दूसरे टी20 में ऑस्ट्रेलिया ने पहले खेलते हुए 194 रन का पहाड़ खड़ा किया था जिससे पार पाना आसान नहीं था। लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने इस पहाड़ को जिस आसानी और कुशलता से चढ़ा, वह देखने लायक था।
मुख्य बातेंः
- सिडनी में खेले गए दूसरे टी20 में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर मैच और सीरीज दोनों जीत लीं।
- हार्दिक पंड्या को मैन ऑफ द मैच दिया गया।
- अगला मैच मंगलवार को सिडनी में ही खेला जाएगा।
जानिए, इस मैच के वे छह पल जिन्होंने भारत की जीत तय कर दी।

ऑस्ट्रेलिया की बैटिंग
13वें ओवर की चौथी गेंद
शार्दूल ठाकुर ने 13वें ओवर की चौथी गेंद पर ग्लेन मैक्सवेल को आउट किया। वॉशिंगटन सुंदर ने उनका बढ़िया कैच लपका और दो छक्के लगा चुके खतरनाक मैक्सवेल को सिर्फ 22 के स्कोर पर वापस भेज दिया। इस विकेट ने ऑस्ट्रेलिया के कुल स्कोर को दो सौ से पार जाने से रोक दिया।
19वें ओवर की तीसरी गेंद
अपनी पहली सीरीज खेल रहे टी नटराजन गजब की गेंदबाजी की। अपने चार ओवरों में उन्होंने सिर्फ 20 रन दिए और दो विकेट लिए। पहला विकेट उन्होंने डी शॉर्ट का लिया था लेकिन उनका लिया दूसरा विकेट बेहद जरूरी साबित हुआ। 19वें ओवर में उन्होंने हेनरिकेस को बांध कर रखा हुआ था और रन बनाने का कोई मौका नहीं दिया था। और फिर तीसरी गेंद पर उन्हें विकेट के पीछे कैच करवाकर आखिरी ओवरों में बड़े शॉट्स खेलकर स्कोर और और बड़ा करने के ऑस्ट्रेलियाई मंसूबों पर पानी फेर दिया।
भारत की बैटिंग
चौथे ओवर की तीसरी गेंद
मैक्सवेल की इस गेंद को शिखर धवन ने मिड विकेट पर स्लॉग स्वीप करते हुए मैदान के बाहर पहुंचाया। बहुत अच्छी फॉर्म में नहीं चल रहे शिखर धवन को इस शॉट ने आत्मविश्वास बख्शा, जिसका नतीता एक बेहतरीन अर्धशतक के रूप में सामने आया। उन्होंने 36 गेंदों पर 52 रन बनाए, जो भारत की जीत की इमारत की नींव साबित हुए।
Image 18वें ओवर की तीसरी गेंद
ऐडम जांपा की हार्दिक पंड्या को रोकने की कोशिश की लेकिन गेंद उनके पैड पर जा लगी। अपील हुई और अंपायर ने नॉट आउट दे दिया। ऑस्ट्रेलिया ने डिसीजन पर रिव्यू लिया। गेंद सीधी विकेट के सामने पड़ी थी इसलिए देखने में आउट ही लग रहा था। लेकिन थर्ड अंपायर ने जब हॉट स्पॉट से देखा तो पता चला कि पैड पर लगने से पहले गेंद का बहुत ही बारीक स्पर्श बैट से हो चुका था। पंड्या यहां आउट हो जाते तो मैच ऑस्ट्रेलिया की ओर जा सकता था।
18वें ओवर की चौथी गेंद
आखरी 15 गेंदों पर भारत को 35 रन बनाने थे और जांपा की इस गेंद का सामना श्रेयस अय्यर कर रहे थे। ओवर की पहली तीन गेंदों पर सिर्फ दो रन आए थे। दबाव भारत पर था। लेकिन अय्यर ने इस गेंद को मिड विकेट पर बाउंड्री के पार कराकर न सिर्फ दबाव हटा दिया बल्कि यह संदेश भी दे दिया कि भारत हारा नहीं है।

20वें ओवर की चौथी गेंद
यह मैच की आखरी गेंद थी। पंड्या ने सैम्स की इस गेंद को छह रन के लिए भेजकर भारत को मैच और सीरीज दोनों जिता दीं।
