मुख्य बिंदु
- ऑस्ट्रेलिया की सार्वजनिक लाइब्रेरियां हर उम्र के लोगों को जोड़ने और सहयोग देने के लिए निःशुल्क कार्यक्रम और सेवाएं प्रदान करती हैं।
- लाइब्रेरियां नए प्रवासियों को बसने में अहम भूमिका निभाती हैं। वे अंग्रेज़ी कक्षाएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और समुदाय को जोड़ने वाली गतिविधियां मुफ़्त में उपलब्ध कराती हैं।
- कुछ लाइब्रेरियों में अब सामाजिक कार्यकर्ता भी काम कर रहे हैं, जिससे यह साबित होता है कि लाइब्रेरियां समावेशी और लगातार विकसित होती हुई समुदायिक जगहें हैं।
ऑस्ट्रेलिया भर की सार्वजनिक लाइब्रेरियों में अंग्रेज़ी और अन्य भाषाओं में 4 करोड़ से ज़्यादा किताबें मौजूद हैं। लेकिन इन पुस्तकालयों का काम सिर्फ किताबें उधार देने तक सीमित नहीं है।
लाइब्रेरी हमेशा से लोगों को जोड़ने का माध्यम रही हैं।
यहां कथा-कहन यानी स्टोरी-टाइम, लेखक वार्ताएं, डिजिटल साक्षरता कक्षाएं, सांस्कृतिक उत्सव और मरम्मत कार्यशालाएं जैसे कई कार्यक्रम और आयोजन होते हैं।
डॉनकास्टर लाइब्रेरी में कार्यरत लाइब्रेरियन रुन्टी यू को तब बहुत आश्चर्य हुआ था जब वह चीन के एक छोटे से शहर से ऑस्ट्रेलिया आईं और देखा कि यहां की लाइब्रेरियां किताबों से कहीं बढ़कर सेवाएं देती हैं। अब वह नए प्रवासियों को इस व्यवस्था को समझने में मदद करती हैं।
"शुरुआत में, यह मेरे लिए एक झटके जैसा था कि ऑस्ट्रेलिया की सार्वजनिक लाइब्रेरियां किताबों के अलावा भी इतनी सारी सेवाएं देती हैं," वह कहती हैं।

नए प्रवासियों के लिए खजाना
ऑस्ट्रेलिया की कई लाइब्रेरियां, खासकर बहुसांस्कृतिक इलाकों में, नए प्रवासियों के लिए खास कार्यक्रम चलाती हैं। ये उन्हें अंग्रेज़ी सीखने, समुदाय से जुड़ने और ऑस्ट्रेलियाई जीवन को समझने में मदद करती हैं।
न्यू साउथ वेल्स की वाग्गा वाग्गा सिटी लाइब्रेरी में प्रवासियों के लिए एक लोकप्रिय कार्यक्रम है — 'लैंग्वेज कैफ़े'। कार्यक्रम अधिकारी लेइला दावांदेह बताती हैं कि इसमें स्वयंसेवक या तो अंग्रेज़ी सिखाते हैं, या प्रतिभागियों के साथ बातचीत करते हैं या मिलकर कोई किताब पढ़ते हैं।
वे लाइब्रेरी कनेक्शंस नाम की एक प्रदर्शनी भी तैयार करती हैं, जिसमें लाइब्रेरी सदस्यों और उनके ऑस्ट्रेलिया तक के सफर को दर्शाया जाता है। इस समय एक युवा यज़ीदी महिला की कहानी प्रदर्शित की जा रही है।
डॉनकास्टर में, रुन्टी यू एक रीडिंग ग्रुप चलाती हैं जो नए प्रवासियों और लंबे समय से रह रहे लोगों को एक साथ लाता है, जो अपनी अंग्रेज़ी सुधारना चाहते हैं।
"जैसे-जैसे यह ग्रुप आगे बढ़ता है, ग्रुप के सदस्यों के बीच धीरे-धीरे सुंदर दोस्तियां भी बनने लगती हैं। मुझे लगता है कि यह ग्रुप सिर्फ अंग्रेज़ी सुधारने का जरिया नहीं है, बल्कि यह उन्हें यह मौका भी देता है कि वे दूसरों को जानें — जो अलग-अलग सांस्कृतिक पृष्ठभूमियों से हैं और जो खुद भी अंग्रेज़ी बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं — और आपस में एक जुड़ाव बना सकें," वह कहती हैं।
हर किसी के लिए लाइब्रेरी
बच्चों, किशोरों और परिवारों के लिए होने वाले कार्यक्रम भी लाइब्रेरियों की एक बड़ी खासियत हैं।
"मैं खुद एक ऐसी मां रही हूं जो छोटे बच्चे के साथ घर पर थी, काम नहीं कर रही थी और अपने लिए एक सुकून का कोना ढूंढ रही थी — ऐसे में लाइब्रेरी मेरे लिए हमेशा एक शरण की तरह रही है। जब मैंने लाइब्रेरी में काम करना शुरू किया, तब मुझे इसका असली मतलब समझ आया। मैंने देखा कि कितनी सारी युवा मांएं अपने छोटे बच्चों के साथ लाइब्रेरी में घूम रही हैं। इससे न सिर्फ उन्हें दूसरों से मिलने और मेलजोल बढ़ाने का मौका मिलता है, बल्कि वे सीधे साहित्य, शब्दों और किताबों के संपर्क में आती हैं," लेइला दावांदेह कहती हैं।
मेलबर्न में लाइब्रेरी नियमित रूप से जाने वाली पामेला लोपेज़ अपने छोटे बेटे के साथ बेबी-टाइम और स्टोरी-टाइम में हिस्सा लेना पसंद करती हैं: "मैं खुद को पूरी तरह उस पल में खोया हुआ पाती हूं, अपने बच्चे के साथ नर्सरी राइम्स गाते और उसका आनंद लेते हुए। और यह अनुभव खास इसलिए लगता है क्योंकि जब आप चारों ओर देखते हैं, तो महसूस होता है कि हर कोई वही कर रहा है।"
कई लाइब्रेरियां ऐसी भी हैं जो अंग्रेज़ी के अलावा दूसरी भाषाओं में भी स्टोरी-टाइम सत्र आयोजित करती हैं।
लैंग्वेज कैफ़े के साथ-साथ, वाग्गा वाग्गा सिटी लाइब्रेरी में एक बहुसांस्कृतिक युवा कार्यक्रम भी है।
सुश्री यू बताती हैं, "हम नाटक करते हैं, गाते-बजाते हैं, एक सत्र में गिटार सिखाते हैं, एक सत्र में ड्रम सिखाते हैं, पोर्ट्रेट पेंटिंग कराते हैं या फिर जानकारी से जुड़े सत्र चलाते हैं। हमने कुछ अलग-अलग क्षेत्रों के प्रोफेशनल्स को आमंत्रित किया है, जो अपने करियर के बारे में बताते हैं और यह भी समझाते हैं कि ऑस्ट्रेलिया में नए प्रवासी के रूप में वहां तक पहुंचने के लिए आपको कौन-कौन से कदम उठाने होते हैं।"

दोपहर के समय लाइब्रेरियां छात्रों से भर जाती हैं, जो मुफ़्त वाई-फ़ाई और अध्ययन सामग्री का लाभ उठाते हैं।
लाइब्रेरियां वयस्कों और बुजुर्गों के लिए भी तकनीकी कार्यशालाएं, बुक क्लब और करियर सहायता सत्र जैसी सुविधाएं देती हैं।
डिजिटल बदलाव को अपनाते हुए, अब कई कार्यक्रम जैसे होमवर्क हेल्प और लेखक वार्ताएं ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं — ताकि अगर आप व्यक्तिगत रूप से नहीं आ सकते, तो भी इनका लाभ ले सकें।
ब्रॉनविन आर्नॉल्ड पूर्वी मेलबर्न स्थित द पाइंस ब्रांच की प्रबंधक हैं और व्हाइटहॉर्स मैनिंघम लाइब्रेरीज़’ में सोशल इनक्लूजन पोर्टफोलियो संभालती हैं। वे कहती हैं कि लाइब्रेरियन हमेशा मदद के लिए तैयार रहते हैं।
"हम हमेशा कहते हैं कि लाइब्रेरियन सब कुछ नहीं जानते, लेकिन जब कोई हमसे सवाल करता है, तो हमें सब कुछ जानने की चाह होती है! अगर आप आकर कहते हैं, ‘मैं यह नहीं कर सकता’ या ‘मुझे इसका जवाब नहीं पता’, तो हम ज़रूर आपके साथ बैठेंगे और आपको उस जवाब तक पहुंचने के रास्ते में पूरी तरह से मार्गदर्शन देंगे।”

लाइब्रेरी में सामाजिक कार्यकर्ता अब अतिरिक्त सहायता दे रहे हैं
जैसे-जैसे लाइब्रेरियां समुदायों का एक अहम हिस्सा बनती जा रही हैं, कुछ लाइब्रेरियों ने अब सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी नियुक्त करना शुरू कर दिया है।
लिज़ी फ्लैहर्टी दक्षिण ऑस्ट्रेलिया की पहली लाइब्रेरी सोशल वर्कर हैं, जो सॉलिसबरी कम्युनिटी हब लाइब्रेरी में कार्यरत हैं। वे चाहती हैं कि देशभर की लाइब्रेरियों में और भी सोशल वर्कर शामिल हों।
"लाइब्रेरियां लगातार बढ़ती और बदलती जगहें हैं, जो अपने आस-पास के समुदायों के साथ विकसित होती हैं। लोग अब समझने लगे हैं कि सामाजिक कार्य भी समुदाय के इस बड़े ढांचे में कैसे अहम भूमिका निभा सकता है," वह कहती हैं।
उनकी नजर में, लाइब्रेरियां समाज की सबसे समावेशी जगहों में से एक हैं।
"लाइब्रेरी ही आखिरी ऐसी जगह है जहां आपको किसी दायरे में फिट होने, कोई कीमत चुकाने या एक ख़ास तरह का व्यक्ति होने की जरूरत नहीं होती। यहां हर कोई स्वागत योग्य है — यही इसकी खूबी है। यह जगह मुफ़्त है, खुली है और सुरक्षित है।”
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