The federal government says demand for parent visas will always outstrip Australia’s capacity to grant them. With places capped at 8,500, high demand continues to drive long waiting times. Assistant Minister for Citizenship, Customs and Multicultural Affairs Julian Hill says the government has increased the number of visas granted and is open to considering changes. In this podcast, we speak to an Indian Australian Sunita Kalkal who says the long wait is difficult and is urging the government to develop new policies.
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नमस्कार श्रोताओं, मैं हूं नताशा कौल, SBS हिंदी team से और आज हम बात कर रहे हैं parents visa के बारे में। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले नागरिकों और स्थायी निवासियों के माता-पिता के लिए अपने बच्चों के साथ रहने के visa विकल्प हैं। इनमें अस्थायी यानी temporary और स्थायी यानी permanent दोनों visa शामिल हैं। हालांकि हर साल इन visa के लिए हजारों आवेदन प्राप्त होते हैं लेकिन स्थायी यानी permanent visa के लिए सीमित संख्या में ही स्थान निर्धारित किए गए हैं। जैसे ही यह कोटा जो केवल 8500 सीटों का होता है, पूरा हो जाता है, उस migration program वर्ष में इसके बाद कोई और visa जारी नहीं किया जाता। Contributory visa जिनके आवेदन fees लगभग $50,000 है, का processing समय आज वर्तमान में करीब 15 साल तक पहुंच गया है। वहीं parent और aged parent visa के लिए इंतजार का समय लगभग 33 साल है, जिसकी visa fees लगभग $7,345 है। इस अंश में हम मेलबर्न में रहने वाली सुनीता से जुड़ रहे हैं जो पिछले कई वर्षों से अपने माता-पिता के स्थायी visa का इंतजार कर रही हैं।
नताशा जी, मेरा नाम सुनीता कलकल है। मैं मेलबर्न में रहती हूं। Secondary school teacher हूं और
थोड़ा बहुत social work भी करती हूं Indian community के साथ। मैं 1999 में ऑस्ट्रेलिया आई थी और फिर मेरे भाई भी यहां आ गए। हम सब professional हैं, Australian citizen हैं, पूरी ईमानदारी से इस देश के साथ जुड़े हुए हैं लेकिन एक कमी है अपने माता-पिता की। 2016 में Aged Parents Visa जो subclass 804 है, उसके लिए आवेदन किया था। 2019 में queue letter मिला और उसके बाद अब हम इंतजार कर रहे हैं। आज लगभग 10 साल हो चुके हैं और अभी भी कोई निश्चितता नहीं है इस बारे में। अभी मैंने internet पर देखा कि 2013 के queue वाले आवेदन process हो रहे हैं तो अगले 20 साल मुझे नहीं लगता कि उनका visa आने का कोई उम्मीद है। वो 77 years के हो गए जी। इस visa की जो main कमी मुझे जो नजर आती है कि जो शर्त है माता-पिता की उम्र कम से कम 77 साल, 67 years की होनी चाहिए। अगर 67 की उम्र में आवेदन किया और 25 से 30 साल का इंतजार करना पड़े तो उन्हें 90, 97 साल की उम्र में residency मिलेगी। सच कहूं तो यह बिल्कुल अवास्तविक है। सिर्फ इंतजार है, एक उम्मीद है जो धीरे-धीरे खत्म हो जाती है।
जी और क्या यह परिस्थिति आपके माता-पिता के लिए भी अ-कठिन अ-रही है?
इस उम्र में travel करना बहुत मुश्किल है उन लोगों के लिए। पहले वो तीन महीने के लिए आते थे। फिर तीन साल का visa मिला जिसमें एक साल यहां होते थे। अब वो वहां अकेले हैं। यहां पर जब भी कोई खुशी होती है, उनके grandchildren पैदा हुए हैं, बड़े हो गए 18-18 साल के हो गए हैं। तो इस उनके लिए बहुत मुश्किल है, बहुत भारी उनका दिल हो जाता है और बार-बार उनको bridging visa भी लेकर India जाना पड़ता है। ये, ये आसान नहीं है उनके लिए। हर बार दिल तोड़ने जैसा है।
सुनीता जी, एक contributory visa आता है जिसमें समय कम लगता है लेकिन उसमें लगभग $50,000 visa fees है। तो वो भी एक option है जो उपलब्ध है लोगों के लिए।
जो ये visa है सिर्फ $50,000 का नहीं है। ये $1 लाख के आसपास पड़ता है दोनों parents के लिए।
जी।
मेरी जो colleague हैं उन्होंने यह visa apply किया था और हमने अपने parents का non-contributory किया था। उनके parents का visa अभी-अभी आया है और वही इंतजार 10-15 साल का इतना amount of money डालने के बाद।
मतलब feasibility नहीं है यहां पर कि 15 साल का इंतजार करने के बाद 70, कौन 90 साल तक जिंदा है या नहीं है।
जी।
इंतजार तो उसमें भी बहुत लंबा है।
जी, इस स्थिति में सुनीता जी आप सरकार को क्या कहना चाहती हैं?
देखिए, मैं कोई immigration expert नहीं हूं, ना मुझे policy की गहराई से जानकारी है। लेकिन एक बेटी के तौर पर, एक इंसान के तौर पर इतना जरूर कहूंगी कि system में बदलाव की जरूरत है। हम यहां मेहनत करते हैं, tax देते हैं, इसे अपना देश मानते हैं लेकिन दिल का एक हिस्सा हमेशा अधूरा है। यह सिर्फ visa का मुद्दा नहीं है। मां-बाप और बच्चों की दूरी का दर्द है। परिवार के टूटने का दर्द है। मुझे लगता है कि यह एक बहुत ही गहरा मानवीय मुद्दा है और सरकार को इसके बारे में नई policy बनाकर कुछ ना कुछ changes जरूर करने चाहिए।
तो parents visa को लेकर federal सरकार का क्या कहना है? सरकार का कहना है कि माता-पिता visa की मांग हमेशा ऑस्ट्रेलिया की क्षमता से ज्यादा ही रहेगी। फिलहाल हर साल सिर्फ 8500 visa ही दिए जा सकते हैं। इसलिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। नागरिकता, सीमा शुल्क और बहु-सांस्कृतिक मामले के सहायक मंत्री Julian Hill के अनुसार सरकार ने parent visa की संख्या बढ़ाई है और आगे इसमें बदलाव करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
We have almost doubled the number of parent visas granted. We continue to work with community and people are suggesting other options to us like longer stay, um, visit temporary visas. So they're all things we can look at. We do have the 870 visa, the five year visa, so people can come and go. But not any politician who stands up and says and looks people in the eye and says, "We're going to grant all the demand for parent visas" is lying.
आपको बता दें migration act के तहत family stream में माता-पिता को partner और आश्रित बच्चों की तुलना में कम प्राथमिकता दी जाती है। तो सवाल यह है कि क्या parents visa का backlog आगे बढ़ता रहेगा और क्या सरकार इसे संभालने के लिए कोई नई योजना बनाएगी या नहीं? इस podcast में व्यक्त किए गए विचार साक्षात्कारकर्ताओं के अपने विचार हैं। SBS हिंदी इन व्यक्त किए गए विचारों से ना तो सहमत है और ना ही असहमत।
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