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पढ़ाई का तनाव और रोज़गार की कमी, अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर दोहरी मार

Accommodation provided by Services NSW
International students are under immense pressure during corona pandemic Source: SBS Hindi

कोविड के चलते कई लोग मुश्किल दौर से गुज़र रहे है लेकिन हालात इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए ज्यादा ख़राब हैं। एक तरफ महामारी के चलते पढ़ाई का नुक्सान तो दूसरी तरफ रोज़गार की कमी।


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By Vikas awana

Presented by Vikas awana

Source: SBS


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कोविड के चलते कई लोग मुश्किल दौर से गुज़र रहे है लेकिन हालात इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए ज्यादा ख़राब हैं। एक तरफ महामारी के चलते पढ़ाई का नुक्सान तो दूसरी तरफ रोज़गार की कमी।


24 साल के राहुल* के लिए यह बेहद चुनौती भरा वक़्त चल रहा है।

राहुल पिछले साल जब पढ़ने के लिए ऑस्ट्रेलिया आए थे तो उन्होंने शायद सपने में भी इस बात की कल्पना नहीं की थी की एक दिन हालात ऐसे हो जाएंगे।

राहुल के पास फिलहाल कोई स्थाई रोज़गार नहीं है और वो जैसे-तैसे अपना गुज़ारा कर रहे हैं।


मुख्य बातें:

  • रोज़गार की कमी ने बढ़ाई छात्रों की मुसीबत
  • एक तरफ पढ़ाई का तनाव, दूसरी तरफ खर्चों का बोझ
  • सरकारी मदद के बावजूद संघर्ष करने को मजबूर

उच्च शिक्षा पाने के लिए इंटरनेशनल स्टूडेंट्स ऑस्ट्रेलिया का रुख करते हैं लेकिन यहाँ पढाई और रहने का खर्चा बिना जॉब्स के निकालना बेहद मुश्किल है।

"कोरोना की वजह से मार्किट में जॉब्स नहीं हैं ऐसे में इंटरनेशनल स्टूडेंट्स को खाने का सामान और घर का किराया देना बहुत भरी पड़ रहा है", राहुल कहते हैं।

आम तौर पर इंटरनेशनल स्टूडेंट्स ऑस्ट्रेलिया में पार्ट-टाईम कार्य करते हैं।

COVID-19 की मार से पहले राहुल अपनी पढ़ाई की फीस तो नहीं पर घर का किराया और रोज़ मर्रा की ज़रूरतों का खर्चा पार्ट-टाईम जॉब से निकाल लेते थे। 

फ़रवरी 2020 में जब कोरोना का असर बाज़ार पर दिखा तो सबसे पहले राहुल जैसे इंटरनेशनल स्टूडेंट्स की नौकरियां गईं और अभी भी रोज़गार के बेहद कम अवसर मिल रहे हैं।

हालाँकि ऐसे मुश्किल वक़्त में राहत की बात यह रही की कई स्वयं सेवी संगठन राहुल जैसे छात्रों की सहायता के लिए आगे आए।

राहुल कहते हैं, "ऐसे कई स्वयं सेवी संगठन हैं जिन्होंने मार्च-अप्रैल में हमारी काफी मदद की, उन्होंने उस मुश्किल वक़्त में हमारे खाने-पीने का इंतज़ाम किया."

सिडनी एक महंगा शहर है और बिना जॉब के राहुल के समझ नहीं आ रहा था की वो घर के किराए का इंतज़ाम कैसे करेंगे।

उस वक़्त राहुल के एक मित्र ने उन्हें सर्विसेज न्यू साउथ वेल्स की एक योजना की जानकारी दी।

इस योजना के तहत कई छात्रों को मुफ्त रहने की सुविधा दी गयी जिससे इन छात्रों को फौरन राहत मिली।

वह इस मामले में भाग्यशाली रहे की उनके आवेदन को इस योजना में मंज़ूरी मिली लेकिन अब अगले महीने इस योजना की अवधि समाप्त हो रही है और राहुल एक बार फिर मुश्किल में हैं।

Accommodation provided by Services NSW
Image of accommodation provided by services NSW under International student crisis accommodation. Source: Vikas Awana
इंटरनेशनल स्टूडेंट क्राइसिस अकोमोडेशन के तहत मुझे मुफ्त अकोमोडेशन मिला जो मेरे लिए बहुत राहत लेकर आया लेकिन अब अगले महीने वो ख़त्म हो रहा है, ऐसे में अब मुझे आने वाले दिनों की बेहद चिंता है

ऐसा नहीं है की सरकार की तरफ से इनकी कोई मदद नहीं की जा रही लेकिन हालात ऐसे बने हुए हैं की हर सहायता कम साबित हो रही है।

घटते हुए कोरोना मामले एक अच्छा संकेत ज़रूर हो सकते हैं लेकिन अभी भी ज़िन्दगी को सामान्य होने में बहुत वक़्त है, ऐसे में राहुल जैसे छात्र इस समय को कैसे काटेंगे यह सवाल लगातार बना हुआ है। 

*बदला हुआ नाम

ऑस्ट्रेलिया में लोगों को एक-दूसरे से कम से कम 1.5 मीटर की दूरी बनाकर रखनी चाहिए. एक जगह कितने लोग जमा हो सकते हैं यह जानने के लिए अपने राज्य के दिशा-निर्देश देखें. यदि आपको सर्दी या फ्लू के लक्षण महसूस हो रहे हैं तो घर पर रहें और डॉक्टर से फोन पर बात करके जांच कराने का इंतजाम करें. आप कोरोनावायरस स्वास्थ्य सूचना हेल्पलाइन से 1800 020 080 पर भी संपर्क कर सकते हैं. SBS ऑस्ट्रेलिया के विविध समुदायों को नवीनतम COVID-19 विकास के बारे में सूचित करने के लिए प्रतिबद्ध है. समाचार और सूचना www.sbs.com.au/coronavirus पर 63 भाषाओं में उपलब्ध है.

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