आइये सुनिये स्वरूप के अब तक के सफर और भविषय की योजनाओं के बारे में एसबीएस हिंदी की लोकल टैलेंट सीरीज में उनकी अमित सारवाल के साथ इस ख़ास बातचीत में.
नेपालमें पैदा हुई स्वरूप की तीन वर्ष की आयु से ही इच्छा थी की वह एक गायक बने.
आशा भोंसले और लता मंगेशकर को अपना गुरु मनाने वाली स्वरुपा आल इंडिया रेडियो से एकलव्या की तरह इन गुरुओं से संगीत की शिक्षा लेती रही.
जब २००८ में स्वरूपा ऑस्ट्रेलिया में नर्सिंग की पढाई करने आई तो बस उनको मौक़ा मिल गया लाइव स्टेज कार्यक्रमों में अपना हुनर दिखाने का.
आइये सुनिये स्वरूप के अब तक के सफर और भविषय की योजनाओं के बारे में एसबीएस हिंदी की लोकल टैलेंट सीरीज में उनकी अमित सारवाल के साथ इस ख़ास बातचीत में.

Share




