Respiratory Syncytial Virus, or RSV, a common and highly contagious respiratory virus that can be mistaken for a cold or influenza. As Australia heads into winter, it is raising concern, especially for older adults and young children. In response, the federal government is rolling out free vaccinations for eligible seniors. In this episode, Associate professor and paediatrician Dr Habib Bhurawala breaks down what RSV is, who is at risk, and how families can stay protected this season.
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[intro music]
फेडरल सरकार ने एक संभावित घातक सांस के वायरस RSV से सबसे अधिक जोखिम वाले लोगों की
बेहतर सुरक्षा के लिए बुजुर्ग ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को मुफ्त टीकाकरण देने की घोषणा की
है। 445 मिलियन डॉलर के इस निवेश के तहत 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के ऑस्ट्रेलियाई
नागरिक और 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के एबोरिजिनल और टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर लोगों
को मई के मध्य से यह टीका मुफ्त प्राप्त होगा। इससे प्रति टीकाकरण लगभग 300 डॉलर
तक की बचत होगी। [background music] कुछ साल पहले जब सूज़न डॉयल को RSV हुआ तो उनके
लक्षणों की गंभीरता उनके लिए एक बड़ा झटका थी।
I had RSV, um, nearly three years ago,
and I've never been so sick in my life.
I had, had COVID twice before that,
but this was nothing like COVID.
Um, I was, I was very sick for
a couple of weeks at least,
-um, and, and nothing helped. -Respiratory Syncytial Virus यानी RSV एक आम
और बेहद संक्रामक श्वसन वायरस है, जिससे अक्सर सर्दी या फ़्लू समझ लिया जाता
है। रॉयल एडिलेड हॉस्पिटल से जुड़े प्रोफेसर ह्यूबरेटस जेर्ज़मैन का कहना
है कि बुजुर्गों के लिए RSV गंभीर और कभी-कभी जानलेवा जोखिम पैदा कर सकता
-है। -This virus is more infectious,
more dangerous than influenza. So it is a very serious illness. And what puts
these older Australians that we just mentioned at high risk is the risk of
getting lower respiratory tract infection, which is the other word for pneumonia,
admission to hospital, intensive care and death.
445 मिलियन डॉलर के निवेश के साथ इस साल बुजुर्ग ऑस्ट्रेलियाई लोगों के लिए टीकाकरण
की घोषणा की गई है। पिछले साल फ़ेडरल सरकार ने गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के लिए भी
RSV वैक्सीन को राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया था। Arexvy नाम की यह
वैक्सीन 17 देशों में, जिनमें ऑस्ट्रेलिया भी शामिल है, किए गए एक वैश्विक क्लीनिकल ट्रायल
में परखी जा चुकी है। इस टीके की शुरुआत ऐसे समय हुई है जब 2025 में RSV संक्रमण के
रिकॉर्ड मामले सामने आए थे। देशभर में 1,77,000 से अधिक केस दर्ज हुए थे, जिनमें
60 वर्ष से ऊपर के लोगों के 40,000 से ज्यादा मामले थे। ह्यूबरेटस जेर्ज़मैन
का कहना है कि यह जीवन रक्षक टीका, जिसकी एक dose की कीमत आमतौर पर 300 डॉलर होती है,
-कई वर्षों तक सुरक्षा प्रदान कर सकता है। -Protection of this vaccine is in the order
of 80-90% from those complications, which is unheard of, better than many other
vaccine, better than the flu vaccine.
And the other good thing about this vaccine is it lasts almost three years in
protection, maybe longer. We don't have the data yet, whereas influenza has worn
off after five and a half months, that vaccine. So it's a really important
-addition to the vaccine landscape. -ऐसे बुजुर्ग ऑस्ट्रेलियाई लोग जिनको अस्थमा,
दिल की बीमारी, या मधुमेह जैसी पुरानी स्वास्थ्य समस्याएं हैं, उनमें RSV संक्रमण
गंभीर होने और अस्पताल में भर्ती होने का खतरा अधिक रहता है। कोविड-19 महामारी,
के दौरान यह बात साफ हो गई थी कि एक साथ रहने की वजह से वृद्धाश्रमों
में या एज्ड केयर में रहने वाले लोग भी इस वायरस के फैलाव के प्रति खासतौर पर
संवेदनशील होते हैं। इसी तरह वे बुजुर्ग जो अपने पोते-पोतियों के साथ समय बिताते हैं,
उनमें भी जोखिम रहता है, क्योंकि यह संक्रमण बच्चों में भी जल्दी फैल जाता है। हमने बात
की डॉ हबीब भूरावाला से, जो कि एक पीडियाट्रिशियन हैं और एसोसिएट प्रोफेसर
हैं। आइए सुनते हैं उनका RSV को लेकर के क्या कहना है।
RSV एक बहुत ही ज्यादा फैलने वाला वायरस है जो लंग्स और सांस की
नली को काफी वह इफ़ेक्ट करता है, प्रभावित करता है। खासकर यह छोटे बच्चे और बुजुर्गों
में सीरियस इन्फेक्शन और हॉस्पिटल में एडमिशन का कारण भी बन सकता है। यह देखें
जो RSV है उसके लक्षण सर्दी, जुकाम जैसे होते हैं, जैसे खांसी, नाक बहना, बुखार।
लेकिन गंभीर मामलों में सांस लेने में काफी दिक्कत हो सकती है और, अ,
-हॉस्पिटल में भर्ती भी होना पड़ सकता है। -और इस समय फ़ेडरल सरकार ने एक वैक्सीन जारी
की है जो पिछले साल प्रेग्नेंट महिलाओं और
बच्चों के लिए जारी की गई थी, जो अब उपलब्ध कराई जा रही है सीनियर सिटीजन्स के लिए भी।
यह वैक्सीन क्या है और कितनी जरूरी है इन, अ, ग्रुप्स के लिए?
हां, यह जो RSV वैक्सीन जो है वो हमारे शरीर की जो इम्युनिटी होती है उसको मजबूत बनाती
है ताकि अगर यह वायरस शरीर में आए तो,
अ, शरीर उससे जल्दी और काफी प्रभावी तरीके से लड़ सके और इससे सीरियस इन्फेक्शन और
हॉस्पिटल एडमिशन का खतरा जो वो है वो कम हो जाता है। यह जो वैक्सीन जो है वो शरीर के
अंदर एंटीबाडी बनाता है और इससे, अ, इम्यून system जो हमारी शरीर की होती है, अ, उसको
काफी सपोर्ट होता है। तो जो गंभीर बीमारी है जैसे निमोनिया है और-- या तो गंभीर सांस
की समस्या हो सकती है, वैक्सीन उससे सुरक्षा, सुरक्षा देता है।
जी, तो डॉ भूरावाला क्यों यह बहुत ज्यादा जरूरी है प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए, बच्चों
के लिए और सीनियर सिटीजन्स के लिए और कितनी सुरक्षित है यह इन सब लोगों के लिए?
देखिए, बुजुर्ग का अगर आप देखें तो, अ, अगर 75 साल से ज्यादा उम्र के ऑस्ट्रेलियाई के लिए
कि जिनके लिए अब वो फ्री अवेलेबल है, अ, हो जाएगी अवेलेबल गवर्नमेंट की तरफ से।
बुजुर्गों में उम्र बढ़ने, बढ़ने के साथ इम्युनिटी कमजोर हो जाती है और जिससे RSV
जाहिर है कि सर्दी, जुकाम वगैरह ज्यादा करती है मगर वो निमोनिया और काफी सीरियस
इन्फेक्शन की भी समस्या हो सकती है। तो वैक्सीन उनसे सुरक्षा देता है। गर्भवती
महिलाओं का अगर आप देखें तो उनकी वो सिचुएशन ऐसी होती है कि उनकी अवस्था और जो
बच्चा होता है पेट के अंदरवो दोनों को उससे काफी रिस्क होता है तो शुरुआती महीनों में
बच्चों को खास करके बहुत सुरक्षा मिलती है अगर यह vaccine दिया जाए गर्भावस्था के
दौरान और जोम इन्फैन्ट्स हैं शिशु छोटे बच्चों की इम्युनिटी पूरी तरह से विकसित नहीं होती।
इसके लिए RSV उनके लिए काफी खतरनाक हो सकता है। हम काफी ऐसे मामले देखते हैं। बच्चों के
एडमिशन वगैरह बहुत ज्यादा हो जाते हैं खास करके सर्दियों के मौसम में। तो यह
वैक्सीन
जो है गंभीर बीमारी से बचाते हैं तो दूसरा यह मैं बता दूं कि यह वैक्सीन काफी सुरक्षित
है। काफी लोगों को लगता है कि इसके कोई साइड इफ़ेक्ट होंगे या तो या तो उसको
अप्रूवल वगैरह मिली हुई है कि नहीं। इसको अच्छी तरह से test किया गया है। साइड इफ़ेक्ट
इसके हल्के होते हैं। जैसे इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द हो, हल्का बुखार या थकान यह
सामान्य है और कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं। दूसरा यह भी मैं बता दूं कि ऑस्ट्रेलिया
में थेराप्यूटिक गुड्स एडमिनिस्ट्रेशन एक आर्गेनाईजेशन है। वह सारी ऐसी जो प्रोटेक्शन
है वैक्सीन है उसको अप्रूव करते हैं और वह सुरक्षित माने जाते हैं। तो यह सारी जो
वैक्सीन मैं बता रहा हूं वह नेशनल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम के अंदर वह दी जाती
है। 75 साल से ऊपर के लोगों के लिए यह फ्री है और दूसरा 60 साल के ऊपर के इंडिजिनस
ऑस्ट्रेलियन हैं उनके लिए भी यह फ्री हो जाएगी। अगर फ्री उपलब्ध नहीं है तो इसकी
-कीमत $300 तक हो सकती है। -आखिरी सवाल जो मेरा आपसे रहेगा, डॉ
भूरावाला वह यह रहेगा कि फ़्लू और RSV काफी एक जैसे दिखते हैं तो क्या फ़्लू की वैक्सीन
-लेने से हम RSV से बच सकते हैं? -नहीं, फ़्लू और RSV दोनों वायरस हैं।
यह अलग अलग तरह के वायरस हैं और अलग तरीके से असर करते हैं और इनकी वैक्सीन भी अलग है।
मैं बिल्कुल ही यह बात बताना चाहता हूं आपके सारे श्रोताओं को कि दोनों वैक्सीन
लेनी जरूरी है। देखें RSV खासकर छोटे बच्चे, शिशु और बुजुर्ग में ज्यादा गंभीर होता है।
फ़्लू तो हर उम्र के लोगों को हो सकता है मगर वह भी फ़्लू भी बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और
कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को ज्यादा असर करता है। RSV में अक्सर खांसी, नाक बहना और
छोटे बच्चों में सांस लेने की दिक्कत ज्यादा होती है। फ़्लू में भी यह सारी चीजें होती
है। उसमें तेज बुखार, बदन दर्द, सर दर्द और थकान भी हो सकती है। RSV छोटे बच्चों में
ब्रोन्काईलाइटिस एक बीमारी है। फेफड़ों की छोटी नलियों में सूजन, स्वेलिंग वगैरह हो
जाती है और निमोनिया भी का कारण भी बन सकता है।फ़्लू भी निमोनिया कर सकता है लेकिन
उसके साथ पूरे शरीर में ज्यादा कमजोरी होती है और खास मैं बता दूं कि flu के लिए हर साल
vaccine लेना जरूरी होता है क्योंकि virus बदलता रहता है और फ़्लू का जो वैक्सीन है वह
RSV वायरस को जरूरी नहीं है कि वह कवर करेगा। उसके लिए अब नई वैक्सीन और दूसरे जो
प्रोटेक्शन के विकल्प उपलब्ध हैं, खास करके जो जोखिम वाले जो ग्रुप्स हैं, जो समूह है
जैसे मैंने बताया तो
मैं बिल्कुल ही आपके श्रोताओं को यह विनती करूंगा कि दोनों वैक्सीन लें और ऐसा ना
समझें कि फ्लू की वैक्सीन लेने से आप RSV से भी आपको बचाव आपका हो जाएगा और सभी से मैं
कहना चाहूंगा कि यह RSV से खासकर अब पहले से ज्यादा आसान हो गया है और आप अपने और अपने
परिवार, खासकर बुजुर्ग और छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए, गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा
के लिए आप खास अपने डॉक्टर से सलाह लें और सही समय पर वैक्सीन जरूर लगवाएं। धन्यवाद,
-नमस्कार। -RSV और फ़्लू के टीके एक साथ लगाए जा सकते हैं
और स्वास्थ्य विशेषज्ञ बुजुर्ग ऑस्ट्रेलियन लोगों से अपील करते हैं कि वे सर्दियों
में सांस से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। टीकाकरण जरूर करवा लें। योग्य लोग
यह टीका अपने नजदीकी GP, टीकाकरण केंद्रों, भाग लेने वाली फार्मेसीज़ और एबोरिजिनल
स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे। इस रिपोर्ट में व्यक्त किए गए विचार
निजी हैं। एसबीएस न ही उनसे सहमत है और न ही असहमत। इसमें दी गई जानकारी सामान्य है।
अपनी विशेष परिस्थिति के लिए अपने मेडिकल प्रैक्टिशनर से सलाह लें। आपके लिए इस खबर
को प्रस्तुत किया एसबीएस हिंदी से वृषाली जैन औरएसबीएस न्यूज़ से एंजेलिका वेट और जेनेवीव
फ्लामंड ने।




