महात्मा गांधी का साबरमती आश्रम (गुजरात) दुनिया भर में प्रसिद्ध है लेकिन उतना ही प्रसिद्ध उनका सेवाग्राम आश्रम भी है जो महाराष्ट्र में स्थित है।
महात्मा गांधी का साबरमती आश्रम (गुजरात) दुनिया भर में प्रसिद्ध है लेकिन उतना ही प्रसिद्ध उनका सेवाग्राम आश्रम भी है जो महाराष्ट्र में स्थित है।

इस आश्रम की खासियत यह है कि गांधीजी ने अपने संध्याकाल के अंतिम 12 वर्ष यहीं बिताए ।
वर्धा शहर से 8 किमी की दूरी पर 300 एकड़ की भूमि पर फैला यह आश्रम इतनी आत्मिक शांति देता है जिसको आप शब्दों में नहीं पिरो सकते।
गांधीजी के साबरमती से सेवाग्राम पहुँचने की कहानी भी काफी रोचक है।

इस आश्रम की रोचक कहानी, खासियत और भारत के छात्रों के लिये गांधीजी के सिद्धांतों को अपनाने की जरूरत को समझने के लिये हमने बात की नवनीत कुमार से जो महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में अपनी PhD पर शोध कर रहें हैं.
नवनीत मानते हैं की - इस आश्रम को समझने पर गांधीजी का व्यक्तित्व भी आप ही समझ आ जाता है। यह आश्रम बापू के व्यक्तित्व का दर्पण है। अगर वाकई कोई गांधीजी को, उनके दर्शन को और उनके जीवन को समझना चाहता है तो उसे सेवाग्राम आश्रम जाकर जरूर देखना चाहिए।





