कंपनियां जिन पर लगा कर्मचारियों को कम भुगतान का आरोप

यह सूची है उन कंपनियों की, जिन्हें इस साल कर्मचारियों को कम भुगतान का जिम्मेदार पाया गया.

Unpaid wages

Unpaid wages. Source: Getty Images

2019 में ऑस्ट्रेलिया के कई बड़े उद्योगों और कंपनियों का नाम गलत वजहों से चर्चा में रहा. जैसे कि कर्मचारियों को कम भुगतान करना. हाल ही में वूलवर्थ ने इस बात को माना कि उसके कर्मचारियों को कम भुगतान हुआ है. लेकिन ऐसा करने वाली कंपनियों की सूची खासी लंबी है. यह सूची है उन कंपनियों की, जिन्हें इस साल कर्मचारियों को कम भुगतान का जिम्मेदार पाया गया.

एबीसीः साल की शुरुआत में ही एबीसी का नाम चर्चा में आया. जनवरी में यह संभावना सामने आई कि बीते छह साल में एबीसी ने अपने 2500 कैजुअल कर्मचारियों को कम भुगतान किया हो सकता है.

स्टाफ को भेजे एक बयान में एबीसी की चीफ पीपल्स ऑफिसर रेबेका डॉनल्डसन ने लिखा कि पेनल्टी, अलाउंस और लोडिंग को नजरअंदाज किया गया.

क्वांतसः फरवरी में क्वांतस ने माना कि कई साल के दौरान उसके 55 कर्मचारियों को औसतन आठ हजार डॉलर कम का भुगतान हुआ. कर्मचारियों को ब्याज के साथ उनका पैसा लौटाया गया और एक हजार डॉलर की अतिरिक्त राशि भी दी गई. यह भी पता चला कि करीब 165 कर्मचारियों को सालाना करीब १२ हजार डॉलर ज्यादा दिए गए.

सुपर रीटेल ग्रुप: रेबेल स्पोर्ट, सुपरचीप ऑटो, बीएफसी और कई अन्य कंपनियों की मालिक कंपनी सुपर ने माना कि उसके मैनेजर्स को ओवरटाइम नहीं मिला है. इसकी कीमत करीब ३२ मिलियन डॉलर आंकी गई. छह साल में लगभग तीन हजार कर्मचारी इससे प्रभावित हुए.

कॉमनवेल्थ बैंक:अप्रैल में बैंक ने कहा कि सिस्टम में किसी गड़बड़ी के कारण आठ हजार कर्मचारियों को कम भुगतान हुआ. इस कारण पिछले दस साल में वेज और सुपर में करीब १५ मिलियन डॉलर का कम भुगतान किया गया.

माइकल हिल:जूलरी चेन माइकल हिल ने कहा कि वह अपने पूर्व और मौजूदा कर्मचारियों को 25 मिलियन डॉलर का भुगतान करेगी क्योंकि पिछले छह साल के भुगतान में गड़बड़ियां मिली हैं.

मेड एस्टैबलिशमैंट:मास्टशेप के पूर्व जज जॉर्ज कैलम्बारिस का नाम जुलाई में उछला. पता चला कि उनकी कंपनियों के 524 कर्मचारियों को 2011 से 2017 के बीच कम भुगतान हुआ है. करीब 7.8 मिलियन डॉलर लौटाए गए.

सनग्लास हट: फेयरवर्क ऑम्बड्समन ने सनग्लास हट के नाम  जानी जाने वाली लग्जोटिका रीटेल ऑस्ट्रेलिया को अपने पूर्व और मौजूदा कर्मचारियों को 2.3 मिलियन डॉलर के भुगतान का आदेश दिया. 620 कर्मयों को 4 डॉलर से 42,912 डॉलर के बीच कम पैसा मिला था.

बनिंग्स: सितंबर में बनिंग्स ने बयान जारी कर बताया कि पार्ट टाइम वर्कर्स को सुपर में कम भुगतान हुआ है.

रॉकपूल डाइनिंग ग्रुपः मशहूर शेफ नील पेरी का अक्टूबर में सामने आया. उनके रॉकपूल रेस्तरां पर 1.6 मिलियन डॉलर का भुगतान सामने आया.

वूलवर्थ्सः हाल ही में वूलवर्थ्स ने माना कि कर्मचारियों को कम भुगतान हुआ है जिसकी कुल कीमत 300 मिलियन डॉलर हो सकती है. फेयरवर्क ऑम्बड्समन इसकी जांच कर रहा है.

कुछ और मामले

7-इलेवनः जनवरी में मेलबर्न की एक फ्रैंचाइजी पर कम भुगतान के लिए 335,664 डॉलर का जुर्माना लगाया गया.

कॉमनवेल्थ गेम्सः 2018 के गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में काम के लिए रखे गए दस सुरक्षाकर्मियों को ओवरटाइम और कम भुगतान के लिए 24 हजार डॉलर का हर्जाना मिला.

सबवेः इस साल सबवे को दो बार आरोप झेलने पड़े. न्यू साउथ वेल्स और क्वीन्सलैंड की 22 फ्रैंचाइजी की जांच में फेयरवर्क्स ने पाया कि अक्टूबर में 167 कर्मचारियों को 81,638 डॉलर्स कम दिए गए. मार्च में सिडनी की एक फ्रैंचाइजी पर 65,438 डॉलर्स का जुर्माना लगाया गया था.

एंडोटा स्पा सिडनीः जुलाई में एक जांच में पता चला कि स्पॉन्सरशिप के नाम पर 457 वीसा पर काम कर रहे 13 कर्मचारियों के 58,025 डॉलर काट लिए गए. स्पा से कुल 65,940 डॉलर उगाहे गए.

कॉफी क्लबः फेयरवर्क ने ब्लैकटाउन में एक फ्रैंचाइजी को अक्टूबर में आदेश दिया कि कोरियाई माइग्रैंट को 36,745 डॉलर्स का भुगतान करे.

फूडकोः जमैक ब्लू और मफिन ब्रेक की एक फ्रैंचाइजी को 166 कर्मचारियों के 26,562 डॉलर्स लौटाने का आदेश दिया गया.

क्रस्ट पीत्जाः होबार्टक्रस्ट पीत्जा के मालिकों पर चार कर्मचारियों का शोषण करने के लिए 104,000 डॉलर का जुर्माना लगाया गया.

हर फैशन बॉक्सः सिडनी एक फैशन स्टार्टअप पर मार्च में अलग-अलग मामलों में 329,133 डॉलर्स का जुर्माना लगाया गया.  

ग्लोबल इंटरेक्टिव ऑपरेशंसः गोल्ड कोस्ट के एक कॉल सेंटर को आदेश दिया गया कि 43 कर्मचारियों के 77,286 डॉलर्स लौटाए.

सुशी बेः कैनबरा की सुशी बे को जुलाई में 22 कर्मचारियों के शोषण के लिए 124,416 डॉलर्स का जुर्माना लगाया गया.

सुशी 79: क्वीन्सलैंड के सुशी स्टोर्स पर अगस्त में 125,700 डॉलर्स का जुर्माना लगाया गया.

This is not an exhaustive list. If you need to speak to someone about possibly being underpaid by an employer click here to contact the Fair Work Ombudsman.


Share

5 min read

Published


Share this with family and friends


Download our apps
SBS Audio
SBS On Demand

Listen to our podcasts
Independent news and stories connecting you to life in Australia and Hindi-speaking Australians.
Ease into the English language and Australian culture. We make learning English convenient, fun and practical.
Get the latest with our exclusive in-language podcasts on your favourite podcast apps.

Watch on SBS
SBS Hindi News

SBS Hindi News

Watch it onDemand