दीपक मानते हैं की उनके साथ न्याय नहीं हुआ है और वेह न्यू जीलैंड से अपने हक़ की लड़ाई जारी रखेंगे.
वोलोंगोंग के एक अस्पताल में नर्स के तौर पे कार्यरत ३२ वर्षीये दीपक मनुएल की ऑस्ट्रेलिया में परमानेंट रेजीडेंसी की अर्जी दूसरी बार खारिज हो गयी है!
इमीग्रेशन विभाग ने इसका कारण दीपक के पांच वर्षीया पुत्र सेविओ की मानसिक अवस्था - microcephaly - को बताया.

अब दीपक और उनके परिवार को अगस्त २०१६ तक ऑस्ट्रेलिया छोड़ कर न्यू जीलैंड, जहाँ की उनके पास नागरिकता है, जाना पडेगा!
परन्तु दीपक मानते हैं की उनके साथ न्याय नहीं हुआ है और वेह न्यू जीलैंड से अपने हक़ की लड़ाई जारी रखेंगे.
दीपक मानते हैं की ऑस्ट्रेलिया में सेविओ के लिये ज्यादा बेहत्तर सुविधाएं हैं जो उसके मानसिक विकास में मदद करेंगी.
इस केस के बारे में अधिक जानकारी के लिये सुनिये दीपक मनुएल के साथ अमित सारवाल की भेटवार्ता.




