Key Points
- किसी भी व्यवसायिक पार्टी में जाने के नियम तो औपचारिक होते ही हैं, लेकिन अनौपचारिक आयोजनों की भी एक सांस्कृतिक अपेक्षा होती है।
- ऑस्ट्रेलिया में किसी के घर जाते समय एक छोटा उपहार लेकर जाना अच्छा समझा जाता है। उपहार महंगा होना ज़रूरी नहीं, बस मेज़बान के लिए आपके सम्मान को दर्शाता है।
- बच्चों के लिए आयोजित की गयी पार्टियों में आये नन्हें अतिथियों को उपहार देना विशेष सांस्कृतिक अपेक्षा है।
बच्चों के जन्मदिन, गृहप्रवेश, और रात के खाने के आयोजन कुछ ऐसे मौके हैं ऑस्ट्रेलियाई घरों में आम तौर से मनाये जाते हैं।
लेकिन, घर पर एक गेट-टुगेदर या अनौपचारिक आयोजन करने से पहले केवल सही समय का चुनाव ही नहीं, और भी बहुत कुछ सोचना होता है।
पारंपरिक ऑस्ट्रेलियाई आयोजन, जिसे स्थानीय भाषा में 'बार्बी' कहा जाता है, सप्ताहांत या सार्वजानिक छुट्टी के दिन किया जाता है।

ऑस्ट्रेलियन स्कूल ऑफ़ एटिकेट की निर्देशक ज़रीफ़ हार्डी के अनुसार एक बार्बिक्यू पार्टी का आयोजन करना "घर पर मनोरंजन की पहली पसंद" माना जाने लगा है। ‘80 और ‘90 के दशक में होने वाले औपचारिक रात के खानों की जगह अब बार्बिक्यू प्रचलन में हैं।
सुश्री हार्डी कहती हैं, "इस पार्टी में घर के बाहर हे बार्बिक्यू लगा लिया जाता है, और लोग इसके इर्दगिर्द एकत्र हो जाते हैं। यह अनौपचारिक है, आरामदायक है, और बेहद मैत्रीपूर्ण है।"
हालांकि, किसी व्यवसायिक आयोजन, जैसे पारम्परिक क्रिसमस पार्टी वगैरह में यह नियम भिन्न हैं।
Remember it is still business, not a social event. Really watch your alcoholic consumption, particularly if it does affect you. Even your attire, it should be something that is appropriate. So, no super short dresses, or low-cut crocs, or shirts hanging out.Zarife Hardy
वे आगे कहती हैं कि ऐसे आयोजनों में औपचारिक शिष्टाचार कहते हैं कि आप सबसे सम्मानपूर्वक बात करें, और अपने बॉस या दूसरे सहकर्मियों के बारे में नकारात्मक बातें न करें।
जहां तक सवाल घर पर होने वाले आयोजनों का है, चाहे मिलना कितना भी अनौपचारिक क्यों न हो, मेज़बान और मेहमान दोनों के शिष्टाचार नियम महत्वपूर्ण हैं।
सुश्री हार्डी सुझाती हैं, "सबसे पहले तो आप अपने मेहमानों की सूची तैयार करें। ऐसे लोगों को आमंत्रित करें जो आपस में घुलमिल सकें।"
आयोजन की तैयारी इस तरह से करना कि सभी मेहमान सहज हो सकें भी मेज़बान की अहम ज़िम्मेदारी है।
वे आगे कहती हैं, "यह सुनिश्चित करें कि जब आपके मेहमान आपके घर पहुंचें, तो आप उन्हें समय दें, न की रसोई में व्यस्त रहे या टेबल लगाने में जुट जाएं।"
ऐसा करने के लिए आप अपने पेय पदार्थ परोसने के लिए तैयार रखें, आदर-सत्कार करें, आप में बात कर सकें, और लोगों से एक दूसरे का परिचय कराएं।ज़रीफ़ हार्डी
जब तक आपके परिवार की ही पार्टी न हो, किसी के घर खाली हाथ पहुंचना अच्छा नहीं माना जाता है।
ओवरसीज़ स्टूडेंट्स ऑस्ट्रेलिया के मुख्य सचिव और संस्थापक सैम शर्मा का कहना है कि किसी के घर जाते समय एक छोटा सा उपहार, जैसे वाइन की बोतल, खाने के लिए कुछ, या मिष्ठान लेकर जाना शिष्टता मानी जाती है।
"एक अच्छा तरीका यह भी है कि आप अपने मेज़बान से पूछ लें अगर उन्हें आयोजन के लिए कोई ख़ास वस्तु चाहिए। वे पहले ही आयोजन करके एक बड़ा काम कर रहे हैं, तो आप कुछ चीज़ें ले जा कर उनका काम आसान कर सकते हैं," वे समझाते हैं।

देर से न पहुंचना केवल शिष्टाचार ही नहीं, व्यवहारिकता भी है।
"ऑस्ट्रेलिया में समय पर आना बहुत ज़रूरी माना जाता है। अगर आप देर से पहुँचते हैं, तो बहुत मुमकिन है कि खाना ख़त्म भी हो जाए!" वे आगे कहते हैं।
पार्टी के समय मेज़बान की सहायता करना अनिवार्य नहीं है, लेकिन अगर आप ऐसा करते हैं, तो उन्हें अच्छा लगेगा।
"अगर आप मेज़बान की खाना बनाने, परोसने, या सफ़ाई में भी मदद करते है, तो सब इसकी सराहना करते हैं। वापस जाने से पहले अपने मेज़बान को हमेशा धन्यवाद देकर निकलें।"
श्री शर्मा 17 साल पहले ऑस्ट्रेलिया बतौर अंतराष्ट्रीय छात्र आये थे। इस दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में आम तौर पर पार्टियों में इस्तेमाल होने वाली शब्दावली शुरू से सीखी।
वे कुछ प्रचलित शब्द साझा करते हैं:-
- बबल्स: स्पार्कलिंग वाइन
- बीवायओ: ब्रिंग यॉर ओन (अपनी मदिरा स्वयं लेकर आएं)
- स्नैग: सॉसेज
- ब्रिंग अ प्लेट: मेहमान सबके साथ बांट कर खाने के लिए कुछ लेकर आएं
- आरएसवीपी: अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें
श्री शर्मा कहते हैं, "अगर आपके खाने के कोई ख़ास नियम हैं, आवश्यकताएं हैं, या एलर्जी हैं तो अपने मेज़बान को पहले से बता देना समझदारी है। आप अपने साथ अगर एक ऐसी डिश ले जाएँ जो आपकी ख़ास आवश्यकताओं के अनुसार हो, तो और भी बेहतर रहता है।"
"पार्टी की आरएसवीपी, यानी यह पूछे जाने में कि आप पार्टी में उपस्थित रहेंगे या नहीं, अमूमन यह भी पूछा जाता है कि क्या आपके खाने की कोई ख़ास ज़रुरत या नियम तो नहीं, जैसे वीगन, या शाकाहारी, या ग्लूटेनफ्री। बेहतर यही रहता है कि आप आरएसवीपी करते समय ही इन आवश्यकताओं की जानकारी मेज़बान तक पहुंचा दें।"
"क्योंकि मैं खुद भी शाकाहारी हूं, इसलिए किसी के यहां जाते समय मैं अपने अनुकूल एक डिश साथ ले जाता हूं। अब इतनी जगह से न्योते आते हैं, तो मुझे मालूम है कि अगर मेज़बान किन्हीं कारणों से इन आवश्यकताओं की व्यवस्था नहीं कर पाते, तो उन्हें बुरा लगता है," श्री शर्मा समझाते हैं।

बच्चों की पार्टियां
पारंपरिक रूप से, बच्चों की पार्टी का सारा ज़िम्मा मेज़बान पर होता है।
सोनिया हर्ज़बर्ग मेलबर्न में रहती हैं और दो बच्चों की माँ हैं। वे आम अपेक्षाओं का एक विवरण देती हैं।
"आपसे अपेक्षा रहती है कि आप बच्चों और बड़ों, दोनों के लिए भोजन व्यवस्था करेंगे। सब से उनकी ख़ास भोजन आवश्यकताओं या नयमों को ज़रूर पूछें, क्योंकि आजकल ज़्यादातर लोगों के कोई न कोई परहेज़ होते हैं। हम आम तौर पर ऐसा खाना लाते हैं, जो सब की आवश्यकताओं को पूरा कर दे। परोसते समय, हर डिश एक सामने लिखना न भूलें कि वह डिश क्या है।"
सुश्री हर्ज़बर्ग आगे कहती हैं, "मेज़बान एक उत्सव पाय पदार्थ, जैसे स्पार्कलिंग वाइन भी परोस सकते हैं। गर्भवती महिलाओं या मदिरा सेवन न करने वाले लोगों के लिए स्पार्कलिंग जूस जैसे पेय पदार्थ रखे जा सकते हैं।"

जहां एक ओर यह ज़रूरी है कि भोजन की पर्याप्त व्यवस्था हो, मेज़बान अभिभावक को बड़ा खर्चा करना आवश्यक नहीं है।
सुश्री हर्ज़बर्ग सुझाती है कि एक बच्चे की पार्टी के लिए पारंपरिक ऑस्ट्रेलियाई खाना बजट में आराम से फिट आ जाता है।
"आप फेयरी ब्रेड रख सकते हैं, या आप चाहें तो बाहर से खाने का इंतज़ाम कर सकते हैं। हर किसी का अपना तरीका है, लेकिन मेरे अनुभव में ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी अतिथि को किसी एक तरह के इंतज़ाम से कोई समस्या हुई हो।"
वे आगे बताती है, "फेयरी ब्रेड एक ऑस्ट्रेलियाई परंपरा है। यह 100s’ और 1000s’ हैं, जो वो छोटे-छोटे रंग-बिरंगे शक्कर के स्प्रिंकल्स होते हैं, जिन्हें मक्खन लगी ब्रेड पर छिड़का जाता है। फिर इस ब्रेड को त्रिकोण के आकर में काट दिया जाता है। वर्ना, पार्टी पाई भी एक पारंपरिक ऑस्ट्रेलियाई भोजन है।"
आम तौर पर बच्चों को आमंत्रित करने वाले माता पिता आतिथ्य व्यवहार के रूप में 'पार्टी बैग्स' भी तैयार करते हैं, जो अतिथि बच्चे घर जाते समय अपने साथ ले जा सकें।

पार्टी बैग, या आतिथ्य व्यवहार महंगा हो, ऐसा ज़रूरी नहीं है।
सुश्री हर्ज़बर्ग बताती हैं कि उन्होंने अपने पांच साल के बेटे की जनदिन की पार्टी के लिए क्या तैयारी की थी।
"हम एक मैग्नीफाइंग ग्लास, एक रंगबिरंगी लकड़ी की पेंसिल, और एक खाली कार्ड लेकर आये, जिसमें बच्चे खुद जो चाहे लिख सकें। साथ में हम कुछ ऐसे स्टीकर लेकर आये, जिससे वे अपने चेहरे बना सकें।"
तो यह एक छोटी सी क्राफ्ट जैसी चीज़ भी हो सकती है जो घर जाने के बाद उनको पार्टी की याद दिलाती रहे। और, अगर बचे तीन साल से अधिक उम्र के हैं, तो ज़ाहिर सी बात है, कि इस तोहफे में कुछ मीठा भी होना चाहिए।सोनिया हर्ज़बर्ग
इसी तरह, वे समझाती हैं कि जन्मदिन के लिए लाये गए उपहार के पीछे की भावना महत्व रखती है, उपहार की कीमत नहीं।
वे समझाती हैं, "जिस बच्चे का जन्मदिन है, उनके लिए यह मायने नहीं रखता कि उन्हें क्या मिल रहा है, बल्कि यह ज़रूरी है कि उन्हें अपने मनपसंद काम अपने दोस्तों के साथ करने को मिल रहे हैं। अगर उन्हें उपहार मिलते हैं, तो बहुत अच्छी बात है, लेकिन उन्हें याद नहीं रहेगा कि उन्हें उपहार में क्या मिला। उन्हें याद रहेगा उस जनदिन का अनुभव!"







