Music composer Naushad and Mohamed Rafi Source: Public Domain
भूले बिसरे नग़मों के सफर के दूसरे अंश में आज राजा हमें बताते हैं कि किस तरह १९४६ में मनो K L सहगल साहब ने अपना संगीत का सेहरा मोहमद रफ़ी के सर बांध दिया। और बात करें महान संगीतकार नौशाद की , तो क्या आप जानते हैं उन्होंने प्लेबैक गायक मुकेश की गायकी में कितना अहम् किरदार निभाया ? नहीं न? तो सुनिये भूले बिसरे नग़मों के सफर का दूसरा भाग राजा वेंकटेस्वर और कुमुद मिरानी के साथ।
भूले बिसरे नग़मों के सफर के दूसरे अंश में आज राजा हमें बताते हैं कि किस तरह १९४६ में मनो K L सहगल साहब ने अपना संगीत का सेहरा मोहमद रफ़ी के सर बांध दिया। और बात करें महान संगीतकार नौशाद की , तो क्या आप जानते हैं उन्होंने प्लेबैक गायक मुकेश की गायकी में कितना अहम् किरदार निभाया ? नहीं न? तो सुनिये भूले बिसरे नग़मों के सफर का दूसरा भाग राजा वेंकटेस्वर और कुमुद मिरानी के साथ।