हममें से आधे लोग मानते हैं कि अधिकतर लोगों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। वहीं, 47 प्रतिशत ऑस्ट्रेलियाई अक्सर बहुत अकेला महसूस करते हैं। क्या अच्छी तरह से असहमत होना सीखना कनेक्शन को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है?
SBS Examines से बात करते हुए, मोनाश यूनिवर्सिटी के इतिहासकार डॉ. डेनियल हेलर ने कहा कि सोशल पोलराइजेशन की वजह से बहुत से लोग अकेलापन महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "जब सबसे कट्टर लोग हावी हो जाते हैं, तो हमें अक्सर ऐसा लगता है कि हम अपने सबसे करीबी लोगों के साथ भी अपने विचार शेयर नहीं कर सकते।"
कॉग्निटिव साइंटिस्ट और साइकोलॉजी एजुकेटर डॉ. फरीद ज़ैद के साथ, हेलर ने ब्रेव कन्वर्सेशन प्रोजेक्ट (Brave Conversations Project) शुरू किया।
हम फिर से कनेक्शन बनाने का एक पुल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, असहमति के कारण नहीं, बल्कि असल में, ठीक उसी असहमति की वजह से और असहमति के माध्यम से।Dr Daniel Heller, Monash University
"disagree better, build together" टैगलाइन के साथ, यह प्रोजेक्ट छात्रों और टीचर्स को क्लासरूम में तनाव से निपटने में मदद करता है।
ज़ैद ने कहा कि यह प्रोजेक्ट तब शुरू हुआ जब दोनों ने देखा कि उनके छात्रों को एक मुश्किल बातचीत को सुलझाने में मदद की ज़रूरत है।
उनमें दूसरे के नज़रिए और दुनिया को देखने के नज़रिए को अपनाने की काबिलियत बहुत कम होती है।Dr Farid Zaid, cognitive scientist and psychology educator, Monash university
"मुझे लगता है कि इसका एक कारण यह है कि — हमारी संस्कृति असहमति, तनाव और मुश्किलों के बारे में चर्चा से दूर है।"
इस एपिसोड में, SBS Examines पूछता है — क्या हम सम्मानपूर्वक किसी से असहमत होना जानते हैं? और मुश्किल विषय पर बातचीत करने के क्या फ़ायदे हैं, भले ही हम आम सहमति पर न पहुँच पाएँ?
एसबीएस हिन्दी के सभी कार्यक्रम आप सुन सकते हैं शाम 5 बजे डिजिटल रेडियो, टीवी चैनल 305, एसबीएस ऑन डिमांड, या एसबीएस ऑडियो ऐप पर, या एसबीएस साउथ एशियन के यूट्यूब चैनल पर, या आप हमारी वेबसाइट से स्ट्रीम द्वारा हमें सुन सकतें है। आपको हमारे पॉडकास्ट एसबीएस हिन्दी पॉडकास्ट कलेक्शन पर भी मिल सकते हैं।





