Key Points
- यौन हिंसा किसी भी तरह की यौन गतिविधि है जो अवांछित है या दबाव, हेरफेर या धमकी के कारण की जाती है।
- यौन हिंसा शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक हो सकती है। और यह व्यक्तिगत रूप से या मीडिया (जैसे ऑनलाइन) के माध्यम से की जा सकती है।
- कुछ ऑस्ट्रेलियाई न्यायालयों में यौन सहमति कानूनों को मजबूत करने का मतलब है कि यौन गतिविधियों में संलग्न सभी लोगों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी सकारात्मक सहमति है।
- ऑस्ट्रेलियाई शिक्षा प्रणाली अपने यौन सहमति पाठ्यक्रम में सुधार कर रही है।
ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रीय घरेलू परिवार और यौन हिंसा परामर्श सेवा के अनुसार, जिसे आमतौर पर 1800 RESPECT हेल्पलाइन के रूप में जाना जाता है, यौन हिंसा शब्द का उपयोग किसी भी यौन गतिविधि का वर्णन करने के लिए किया जा सकता है "जिससे आपको डर लगता है या असहज महसूस होता है"।
यौन हिंसा में यौन हमला, यौन शोषण, बलात्कार और यौन उत्पीड़न शामिल है। यहां हिंसा शब्द का प्रयोग शारीरिक आक्रामकता के साथ-साथ भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक नुकसान को संदर्भित करने के लिए किया जाता है, जो किसी को भी व्यक्तिगत रूप में, या गैर-भौतिक माध्यमों से, जैसे ऑनलाइन द्वारा पहुँचाया जा सकता है।
ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो (ABS) के आंकड़े बताते हैं कि ऑस्ट्रेलिया में पांच में से एक महिला ने 15 साल की उम्र से ही यौन हिंसा का अनुभव किया है।
यौन उत्पीड़न को किसी भी अंतरंग संपर्क के रूप में परिभाषित किया गया है जो अवांछित या अस्वीकार्य है।
विक्टोरिया पुलिस की सीनियर सार्जेंट मोनिक केली बताती हैं, "यह शरीर के निजी हिस्से का कोई भी अनुचित संपर्क है, जहां आपकी सहमति या स्वीकृति दी जा रही है।"
"यह हमेशा शारीरिक स्पर्श होना जरूरी नहीं है; ऐसे कई अलग-अलग तरीके हैं जिनसे किसी और पर यौन हमला किया जा सकता है। जैसे अंतरंग छवियों का साझाकरण जहां उन्हें साझा करने की कोई सहमति नहीं है।"
कुछ मामलों में, अवांछित स्पष्ट 'कहानी सुनाना', जैसे 'सेक्सटिंग', यह सब कानून के दायरे में एक यौन हमला हो सकता है।

यौन हिंसा और कानून
यौन हिंसा को एक गंभीर अपराध माना जाता है। हाल के वर्षों में, कुछ ऑस्ट्रेलियाई न्यायक्षेत्र अपने कानूनों में बदलाव कर रहे हैं । यौन अपराधों के अभियुक्तों को अदालत में अनिवार्य रूप से यह साबित करना होगा कि उन्होंने यौन गतिविधि में संलग्न होने से पहले सहमति प्राप्त की थी।
इनवैस्टीगेटिव पत्रकार जैस हिल की तीन भाग वाली एक डाकूमेंटरी है 'आस्किंग फॉर इट' और इसमें इसी विषय पर यानि यौन सहमति की बात है।
वह कहती हैं कि प्रत्येक व्यक्ति के लिए पहली बात यह पता लगाना है कि यौन संपर्क में क्या महसूस होता है और क्या अच्छा नहीं लगता। एक बार जब आप अपना रुख और सीमाएं जान लेते हैं, तो आपको उन्हें स्थापित करना चाहिए, और अपने साथी से भी पूछना चाहिए कि वे कैसा महसूस कर रहे हैं। यह महत्वपूर्ण पक्ष है कि अंतरंग गतिविधि के प्रत्येक चरण में 'हां' या 'नहीं' कहना सीखें।
"यह इस बात को स्थापित करने के बारे में है, 'क्या यह कुछ ऐसा है जो हम दोनों करना चाहते हैं?" क्या यह कुछ ऐसा है जिससे हम दोनों संतुष्ट होने जा रहे हैं?' सहमति स्थापित करने के संदर्भ में, यह उतना ही सरल है जितना कि आप उस यौन संपर्क से गुजरते हुए यह प्रश्न पूछते हैं," सुश्री हिल कहती हैं।
आपके द्वारा पूछे जाने वाले कुछ प्रश्न हो सकते हैं, 'क्या यह ठीक है यदि मैं आपको यहाँ स्पर्श करूँ? क्या आपको यह पसंद है? क्या आप चाहते हैं कि मैं ऐसा करूं? क्या मैं यह कर सकता हूँ?' बस चेक करें कि कहीं यह पूरी तरह से मूक या एकतरफा कार्य तो नहीं है।Jess Hill, Investigative Journalist and Author
यौन सहमति सुनिश्चित करने का मतलब है कि सभी यौन गतिविधियों का उत्साहपूर्ण, सकारात्मक अनुमोदन है।
कुछ न्यायालयों में, सेक्स को वैध होने के लिए, सिर्फ यह मान लेना पर्याप्त नहीं है कि आपकी यौन सहमति है; आपको इसमें सक्रिय रूप से बार-बार सकारात्मक अनुमोदन चाहिये।
यौन सहमति सुनिश्चित करना यह सोचने से कहीं अधिक है कि कोई यौन गतिविधि के लिए सहमति देता प्रतीत होता है।

आपको मौखिक और गैर-मौखिक संकेतों पर ध्यान देना चाहिए जो इंगित करते हैं कि यौन सहमति स्वतंत्र रूप से दी गई है या नहीं दी जा रही है। ऐसा इसलिए है क्योंकि किसी भी स्तर पर सहमति वापस ली जा सकती है, और वह असहमति का संकेत हो सकता है।
सुश्री हिल कहती हैं, "आपके लिए यह मान लेना ही काफ़ी नहीं है कि सहमति कुछ खास प्रकार की हाव-भाव के कारण थी, या इसलिए कि उन्होंने 'नहीं' या 'रुकने का' नहीं कहा।"
"वे बस चुप हो सकते हैं, या साथ नहीं दे सकते हैं। यौन संपर्क में, यदि आप किसी के साथ हैं और कुछ नहीं कहा जा रहा , तो यह उत्साहजनक सहमति नहीं है। यदि कहा गया है, 'मुझे पक्का नहीं है' और ऐसा लगता है कि वह इस बारे में अनिश्चित हैं कि क्या होने वाला है, तो यह जांचना और कहना बेहतर होगा, 'क्या आप यह करना चाहते हैं? हमें ऐसा करने की ज़रूरत नहीं है'।

ऑस्ट्रेलियाई कानूनी प्रणाली इसका भी स्पष्ट उदाहरण स्थापित करती है जहाँ यौन सहमति नहीं दी जा सकती।
"उदाहरण के लिए, किसी भी कारण से नशे में या बेहोश होने पर, या [द्वारा] अत्यधिक बौद्धिक अक्षमता वाले किसी व्यक्ति द्वारा, जो समझ नहीं सकता कि वे क्या कर रहे हैं और अनुमति देने में असमर्थ हैं । और कानून के तहत, 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चे सहमति देने में असमर्थ होते हैं।" वकील और लेखक माइकल ब्रैडली कहते हैं।
श्री ब्राडली यह भी कहते हैं कि बलात्कार पर या ऐसी जहां डर या दबाव के कारण सहमति प्रतीत होती है, तो ऐसी स्थितियों में कानूनी व्यवस्था में कुछ समस्या वाले क्षेत्र हैं।
यह एक उस ग्रे क्षेत्र में पहुँच जाता है जहाँ किसी की इच्छा दबाव, बल या ज़बरदस्ती के कारण हावी हो जाती है। यह परिवार और घरेलू हिंसा के संदर्भ में एक विशेष रूप से कंटकीय विषय है।
"यदि कोई व्यक्ति एक ज़बरदस्त नियंत्रण संबंध में है जिसमें यौन ज़बरदस्ती शामिल है, तो हालांकि वे व्यावहारिक रूप से सक्रिय रूप से सहमति दे सकते हैं, लेकिन यह वास्तव में इसलिये है क्योंकि उन्हें पक्का नहीं है कि उनके पास एक सुरक्षित विकल्प है या उनमें स्वतंत्र इच्छा की कोई क्षमता भी है। तो इस स्थिती में यह सहमति नहीं है।"
यौन सहमति शिक्षा
इस वर्ष (2023) से यौन सहमति मांगने, देने और अस्वीकार करने के पहलू ऑस्ट्रेलियन नेशनल करीकुलम (Australian National Curriculum) के अनिवार्य तत्व बन गए हैं। यह निर्देश इस आलोचना की प्रतिक्रिया के रूप में आया है जिसमें कहा गया था कि कामुकता की समकालीन धारणाओं और यौन शोषण की रोकथाम पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया था।
नए पाठ्यक्रम का उद्देश्य आयु-उपयुक्त तरीके से सहमति और सम्मानजनक संबंधों को पढ़ाना है और इसमें ज़बरदस्ती और शक्ति के असंतुलन को शामिल किया गया है। यह पुरुषों और महिलाओं पर रखी गई पारंपरिक सांस्कृतिक अपेक्षाओं में अंतर सहित लैंगिक रूढ़िवादिता को भी उजागर करता है।
रिची हार्डकोर एक शिक्षक और कार्यकर्ता हैं जिनके पास परिवार और यौन हिंसा की रोकथाम में काम करने का वर्षों का अनुभव है। वह ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के स्कूलों में स्पष्ट यौन शिक्षा और सहमति कार्यक्रम प्रदान करते है।
उनका मानना है कि सांस्कृतिक मानदंडों के बीच एक विसंगति है जो टैबू और कलंक के कारण सेक्स के बारे में खुले तौर पर बोलने को हतोत्साहित करती है, विज्ञापन में महिलाओं की यौन वस्तुकरण, जबकि बच्चे तेजी से स्पष्ट और अक्सर हिंसक अश्लील सामग्री का ऑनलाइन उपयोग करते हैं।

"अक्सर लिंग विषम तरीके से. संस्कृति यौन आक्रामकता और यौन प्रभुत्व को सामान्य बनाती है। लड़कों और पुरुषों का अक्सर महिलाओं और लड़कियों पर अधिकार होता है। ” वे कहते हैं।
"हमें वास्तव में यौन स्वायत्तता और यौन एजेंसी और आपसी यौन सुख के बारे में और सेक्स के अच्छे पक्ष के बारे में बात करने के लिए बेहतर काम करने की ज़रूरत है । उतना ही जितना कि इसके नुकसान से बचने के लिए बात करनी चाहिये।"
सेक्स एक अद्भुत मानवीय अनुभव है और... किसी को भी शारीरिक रूप से भावनात्मक या आध्यात्मिक रूप से आहत नहीं होना चाहिए।Richie Hardcore, sexual education provider and activist
यह देखते हुए कि यौन सहमति वापस लेने योग्य है, और पीढ़ियां अपनी अंतरंग बातचीत के दौरान यौन सहमति मांगने के लिए अनिच्छुक हो गई हैं, इसका मतलब है कि कई यौन सम्बन्ध अनजाने में गैर-सहमति वाले हो सकते हैं।

"जब हम बलात्कार के बारे में बात करते हैं, तो हम अक्सर सोचते हैं कि कोई व्यक्ति चाकू लेकर झाड़ियों से बाहर आता है और किसी को घसीट कर ले जाता है... लेकिन अधिकांश यौन हिंसा किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा की जाती है जो पीड़िता को जानता है, या डेट पर जाने वाले लोग, या यहां तक कि रिश्तों में भी। तो, हम कैसे सुनिश्चित करें कि लोगों को अहिंसक, पारस्परिक रूप से सुखद, सहमति से यौन अनुभव हो रहे हैं?” वह प्रश्न करते है।
जैस हिल के लिए, सहज महसूस करते हुये यौन सहमति के लिए पूछना, सेक्स को लेकर सांस्कृतिक रूप से थोपी गई शर्म को तोड़ना, लिंग संबंधी यौन अपेक्षाओं को अद्यतन करना और स्त्रीत्व और पुरुषत्व की पुरातन धारणाओं से बाहर आना शामिल है।
"महिलाओं और पुरुषों के लिए यह कोई छोटा काम नहीं है। इसलिए हां कहना भी उतना ही जरूरी है जितना कि ना कहना।”
यदि आपको भावनात्मक सपोर्ट की आवश्यकता है, तो आप 1800RESPECT, लाइफ लाइन (Lifeline) से 13 11 14 पर या बियॉन्ड ब्लू से 1800 22 46 36 पर संपर्क कर सकते हैं।
आस्किंग फॉर इट Asking For It का प्रीमियर गुरुवार 20 अप्रैल को रात 8:30 बजे एसबीएस और एसबीएस ऑन डिमांड पर होगा। तीन भाग की यह श्रृंखला साप्ताहिक है।





