दीवाने ख़ास के ठीक पीछे कतारबद्ध खूबसूरत इमारतें है उसमे एक ईमारत रंग महल भी है इसका दालान बहुत बड़ा है कई खूबसूरत खम्भों पर लहरदार मेहराबों पर इसकी छत टिकी हुई है छत पर कांच के छोटे छोटे टुकड़े लगाये गए थे जो रंग बिरंगा प्रकाश बिखेरते थे. इसी कारण इसको रंग महल ( Palace Of Colors ) भी कहा जाता था. रंग महल शाही हरम था. रंग महल को ठंठा रखने के लिए यहाँ बीचों-बीच नहर-ए-बहिश्त बहा करती थी जिसके बहाव में कमल की आकृति की एक हौज है इसी के नीचे तहखाना है जहाँ गर्मियों में हरम की महिलाएं रहा करती थी. लाल किले पर ब्रिटिश कब्जे के बाद उनकी सेना ने खूबसूरत रंग महल को रसोई घर बना दिया था. महलों की इस कतार में सबसे खूबसूरत निर्माण ख़ास महल है इसके संगमरमर से बने दालान की लम्बाई 90 लम्बे और चौडाई 67 फीट है. यहाँ से भी नहर-ए-बहिश्त बहा करती थी जिसके दोनों ओर फौव्वारे थे. इसी दालान के एक कमरे में आज भी संगमरमर का एक चबूतरा है जिस पर तख़्त-ए-ताउस रखा जाता था. किसी शायर ने तो कश्मीर की खूबसूरती पर कहा लेकिन दीवाने आम की खूबसूरती देखकर इस शेर को यहाँ उकेर दिया गया .. "गर फिरदौस बर-रूऐ जमीं अस्त... हमी अस्तो, हमी अस्तो, हमी अस्त..!!!" . (अगर इस जमीं पर कहीं स्वर्ग का अस्तित्व है, तो वो यहीं है, यहीं है औरयहीं है .!!! )....आलेख विजय जायरा , प्रस्तुतीकरण कुमुद मिरानी .
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