टाइम आउट सिटी लाइफ इंडेक्स के लिए 32 शहरों के 15 हजार लोगों के बीच यह सर्वेक्षण किया गया. इन शहरों में बार्सिलोना, बर्लिन, टोक्यो और न्यू यॉर्क जैसे शहर शामिल थे. मेलबर्न में रह चुके और अब सिडनी में रह रहे देबांजन बर्नजी कहते हैं कि वह सर्वे के इस नतीजे से पूरी तरह सहमत हैं. वह कहते हैं, “मेलबर्न मोस्ट लिवेबल सिटी है और इसमें कोई दोराय नहीं है.”
देबांजन जब भारत के मुंबई से ऑस्ट्रेलिया आए थे तो सबसे पहले मेलबर्न पहुंचे थे. और वहां सिर्फ आठ महीने रहने के बाद वह सिडनी आ गए. लेकिन वह आज भी मेलबर्न को याद करते हैं. वह कहते हैं, “मेरा दिल मेलबर्न में है. वहां वो कोलोनियल हैंगओवर है जो मुझे पसंद आता है. वहां की जिंदगी की अपनी रफ्तार है. ज्यादा भीड़ नहीं है. मैं सिडनी आने से पहले वहां बस छह महीने रहा और मुझे आज भी मेलबर्न याद आता है.”

उधर तरुण तुली हैं जो ऑस्ट्रेलिया में अपने पहले आठ महीने बिताने के बाद सिडनी रहने चले आए. लेकिन अपने सिडनी निवास के पहले दो महीनों में ही उन्हें मेलबर्न याद आने लगा और कुछ समय बाद वह वहीं लौट गए. वह कहते हैं, “यह दुनिया का मोस्ट लिवेबल सिटी है, मैं नहीं पूरी दुनिया कहती है. मेरे ख्याल से यह परिवार के हिसाब से अच्छा है. बच्चों के लिए बेहतर है. हां लोगों को इसका मौसम पसंद नहीं आता लेकिन मैं दिल्ली से हूं और मुझे ठंड पसंद है.”
टाइम आउट सिटी लाइफ इंडेक्स में सबसे खुश शहरों की सूची में सिडनी को 28वां स्थान मिला है. ऐसा क्या है जो मेलबर्न के लोगों को अपना शहर इतना भाता है. देबांजन कहते हैं, “मेलबर्न में शहर के दूर से दूर इलाके भी सिटी सेंटर के पास ही हैं. आधे घंटे में आप कहीं से भी सिटी सेंटर पहुंच सकते हैं.”
दूरी की शिकायत तो तरुण भी करते हैं और उन्हें लगता है कि मेलबर्न सिडनी से सस्ता भी है, “सिडनी बहुत महंगा है. और वहां अपने लिए बहुत कम वक्त मिल पाता है. अगर आपको बड़ा घर चाहिए तो आप शहर से दूर रहिए. फिर आपको ऑफिस आने जाने में टाइम लगाना पड़ेगा.”
सर्वे में शामिल मेलबर्न के लोगों में से 89 फीसदी ने कहा कि वे अपने शहर में रहना खूब पसंद करते हैं. और जब उनसे पूछा गया कि पिछले 24 घंटे से वे खुश हैं, तो 10 में से 9 लोगों ने हां कहा. तरुण कहते हैं सिडनी और मेलबर्न के लोगों में फर्क है. वह बताते हैं, “सिडनी में तो लोगों के पास टाइम ही नहीं है. हर कोई इतना बिजी है. मेलबर्न में ऐसा नहीं है. और फिर यहां का खाना... मुझे खाना-पीना पसंद है और मेलबर्न में आप कहीं बैठ जाइए, आपको लजीज खाना मिलेगा. यहां का इंडियन फूड भी गजब है.”
कुछ साल पहले इसी तरह की एक लिस्ट नैशनल ज्यॉग्रैफिक ने भी जारी की थी और उसमें मेलबर्न का नाम भी नहीं था. लेकिन अब इस तरह के सर्वेक्षणों पर मेलबर्न का राज रहता है. 2017 में द इकनॉमिस्ट पत्रिका के सर्वे में लगातार सातवें साल मेलबर्न को दुनिया का मोस्ट लिवेबल सिटी बताया गया जबकि सिडनी टॉप 10 में भी नहीं था. तरुण तुली, जो पहले मेलबर्न में रहे, फिर सिडनी में और फिर वापस मेलर्बन चले गए, उनसे हमने पूछा कि सिडनी में ऐसा क्या है जो उन्हें मेलबर्न से बेहतर लगा. एक बात तो उन्होंने कही, करियर ऑपरच्युनिटीज, जो सिडनी में ज्यादा हैं और दूसरा, ड्राइविंग. वह कहते हैं, “मेलबर्न में ड्राइविंग मुश्किल है. ट्राम लाइनों की कारण बहुत सावधान रहना पड़ता है. और यहां जीरो टॉलरेंस लिमिट है इसलिए और मुश्किल हो जाता है. न्यू साउथ वेल्स में कम से कम 10 परसेंट तो है.”
शहर सिर्फ इमारतों, सड़कों और पुलों से नहीं बनता. शहर लोगों से बनता है, उनकी भावनाओं से बनता है. और लोग अगर अपने शहर से प्यार करें, तो जाहिर है वे उसे बेस्ट भी बना लेते हैं.
आप क्या सोचते हैं, कॉमेंट कीजिए.




