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भारतीय बुजुर्गों के लिये ऑस्ट्रेलिया में पहला एज्ड केयर संस्थान

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retired couple Source: Wikimedia commons

यह अनुमान लगाया जा रहा है की अगले पांच वर्षों में Non-English Speaking Background के लोग 65 वर्ष से अधिक की जनसँख्या का ऑस्ट्रेलिया में एक तिहाई हिस्सा होंगे!


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By Amit Sarwal

Source: SBS



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यह अनुमान लगाया जा रहा है की अगले पांच वर्षों में Non-English Speaking Background के लोग 65 वर्ष से अधिक की जनसँख्या का ऑस्ट्रेलिया में एक तिहाई हिस्सा होंगे!


 

यह अनुमान लगाया जा रहा है की अगले पांच वर्षों में Non-English Speaking Background के लोग 65 वर्ष से अधिक की जनसँख्या का ऑस्ट्रेलिया  में एक तिहाई हिस्सा होंगे!

 

इन आंकड़ों को देखतै हुए अब सांस्कृतिक रूप से विशिष्ट aged care सुविधा की मांग उठ रही है!

 

ऑस्ट्रेलिया की फ़ेडरल सरकार aged care संस्थान स्थापित करने में मदद के लिये भौगोलिक और अन्य विशेष जरूरतों का ध्यान रखती है!

 

यहाँ भारतीय बुजुर्गों के लिये पहला ऐसा संस्थान खोलने के लिये भारतियों को विश्व युद्ध के बाद आकर बसे Dutch प्रवासियों के अनुभव का लाभ और मदद लेनी पड रही है!

 

दक्षिणी-पूर्वी Melbourne में बढ़ रही भारतीयों की संख्या को नज़र में रखकर, यहाँ काम कर रहे एक भारतीय संघटन ने ऑस्ट्रेलिया में aged care की सुविधा प्रदान करने वाले एक की संस्थान से संपर्क किया.

 

Confederation of Indian Australian Associations के अध्यक्ष Vasan Srinivasan बताते हैं - “We need a vegetarian commercial kitchen... and four rooms as prayer rooms for the community.”

 

Prem Phakey, जो लगभग बीस वर्षों तक भारतीय मूल के बुजुर्गों के एक संघटन के अध्यक्ष रह चुकें हैं, मानते हैं की एक aged care संस्थान से काम नहीं चलेगा. और इसलिये सरकार को एक सर्वेक्षण करवा कर यह पता कर लेना चहीयहै की कितने भारतीये aged care संस्थान में रहना पसंद करेंगे.

 

परन्तु पाक कला सिखाने वाली पूर्व प्रशिक्षक Krishna Aurora ने तो जैसे अपने लिया यहाँ स्थान सुरक्षित कर लिया है - “Indian food - I look forward to it because, all along we have done so much of Indian food eating in Melbourne, and I hope to keep on having the Indian food.  The food that people like, they should be given that food.” 


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