनेशन कमिश्नर चिन टेन का कहना है कि पूरे देश की सरकारों में सभी स्तर पर गैर-यूरोपीय पृष्ठभूमि के नेताओं की कमी है।

वह चेतावनी देते हैं कि जो संसद समुदायों का नेतृत्व नहीं करती हैं वो लोकतांत्रिक सिद्धांतों का सही ढंग से पालन नहीं कर पाती हैं।

श्री टेन का कहना है कि वो सांस्कृतिक  और भाषाई रुप से विविध पृष्ठभूमि के लोगों के लिए कोटा अपनाने वाले राजनीतिक दलों का समर्थन करते हैं।

लेकिन वह कहते हैं कि राजनीतिक दलों को विभिन्न समुदायों में ज़मीनी स्तर पर उभरते नेताओं को प्रोत्साहन देने के लिए अधिक समय और संसाधनों का निवेश करने की ज़रूरत है।

जो भी मतदाता वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया में चुनावों के संबंध में अंग्रेज़ी के अलावा अन्य भाषाओं में जानकारी चाहते हैं वे वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जा सकते हैं।

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