मेलबर्न में फिन्म फेस्टीवल के दौरान रिचा चड्ढ़ा आयी।
एक छोटी सी मुलाकात के दौरान जब उनसे पूछा कि वह किस स्टार के रोल को स्वयम् करना चाहेगीं तो उनका कहना था कि एसे कई रोल हैं जो वह कर सकती हैं पर वास्तविकता यह भी है कि आपको वह रोल तभी मिलते हैं जब आप स्टार बन जाते हैं।
उन्होंने साथ ही कहा कि वह एक कुदरती कलाकार हैं और एक्टिंग का टेलेन्ट उनके लिये एक ऊपर वाले की मेहरबानी है।
अपने व्यक्तित्व से परे हट कर उन्होंने एक गुमसुम सी रहने वाली पत्नी का रोल किया फिल्म सरबजीत में। क्येा यह रोल करना आसान था खासतौर पर तब जब उनका अपना व्यक्तित्व इतना इन्ट्रोवर्ट नहीं है, इस पर उनका कहना था कि हर इन्सान की पर्सन्लिटी में कई रंग होते हैं और एक्टिंग का मतलब ही यही है कि इन्सान की पर्सन्लिटी के हर रंग को उकेरा जाये।
रिचा चड्ढा की फिल्म मसान के लिये, कांस फिल्म फेस्टीवल में लोगों ने खड़े होकर तालियाँ बजाई। और फिल्म गैंगस् ऑफ वासीपुर के लिये उन्हें फिल्मफेयर एवार्ड मिला।
फिल्म फुकरे में भोली पंजाबन के रोल से वह सबके दिलों दिमाग पर छा गयी।
इम्तियाज अली, नीरज पांडे, शूजित सिरकार, जोया अख्तर आदि कुछ वह नाम हैं जिनके साथ काम करने की उनकी इच्छा है।



