टूटी हुईं खिड़कियां... जमीन पर जगह जगह फैला कचरा... ग्रैफिटी से सनी दीवारें...मेलबर्न के पश्चिमी हिस्से में टारनीट के एक नए हाउसिंग एस्टेट के पार्क का ऐसा हाल हो चुका है.
हालत यह है कि स्थानीय बाशिंदे तो यहां आना ही छोड़ चुके हैं क्योंकि यह जगह अब असामाजिक तत्वों की गतिविधियों का अड्डा बन चुकी है. ये आरोपित असामाजिक तत्व ज्यादातर अफ्रीकी मूल के युवा हैं जिन पर इन घटनाओं में शामिल होने का संदेह है. ये घटनाएं सिर्फ तोड़फोड़ तक सीमित नहीं रही हैं. हाल ही में मेलबर्न के एक शॉपिंग सेंटर में एक पुलिस अफसर पर हमला भी हुआ. विक्टोरिया के प्रीमयिर डेनियल ऐंड्र्यूज कहते हैं कि पुलिस इन तत्वों को पकड़ने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है. लेकिन प्रधानमंत्री मैलकम टर्नबुल इन घटनाओं के लिए प्रीमियर ऐंड्र्यूज को ही जिम्मेदार ठहराते हैं. एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि कमजोर राजनीतिक नेतृत्व के कारण इन घटनाओं से प्रभावशाली तरीके से नहीं निपटा जा सका.
विक्टोरिया की पुलिस मंत्री लीसा नेवील ने माना है कि राज्य में पुलिस युवा अपराधियों की समस्या से निपट रही है, और अफ्रीकी मूल के कुछ युवा इनमें शामिल हैं. वह कहती हैं कि सरकार कई नए कदम उठाने जा रही है जिनमें परोल की शर्तों में बदलाव आदि शामिल हैं.
विक्टोरिया के ऐक्टिंग पुलिस कमिश्नर शेन पैटन दो बातों की ओर ध्यान दिलाते हैं. वह कहते हैं कि इन युवा अपराधियों के बारे में बढ़ा-चढ़ाकर कहने से बचा जाना चाहिए और यह नहीं भूलना चाहिए कि वे एक अल्पसंख्य समुदाय का बहुत ही छोटा सा तबका हैं.
अफ्रीकन थिंक टैंक के चेयरमैन डॉ. बुरहान अहमद मानते हैं कि कुछ अफ्रीकी आप्रवासी समुदायों में यह समस्या तो है, लेकिन वह इस बात पर जोर देते हैं कि तबका बहुत छोटा है.
अहमद कहते हैं कि एक छोटा सा तबका है जो अपराध के कुचक्र में फंस गया है. स्कूल छूट जाना और बेरोजगारी दो ऐसे बड़े कारक हैं जिनका सामना समुदाय के युवा कर रहे हैं. रॉबर्ट आडुअर अफ्रीकी समुदायों के साथ मिलकर काम करते हैं. वह साउथ सूडानी गश्ती दल के सदस्य भी हैं. यह गश्ती दल युवा अपराधियों की समस्या से निपटने के लिए ही बनाया गया है. वह कहते हैं कि बार-बार गैंग शब्द का इस्तेमाल खतरनाक है. वह कहते हैं, “बहुत से अफ्रीकी लड़के एक दूसरे के साथ घूमते-फिरते हैं. यह हमारी जिंदगी जीने का तरीका है. इसे गैंग समझना ठीक नहीं है.”
मेलबर्न के साउथ सूडानी समुदाय से आने वाले एक प्रोफेशनल ऐथलीट को लगता है कि यह समस्या ज्यादा बड़ी हो गई क्योंकि विक्टोरिया के अधिकारी जरूरत से ज्यादा पॉलिटीकली करेक्ट बने रहना चाहते थे. साउथ सूडान में जन्मी सामुदायिक कार्यकर्ता नेली योआ ने मैक्वॉयरी रेडियो को बताया कि हालात बिगड़ने से पहले उन पर काबू पाना जरूरी है.
एक स्थानीय निवासी एमिली युवीले हालात पर काबू पाने की ही कोशिश कर रही हैं. जब उन्होंने देखा अफ्रीकी मूल के कुछ युवाओं के प्रति समुदाय का व्यवहार रूखा है तो वह उनके साथ काम करने लगीं. वह कहती हैं कि ज्यादातर युवा अच्छे इंसान हैं. वह कहती हैं, “ज्यादातर अच्छे लड़के हैं बस भटक गए हैं. उन्हें कुछ ऐसा देना होगा जो उन्हें व्यस्त कर सके.”
टारनीट के निवासी कहते हैं कि पार्क और कम्यूनिटी सेंटर महीनों से बेरूखी झेल रहे हैं और अक्सर वहां अकेले, खाली युवा चले आते हैं. रॉबर्ट आडुअर का सुझाव है कि इस इलाके को विक्टोरिया पुलिस के युवाओं से जुड़े कार्यक्रम ब्लू लाइट जैसी किसी योजना के लिए इस्तेमाल करना चाहिए.




