एसबीएस हिन्दी से बात करते हुये डा राज खिल्लन ने कहा कि इस बात का कोई अच्छा सबूत नहीं है कि किसी प्रकार का आहार ऑटिज्म का इलाज या उसकी स्थिती में किसी प्रकार की कोई भूमिका निभाता है।
उन्होंने बताया कि जैसे "यह एक भ्रांति है कि ऑटिज्म एक विकार है जिसे दवा से ठीक किया जा सकता है और यह भी सही नहीं है कि ऑटिज्म की स्थिती वाले बच्चे मंद बुद्धी या बौद्धिक रूप से अक्षम होते हैं।"
डा खिल्लन ने कहा कि यह सुनिश्चित करना चाहिये कि हम और हमारे आस-पास के लोग ठीक से शिक्षित हों कि ऑटिज़्म के बारे में क्या सच है और क्या नहीं।
यह एक मिथक है कि ऑटिज़्म टीकाकरण के कारण होता है। और यह भी एक गलतफहमी है कि ऑटिज्म ख़राब पेरन्टिंग के कारण होता है । ऐसा नहीं है।डा राज खिल्लन, बाल विशेषज्ञ
ऑटिज्म के बारे में ये मिथक हानिकारक, या बिल्कुल भ्रामक हो सकते हैं, इसलिए यह सुनिश्चित करना कि ऑटिज्म क्या है और क्या नहीं, इसके बारे में समझना महत्वपूर्ण है।

समुदाय के लिए ऑटिज्म के बारे में आम गलतफहमियों को पहचानना और समझ को गहरा करना महत्वपूर्ण है।
डा राज खिल्लन ने एक बार फिर याद दिलाया, "ऑटिज्म के साथ लोग स्वतंत्र रूप से जीने या सफल करियर बनाने में सक्षम होते हैं। माता पिता के लिये यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है किऑटिस्टिक बच्चे को प्यार और धैर्य के साथ सपोर्ट करें जिसकी उसे आवश्यकता है। और चिकित्सकीय सलाह लें।"
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