खास बातें:
- ऑस्ट्रेलियाई स्कूलों में प्रीस्कूल से लेकर 12 साल के अंत तक यौन स्वास्थ्य पढ़ाया जाता है।
- आयु-उपयुक्त लिंग संबंधी अवधारणाओं को बाल विकास सिद्धांत के अनुसार पढ़ाया जाता है
- विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि माता-पिता अपने बच्चों के साथ अक्सर यौन स्वास्थ्य के बारे में बात करें
- ऑस्ट्रेलिया में यौन शिक्षा के संसाधनों की प्रचुर उपलब्धता के बावजूद, कई किशोर इंटरनेट, अपने दोस्तों या जीपी के माध्यम से जानकारी प्राप्त करते हैं
यौन स्वास्थ्य हर व्यक्ति के समग्र जीवन और कल्याण का हिस्सा है। इसमें बच्चे के वयस्कता, स्वच्छता, अंतरंगता और स्नेह के विकास के पहलू शामिल हैं। यह सकारात्मक और स्वस्थ संबंधों को बनाए रखने की आधारशिला भी है।
प्रीस्कूल से लेकर वर्ष 12 तक ऑस्ट्रेलियाई स्कूलों में यौन स्वास्थ्य पढ़ाया जाता है।
राष्ट्रीय पाठ्यक्रम, बाल विकास सिद्धांत पर आधारित है, जो अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक मानकों के अनुसार मानव परिपक्वता के शारीरिक, भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक चरणों पर विचार करके लागु होता है।
एनएसडब्ल्यू शिक्षा विभाग के एक माध्यमिक स्कूली शिक्षा सलाहकार रेनी वेस्ट बताती हैं, "यह अलग-अलग उम्र के बच्चों के लिए यौन विकास के साक्ष्य का अनुसरण करता है।"
"कामुकता शिक्षा पर संसाधन यूनेस्को के अंतर्राष्ट्रीय मार्गदर्शन पर आधारित हैं, जिसका मूल्यांकन दशकों से यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया है कि क्या पढ़ाया जाना चाहिए,ताकि यह सुनिश्चित हो कि यह सभी तरह के छात्रों को शामिल करता है।"
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छात्र कब और क्या सीखते हैं
किंडरगार्टन में, बच्चे शरीर के अंगों और उनके कार्यों के लिए सही नाम सीखकर शुरुआत करते हैं।
प्राथमिक विद्यालय में, उन्हें प्रजनन स्वास्थ्य सिखाया जाता है कि यौवन के दौरान शरीर कैसे बदलता है, और मासिक धर्म।
माध्यमिक विद्यालय में, गर्भाधान, गर्भावस्था, यौन व्यवहार, गर्भनिरोधक, और यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) के लिए पढ़ाया जाता हैं। जैसे-जैसे छात्र परिपक्व होते हैं, उन्हें रिश्तों, सहमति और अंतरंगता के बारे में अधिक जटिल विषय भी सिखाए जाते हैं।
"वे गोपनीयता और शरीर की स्वायत्तता के पहलुओं और सुरक्षात्मक व्यवहारों के बारे में सीखते हैं", सुश्री वेस्ट कहती हैं।

सुश्री वेस्ट बताती हैं कि शिक्षक विविधता और समावेश के समुदायों के मूल्यों को संतुलित करते हुए पाठ्यक्रम को अपने स्कूल के सांस्कृतिक और धार्मिक संदर्भ में अनुकूलित करते हैं।
"हमारी कक्षाओं में अधिकांश युवा, उम्र की परवाह किए बिना, जिज्ञासु होते हैं। वे सिर्फ यह जानना चाहते हैं कि उनके साथ जो हो रहा है वह सामान्य है और अन्य लोग भी इसका अनुभव कर रहे हैं, ”वह कहती हैं, स्कूल अक्सर उन मुद्दों पर चर्चा करने का मंच बन जाता है जो घर पर वर्जित या अनकहे रहते हैं।
प्रभावी सेक्स शिक्षा से सेक्स की समझ आ जाती है। जितनी जल्दी हम पढ़ा सकते हैं और जितना अधिक हम सिखा सकते हैं, वे उतने ही अधिक सूचित होते हैं, और वे बेहतर निर्णय लेते हैं।Renee West, PDHPE Advisor Secondary Education, Educational Standards Directorate

कैथी जेमैटिस न्यू साउथ वेल्स शिक्षा विभाग में माध्यमिक शिक्षार्थियों के लिए पाठ्यक्रम निदेशक के रूप में काम करती है। वह कहती हैं कि माता-पिता को स्कूलों के साथ मिलकर बच्चों को घर पर इस विषय पर बात करने के लिए एक सुरक्षित स्थान प्रदान करना चाहिए, ताकि बच्चे अपने स्वयं के यौन स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता और संबंधों पर चर्चा करने के लिए सहज और खुद में आत्मविश्वास महसूस करें।
यदि बच्चे सुरक्षित महसूस नहीं करते है, तो संभावना है कि वे अपने प्रश्नों के उत्तर ऑनलाइन देख सकते हैं, और उन्हें सही जानकारी नहीं मिल सकती है।Cathy Zemaitis, Director of Curriculum for Secondary Learners, NSW Department of Education.
जीपी की मदद लेना
जो माता-पिता यौन स्वास्थ्य के मामलों पर चर्चा करने के बारे में अनिश्चित महसूस करते हैं, वे अपने बच्चों के स्कूलों से सहायता ले सकते हैं। वे अपने फैमिली डॉक्टर या जीपी से भी सलाह ले सकते हैं।
डॉ मैगली बर्रेरा 30 वर्षों से पश्चिमी सिडनी में एक जीपी के रूप में काम कर रही हैं। डॉ बर्रेरा कहती हैं, दुर्भाग्य से, ज्यादातर किशोर सलाह मांगने अकेले आते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि वे घर पर सेक्स के बारे में बात नहीं कर सकते।
"बहुत ही कम रोगियों के पैरेन्टस् ने बात की है ... या यौन संबंधी मुद्दों के लिए परामर्श करने के लिये मां के साथ आए हैं,"
वह कहती हैं कि कई किशोर चुपके से एसटीआई परीक्षण या बर्थ कन्ट्रोल के लिये आते हैं, क्योंकि वे अपने माता-पिता से बात करने से बहुत डरते हैं या शर्मिंदा होते हैं। वह उन्हें अपने परिवार या शिक्षकों के साथ इस विषय को उठाने के लिए प्रोत्साहित करती है, खासकर जब वे 16 वर्ष से कम उम्र के हों।

डॉ बैरेरा का कहना है कि सेक्स के बारे में चुप्पी अक्सर किशोरों को दोस्तों से पूछने या ऑनलाइन जवाब तलाशने के लिए प्रेरित करती है, जिससे भ्रामक जानकारी मिल सकती है।
डॉ बैरेरा का कहना है कि अधिकांश माता-पिता अपने बच्चों के साथ यौन स्वास्थ्य पर चर्चा करने के लिए तभी आते हैं जब वे बच्चों में युवावस्था से संबंधित मुद्दों का अनुभव करते हैं।
वह कहती हैं कि उन्हें ,खुद भी अक्सर कुछ धार्मिक मान्यताओं की चुनौती का सामना करना पड़ता है। तो वह बड़े सम्मान से , तथ्यात्मक वैज्ञानिक जानकारी और प्रॉप्स के द्वारा बात करने की कोशिश करती हैं।
मैं बच्चे की जाँच से हमेशा पहले उनकी सहमति लेती हूँ। अगर वह 'न' कहते हैं तो उसका अर्थ 'नहीं' ही होता है।Dr Magaly Barrera, Family GP
वह माता पिता को मॉडल या तसवीर दिखा कर उनसे स्थिती के बारे में जानकारी लेती हैं।
"इससे उन्हें सहज होने में आसानी होती है।"
डॉ बैरेरा की सलाह हैं कि माता-पिता भ्रम से बचने के लिए चीजों को सरल और सच्चा रखकर यौन शिक्षा पर बात करें। वह कहती हैं,
"कभी उनसे झूठ मत बोलो। अगर आपको जवाब नहीं पता है, तो उसके बारे में जानकारी लें। ... ज्यादातर समय, जब आप सीधे जवाब देते हैं, तो बातचीत वहीं खत्म हो जाती है। आपको इसमें विस्तार में जाने की जरूरत नहीं है।"
पेरेंटिंग संसाधन
डेरेक मैककॉर्मैक राइजिंग चिल्ड्रन नेटवर्क Raising Children network, के निदेशक हैं, एक संगठन जो ऑनलाइन पेरेंटिंग संसाधन विकसित करता है। राइजिंग चिल्ड्रेन वेबसाइट में माता-पिता को यौन स्वास्थ्य के बारे में आयु-उपयुक्त बातचीत करने के तरीके पर मार्गदर्शन करने के लिए व्यापक संसाधन हैं।
श्री मैककॉर्मैक कहते हैं कि कई माता-पिता को लगता है कि सेक्स के बारे में बात करना चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि वे "अजीब या उन विषयों के लिए तैयार नहीं हो पाते हैं जो सामने आ सकते हैं"।
वह माता-पिता को सलाह देते हैं कि वे पहले से ही जानकारी मंगाकर खुद को तैयार करें और अपने बच्चे से पूछें कि वे विशिष्ट विषयों के बारे में पहले से क्या जानते हैं।
शिक्षा विशेषज्ञ रेनी वेस्ट उन लोगों के लिए अंतिम टिप साझा करती हैं जो शर्मिंदा महसूस करते हैं: "बातचीत करने का सबसे अच्छा समय कार में है: जब आपको एक-दूसरे को देखने की ज़रूरत नहीं है।"
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