स्वयं को चोरी से बचाने के लिए कानूनी रूप से किस हद तक जा सकते हैं ऑस्ट्रेलियाई?

Robber breaking in house

The key element in the robbery is that the victim is directly confronted or threatened during the commission of the crime. Credit: South_agency/Getty Images

ऑस्ट्रेलिया में डकैती सिर्फ़ चोरी का कृत्य ही नहीं होती; इसकी ख़ास कानूनी परिभाषाएं और सज़ाएं होती हैं। इस एपिसोड में हम ऐसे अपराधों के प्रकारों की बात करते हैं, जिनमें चोरी भी शामिल है। इसका कानूनी मतलब क्या होता है? आप खुद की सुरक्षा कैसे कर सकते हैं? और अगर आपके साथ ऐसा हो जाए तो आपको कौन-कौन सी मदद मिल सकती है?


मुख्य बिंदु
  • डकैती के दौरान पीड़ित से सीधे तौर पर सामना किया जाता है या उसे धमकाया जाता है।
  • चोरी और डकैती के बीच मुख्य अंतर यह है कि चोरी में सीधी धमकी या हिंसा शामिल नहीं होती।
  • आत्मरक्षा के दौरान जो बल आप इस्तेमाल करते हैं, वह संकट के हिसाब से संतुलित होना चाहिए।

अगर आपके घर या व्यापारिक जगह में कभी चोरी नहीं हुई है, तो खुद को किस्मतवाला समझिए।

चोरों को बाहर रखना ही सबसे ज़रूरी बात है — ताले बनाने वाले विशेषज्ञों, सुरक्षा सलाहकारों, और ऑस्ट्रेलिया में लंबे समय से रह रहे लोगों से यही बात आप बार-बार सुनेंगे।

ऑस्ट्रेलियाई कानून के अनुसार डकैती क्या होती है?

ऑस्ट्रेलिया में डकैती केवल चोरी के कृत्य को ही नहीं कहा जाता; इसकी एक ख़ास कानूनी परिभाषा हैं, जिनके आधार पर इसके अलग परिणाम होते हैं।

सिडनी के आपराधिक वकील एलेक्स काओ के अनुसार, डकैती में बलपूर्वक या ज़ोर-ज़बरदस्ती की धमकी देकर किसी और की संपत्ति चुराना शामिल होता है।

डकैती की सबसे अहम बात यह होती है कि अपराध के दौरान पीड़ित से सीधे तौर पर सामना किया जाता है या उसे धमकाया जाता है।

वहीं दूसरी ओर, चोरी की परिभाषा अलग-अलग राज्यों में थोड़ी अलग हो सकती है, लेकिन आम तौर पर इसका मतलब होता है किसी की संपत्ति को बिना उसकी इजाज़त के और बिना ज़बरदस्ती के ले जाना। चोरी और डकैती के बीच मुख्य अंतर यह है कि चोरी में सीधी धमकी या हिंसा शामिल नहीं होती।

श्री काओ एक और मिलते-जुलते अपराध की श्रेणी को भी समझाते हैं: सेंधमारी यानी बर्गलरी।

"सेंधमारी (बर्गलरी) तब होती है जब कोई व्यक्ति किसी इमारत या बंद जगह — जैसे कि घर, दुकान या गोदाम — में मालिक की इजाज़त के बिना इस इरादे से घुसता है कि वह वहां कोई अपराध करेगा। आमतौर पर यह चोरी होती है, लेकिन इसमें तोड़फोड़ या हमला जैसे अपराध भी शामिल हो सकते हैं," श्री काओ कहते हैं।

shoplifter in the electronic store supermarket stealing new gadget f
Theft involves taking someone else's property without their consent and without using force. Source: iStockphoto / Михаил Руденко/Getty Images/iStockphoto

"ये तो बस मौके का फ़ायदा उठाना था"

मेलबर्न निवासी तेज पनेसर के साथ 2023 में ऐसा ही एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। अच्छी बात ये रही कि चोरी के समय वे और उनका परिवार घर पर नहीं थे।

"वो [चोर] सामने का दरवाज़ा नहीं खोल पाए, पीछे का दरवाज़ा भी नहीं खोल पाए, क्योंकि घर की सुरक्षा बहुत मज़बूत थी। लेकिन वो रसोई की खिड़की से अंदर आ गए, और ऐसा लग रहा था कि सबसे पहले उन्होंने सुरक्षा उपकरणों को हटाया, और उन्हें रसोई के सिंक में फेंका और नल खोल दिया," श्री पनेसर बताते हैं।

श्री पनेसर बताते हैं कि वे अक्सर कीमती सामान लॉकरों में रखते हैं। लेकिन कभी-कभी जब शादी या कोई आयोजन होता है, तो कुछ गहने घर ले आते हैं।

"तो ये बस मौके का फायदा उठाया गया था, लेकिन बहुत चालाकी से किया गया। यही पुलिस का आंकलन है। वो सीधे हमारे बेडरूम में गए, टॉल बॉय खोला, गहनों से भरा डब्बा उठाया और चले गए," मिस्टर पनेसर कहते हैं।

उनके और उनके परिवार के लिए यह नुकसान मानसिक और आर्थिक दोनों रूपों में भारी था।

"अब हम सब अकेले घर पर रहने से बहुत डरते हैं। हम हमेशा ध्यान रखते हैं कि घर में एक से ज़्यादा लोग हों। रात को सोते समय अपने बेडरूम को लॉक कर लेते हैं। क्योंकि अगर उस वक्त हम घर पर होते, तो हमें नहीं पता कि हम पर हमला होता या नहीं।"

High Angle View of Two Robbers Robbing a Cash Till and Threatening a Shop Assistant with a Gun
The force you use to defend yourself from thieves must be proportionate to the threat. Credit: Flying Colours Ltd/Getty Images

आत्मरक्षा

अपने आप को और अपनी संपत्ति को डकैती से बचाना ज़रूरी है, और कई बार यह एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया हो सकती है। लेकिन ऑस्ट्रेलिया में अगर आपके घर में घुसपैठ हो जाए, तो आप कानूनन किस हद तक जाकर अपनी रक्षा कर सकते हैं?

आपराधिक वकील एलेक्स काओ बताते हैं कि आत्मरक्षा से जुड़े कानून अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में थोड़े अलग हो सकते हैं, लेकिन कुछ मूल बातें सभी जगह एक जैसी हैं।

"आपको यह विश्वास होना चाहिए कि जो कदम आप उठा रहे हैं, वो खुद को या दूसरों को बचाने के लिए ज़रूरी हैं। जो बल आप इस्तेमाल करते हैं, वह संकट के हिसाब से संतुलित होना चाहिए। जानलेवा बल तब ही उचित होता है जब आपकी जान पर तुरंत खतरा हो। एक बार खतरा टल जाए, तो आप हमला जारी नहीं रख सकते," वे कहते हैं।

श्री काओ की सलाह है कि अगर आपको लगे कि आपके घर या व्यापारिक जगह में घुसपैठ हो रही है, तो अंदर न जाएं और तुरंत पुलिस को ट्रिपल ज़ीरो (000) पर कॉल करें।

अपराध के शिकार लोगों के लिए सहायता

डकैती का सामना करना एक झकझोर देने वाला अनुभव हो सकता है। अच्छी बात यह है कि ऑस्ट्रेलिया में पीड़ितों की मदद के लिए कई व्यवस्थाएं मौजूद हैं।

सारा क्विक साउथ ऑस्ट्रेलिया में पीड़ित अधिकारों की तीसरी कमिश्नर हैं।

वे कहती हैं कि सही समय पर सही मदद मिलना बहुत ज़रूरी होता है, और ये जानना भी अहम है कि उस मदद तक कैसे पहुंचा जाए — क्योंकि इससे पीड़ितों की दीर्घकालिक पीड़ा और मानसिक असर को कम किया जा सकता है।

"आमतौर पर हिंसक अपराधों के पीड़ितों को मुफ्त काउंसलिंग मिल सकती है। यह प्रक्रिया हर राज्य में थोड़ी अलग हो सकती है, लेकिन ज़्यादातर मामलों में या तो काउंसलिंग मुफ्त होती है या उसके लिए फंडिंग दी जाती है," सारा क्विक बताती हैं।

वे आगे कहती हैं कि डकैती जैसे अपराधों का आर्थिक असर भी हो सकता है, जिसमें आमदनी का नुकसान भी शामिल है। हर राज्य और क्षेत्र में आर्थिक सहायता या मुआवज़े की अलग योजना होती है, और उसका कवरेज अलग-अलग हो सकता है।

हालांकि, ज़्यादातर राज्य और क्षेत्र चोरी हुए सामान या संपत्ति के नुकसान के लिए मुआवज़ा नहीं देते।

"पीड़ित चोरी हुए सामान के लिए मुआवज़ा नहीं मांग सकते। मुआवज़ा आम तौर पर उन्हीं मामलों में दिया जाता है जहां किसी व्यक्ति को किसी हिंसक घटना की वजह से शारीरिक या मानसिक नुकसान हुआ हो," वह समझाती हैं।

Neighbourhood Watch Victoria.jpg
Neighbourhood Watch Victoria is a community-led crime prevention organisation, and similar groups exist nationwide.

सुरक्षित रहना

बैंबी गॉर्डन नेबरहुड वॉच विक्टोरिया की मुख्य सचिव हैं। वे ऐसे अपराधों को रोकने के उपाय बताती हैं जो "मौकों पर आधारित" हों।

"हम अगर वो मौके ही हटा दें, तो अपराध को अंजाम देना थोड़ा और मुश्किल हो जाएगा। ये बहुत ही आसान चीज़ों से शुरू होता है — जैसे हमेशा अपने घर का आगे और पीछे का दरवाज़ा लॉक करके रखना, चाहे आप घर के अंदर ही क्यों न हों। घर के आसपास झाड़ियों को छोटा काट कर रखना ताकि कोई उनके पीछे छिप न सके। क्योंकि आप चाहते हैं कि आपके पड़ोसी आपकी निगरानी में मदद करें," सुश्री गॉर्डन कहती हैं।

नेबरहुड वॉच विक्टोरिया एक सामुदायिक पहल पर आधारित अपराध-रोकथाम संगठन है, और ऐसे ही कई समूह पूरे देश में मौजूद हैं। इसका मुख्य उद्देश्य है सामाजिक जुड़ाव को मज़बूत करना — ताकि लोग अपने पड़ोसियों को जानें, संदिग्ध गतिविधियों पर नज़र रखें, और एक-दूसरे की मदद करें।

यह संगठन एक ऑनलाइन टूल भी प्रदान करता है जिससे आप अपने घर, व्यापार या कार की सुरक्षा की जांच कर सकते हैं। यह टूल पांच भाषाओं में उपलब्ध है। इस सुविधा के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए How Safe Is My Place वेबसाइट पर जाएं।

अपने राज्य या क्षेत्र में पीड़ितों के अधिकारों से जुड़ी जानकारी के लिए नीचे दिए गए संबंधित संगठन से संपर्क करें।

ACT Victim Support, Human Rights Commission www.hrc.act.gov.au/victim-support  (02) 6205 2222 
NSW  Victim Services  victimsservices.justice.nsw.gov.au Victim Access Line 1800 633 063  Aboriginal Contact Line 1800 019 123  
NT Victims of Crime NT  victimsofcrime.org.au/ 
Qld  Victim Assist Queensland  www.qld.gov.au/law/crime-and-police/victim-assist-queensland 1300 546 587 
SA  Victims of Crime SA  voc@sa.gov.au  (08) 7322 7000 
Tas  Victims Support Services  www.justice.tas.gov.au/victims/home 1300 300 238  
Vic  Victims of Crime  www.victimsofcrime.vic.gov.au 1800 819 817  
WA  Victim Support Services  www.wa.gov.au/service/community-services/counselling-services/victim-support-service 1800 818 988 or (08) 9425 28 50  

ऑस्ट्रेलिया एक्सप्लेंड पॉडकास्ट को सब्सक्राइब करें या फॉलो करें, ताकि ऑस्ट्रेलिया में अपनी नई ज़िंदगी बसाने से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी और सुझाव प्राप्त कर सकें।

कोई सवाल या विषय सुझाव है?

हमें पर ईमेल भेजें।

हमसे जुड़िये जब आप चाहें एसबीएस हिन्दी पॉडकास्ट कलेक्शन, एसबीएस ऑडियो ऐप, एसबीएस साउथ एशियन के यूट्यूब चैनल, फेसबुक या इंस्टाग्राम पर। आप हमें लाइव सुन सकतें हैं हर शाम 5 बजे डिजिटल रेडियो, टीवी चैनल 305, एसबीएस ऑन डिमांड, या हमारी वेबसाइट पर भी।


Share
Download our apps
SBS Audio
SBS On Demand

Listen to our podcasts
Independent news and stories connecting you to life in Australia and Hindi-speaking Australians.
Ease into the English language and Australian culture. We make learning English convenient, fun and practical.
Get the latest with our exclusive in-language podcasts on your favourite podcast apps.

Watch on SBS
SBS Hindi News

SBS Hindi News

Watch it onDemand