निताशा थॉमसन की पहली किताब, पावलोवा और पापडम्स, आठ आकर्षक लघु कथाएँ का संग्रह है. जिसमे भारतीय मिग्रन्ट समुदाय की समस्याओ का आइना दिखने की कोशिश की है. ऑस्ट्रेलिया जिसे विकसित देश में स्थायी होने की प्रक्रिया, खाने पिने में बदलाव जैसे बारीक़ मुद्दों पर श्री निताशा ने अपने ३० साल के अनुभव को बखूबी पेश किया है. हरिता महेता की निताशा थॉमसन से मुलाकात
निताशा थॉमसन की पहली किताब, पावलोवा और पापडम्स, आठ आकर्षक लघु कथाएँ का संग्रह है. जिसमे भारतीय मिग्रन्ट समुदाय की समस्याओ का आइना दिखने की कोशिश की है. ऑस्ट्रेलिया जिसे विकसित देश में स्थायी होने की प्रक्रिया, खाने पिने में बदलाव जैसे बारीक़ मुद्दों पर श्री निताशा ने अपने ३० साल के अनुभव को बखूबी पेश किया है. हरिता महेता की निताशा थॉमसन से मुलाकात