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Australia's new gun reform and hate speech laws passed: What do these legislations mean for public safety?

Prime Minister Anthony Albanese and Leader of the Opposition Sussan Ley during a federal parliament sitting following the Bondi terror attack at Parliament House in Canberra, Wednesday, January 21, 2026. Source: AAP / MICK TSIKAS/AAPIMAGE
Australia’s parliament has passed significant gun reforms and hate speech laws, triggering mixed responses across the political spectrum and within the community. This segment examines what these legislations sets out to achieve, the debates that shaped their final form and their long-term implications for public safety and social cohesion. Bondi attack eyewitness Saroni Roy also reflects on the reforms through the lens of her traumatic experience, underscoring the human impact behind the policy debate.
[म्यूजिक] भले ही एंटी सेमिटिज्म यानी
यहूदी विरोध पर गठित रॉयल कमीशन कड़े कानूनों की सिफारिश कर रहा हो, लेकिन सरकार
ने संकेत दिया है कि नफरत फैलाने वाले भाषण से निपटने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाने की
संभावना कम है। यह बयान ऐसे समय आया है जब शस्त्र सुधार यानी गन रिफॉर्म और हेट स्पीच
से जुड़े दो अलग अलग विधेयक मंगलवार रात सीनेट से अंतिम मंजूरी पाने के बाद कानून बन गए
हैं। नमस्कार, मैं हूं वृषाली जैन और आइए सुनते हैं अब इस रिपोर्ट को विस्तार से।
[म्यूजिक]
कई हफ्तों तक चली बहस और बातचीत के बाद मंगलवार रात सीनेट ने बंदूक सुधार और हेट
स्पीच से जुड़े दो अलग अलग लेकिन अहम विधेयकों के पक्ष में मतदान किया।
...आइज वन हंड्रेड सिक्सटीन, नो सेवेन द मैटर वाज़ रिजॉल्व्ड इन द अफ़र्मेटिव
दिस बिल एज़ अमेंडेड हैस बीन अग्रीड टू, आई कॉल द अटॉर्नी जनरल।
बंदूक कानूनों को मंजूरी मिलने के साथ अब कड़े प्रतिबंध औपचारिक रूप से कानून का
हिस्सा बन गए हैं। इनमें दो साल की बाय बैक अवधि के दौरान हथियारों की संख्या पर सीमा
तय करना और गैर ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को देश में हथियार आयात करने से रोकना शामिल
है। ये कानून बंदूक लाइसेंस के लिए पृष्ठभूमि जांच को भी सख्त करते हैं और जांच
प्रक्रिया के दौरान एजेंसियों के साथ साथ राज्यों और क्षेत्रों के बीच खुफिया जानकारी
साझा करने को बढ़ावा देते हैं। ग्रीन्स पार्टी की नेता लरिसा वाटर्स का कहना है कि
ऑस्ट्रेलिया के लिए अब एक ज्यादा सख़्त ढांचे की जरूरत थी।
देअर आर नाउ मोर गन्स इन कम्युनिटी देन देवर
इन द आफ्टरमैथ ऑफ द पोर्ट आर्थर मासकर, ऑलमोस्ट डबल द नंबर रिकॉर्डेड इन टू थाउजेंड
एंड वन एंड। एटलीस्ट टू थाउजेंड न्यू फायरआर्म्स आर लॉफुली एंटरिंग द कम्युनिटी
एवरी वीक।
द बोन्डाई ट्रेजेडी वास् मेड पॉसिबल बाय गन लॉज, दैट आर नो लोंगर फिट फॉर पर्पस द
ग्रीन्स वेलकम टुडे, लॉन्ग ओवरड्यू गन लॉ रिफॉर्म्स।
हालांकि सबसे ज्यादा ध्यान हेट स्पीच से जुड़े कानूनों ने ही आकर्षित किया है। इस
विधेयक का उद्देश्य कट्टरपंथी समूहों की उस क्षमता को सीमित करना है, जिसके ज़रिए वे
धर्म के आधार पर लोगों के खिलाफ हिंसा भड़का सकते हैं। इन कानूनों के तहत सरकार के लिए
चरमपंथियों को देश से निर्वासित करना या उन्हें ऑस्ट्रेलिया में प्रवेश से रोकना भी
आसान हो गया है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री का कहना है कि यह विधायी पैकेज प्रगति की
दिशा में एक कदम है, भले ही यह सरकार की शुरुआती महत्वाकांक्षाओं को पूरी तरह से न
प्रमाणित करता हो। -एट बोन्डाई, द टेररिस्ट हैड हेट इन द हार्ट, बट
हैड गन्स इन द हैंड्स।
वी सेड वी वांटेड टू डील विद दैट विद अर्जेंसी
-एंड विथ यूनिटी एंड वी एक्ट टू डिलीवर बोथ। सेनेटर डेव शर्मा ने चैनल नाइन से कहा है कि
उन्हें उम्मीद है कि इस कानून के पारित होने से यहूदी समुदाय को कुछ सुकून और भरोसा
-मिलेगा। -आई डोंट थिंक दे आर फीलिंग एनी सेफर येट, बट आई थिंक दे आर
होपफुली वेकिंग अप रीअश्योर्ड नोइंग दैट,
ऑस्ट्रेलियन पार्लियामेंट एंड ऑस्ट्रेलियन पीपल अंडरस्टैंड द
टेरिबल थ्रेट दे हैव बीन फेसिंग ओवर द पास्ट ट्वेंटी सेवन मंथ्स... एंड स्टेप्स वी टूक
लास्ट नाइट रियली जस्ट द फर्स्ट इन ए सीरीज ऑफ स्टेप्स वी नीडड टू टेक टू एड्रेस
हॉस्टिलिटी टुवर्ड्स वन कम्युनिटी, द ऑस्ट्रेलियन ज्यूइश कम्युनिटी।
वहीं, एग्जीक्यूटिव काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलियन ज्यूरी के पीटर वर्थिम ने इस विधेयक पैकेज
की मंजूरी पर मिलीजुली प्रतिक्रिया दी है। -एट द मोमेंट,
द लॉज़ आर फ्रेम्ड इन पर्टिकुलर वे, दैट साउंड रीजनेबल बट व्हेन यू एक्चुअली गेट डाउन टू द
निटी ग्रिटी एंड द कोर्ट्स हैव टू लुक एट पर्टिकुलर इंस्टेंस ऑफ दैट हैपनिंग, देएर आर
प्रॉब्लम्स विथ इंटरप्रिटेशन ऑफ द वर्ड इंसाइटमेंट, इट डज नॉट मीन लीगली व्हाट इट
मीन्स इन कॉमन पारलान्स। इट हैस अ वेरी रिस्ट्रिक्टेड मीनिंग एंड रिक्वायर्स ए
प्रॉसिक्यूटर टू प्रूव अ पर्टिकुलर इफेक्ट ऑन नोशनल ऑडियंस एंड ऑफकोर्स, अ लॉट ऑफ द
कमेंट्स दैट वी हियर दैट प्रमोट रेसियल हेट डू नॉट राइज टू द लेवल ऑफ इंसाइटिंग वायलेंस, इट्स
जस्ट द ह्यूमनाइजेशन एंड इनग्रेट रिटरिक, विच फॉल्स जस्ट शॉर्ट ऑफ द वायलेंस।
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीजी से कई दौर की बातचीत के बाद विपक्ष नेता सुजन ली ने लेबर
के साथ आखिरकार समझौता किया। उनका दावा है कि तकनीकी संशोधनों के जरिए हेट स्पीच कानून
को दुरुस्त किया गया, जिसमें नफरत फैलाने वाले उपदेश की परिभाषा को सख्त करना और संसद
की निगरानी को मजबूत करना शामिल है। हालांकि, नेशनल ने बंदूक सुधार और हेट स्पीच
दोनों विधेयकों के खिलाफ मतदान किया। सेनेटर ब्रिजेट मैकेंजी इस फैसले पर कायम
-हैं। -आई थिंक प्राइम मिनिस्टर, हैस बीन प्लेइंग
पॉलिटिक्स ऑन दिस पीस ऑफ लेजिस्लेशन फ्रॉम द स्टार्ट इफ यू रियली वांटेड अ बाइपार्टिजन
अप्रोच, ही वुड हैव हीड द कॉल इन द वेक ऑफ द अटैक, सिट डाउन विद द पार्टीज ऑफ गवर्नमेंट
एंड एक्चुअली डेवलपड एन अप्रोप्रिएट रिस्पॉन्स।
शाडो कैबिनेट की एकजुटता के तहत गठबंधन के सभी फ्रंट बेंच सदस्यों को औपचारिक रूप से
तय किए गए रुख के अनुसार ही मतदान करना होता है। ऐसे में विपक्ष नेता सुजन ली ने हेट
स्पीच कानूनों पर लिबरल पार्टी से अलग रुख अपनाने वाले नेशनल के तीन सेनेटरों का
इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। एक बयान में विपक्ष नेता ली ने कहा कि ब्रिजेट मैकेंजी,
रोज कैडल और सुसन मैकडॉनल्ड ने शैडो कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है और अब वे बैक
बेंच पर बैठेंगे। विपक्ष नेता का कहना है कि उन्होंने तीनों सेनेटरों से कोएलिशन में
अपनी सेवाएं जारी रखने को कहा है, जिस पर वे सहमत हो गए हैं। वहीं नेशनल पार्टी के नेता
डेविड लिटिलप्राउड, शैडो कैबिनेट में खाली हुई जगहों को भरने के लिए नए सदस्यों के
नाम तय करेंगे। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि विभाजित मतदान से कोएलिशन के आपसी
रिश्तों का परिचय नहीं होता और यह कि उनकी पार्टी ने हेट स्पीच और चरमपंथ से
जुड़े कानूनों के उद्देश्यों का समर्थन किया है। सरकार के अगले कदमों को लेकर गृह
मामलों के मंत्री टोनी बर्क का कहना है कि नफरत फैलाने वाले भाषण से निपटने के लिए आगे
और कदम उठाए जाने की संभावना कम है, भले ही यहूदी विरोध पर गठित रॉयल कमीशन ने कड़े
कानूनों की सिफारिश की हो। वहीं, यहूदी सांसद जौश बर्न्स ने इसके लिए कोलिशन को
जिम्मेदार ठहराया है।
वहीं
बॉन्डाई हमले की प्रत्यक्षदर्शी रही सरोनी रॉय ने एसबीएस हिंदी को दिए अपने बयान में
कहा कि वे इन कानूनों के पारित होने से खुश हैं।
मैं बहुत ज्यादा खुश हूं और बहुत सपोर्ट कर रही हूं, जो लॉज़ कल पास हुए हैं और ये
रिफॉर्म्स जो किए जा रहे हैं। बिकॉज़ आफ्टर बीइंग लाइक विटनेस किया मैंने, जो
बॉन्डाई टेरर अटैक के टाइम और जो एक्सपीरियंस किया, उसके बाद यह बहुत जरूरी
था सबके लिए। नॉट जस्ट द पीपल जो इफेक्टेड थे, उसमें की गवर्नमेंट कुछ एक्शन ले,
कुछ स्ट्रिक्ट एक्शन ले। यस, आई वुड से दैट मे बी अगर इसको निटीग्रिटीज में जाए,
डिटेल में जाए, हम लोग हर एक एपिसोड को एनालाइज करें या अटैक को टेरर अटैक को
एनालाइज करें तो हां, इसमें और भी मॉडिफिकेशन शायद इन फ्यूचर करना चाहिए या
किया जा सकता है। डिटेल या लेयर्ड कुछ इश्यूज अब भी शायद रहेंगे, जो मुझे
लगता है कि थोड़ा सोचना चाहिए और इन फ्यूचर वी शुड बी मेकिंग सम मोर मॉडिफिकेशन एंड
-गोइंग अ लिटिल मोर डीप डाइविंग इंटू इट। -एसबीएस न्यूज से डेबोरा ग्रोआर्क की इस खबर को
आपके लिए प्रस्तुत किया एसबीएस हिंदी से वृषाली जैन ने।
इस रिपोर्ट में दी गई जानकारी सामान्य है। एसबीएस ना ही यहां प्रकट किए गए विचारों से
सहमत है और ना ही असहमत। अपनी विशेष परिस्थिति के लिए किसी विशेषज्ञ से सलाह
लें।



