श्री सयानी ने भारतीय फिल्म संगीत के स्वर्णिम युग के गीतकारों और संगीतकारों की चर्चा की जिन्होंने न केवल अपनी विशेषज्ञता से इसकी गुणवत्ता को बढ़ाया बल्कि इसकी स्थायी विरासत को भी सुनिश्चित किया।
उन्होंने कहा, "उन संगीतकारों की धुनें, गीतों के बोल, पार्श्व गायकी , गीतों में भावनात्मक गहराई को दुनिया भर में उपमहाद्वीप के संगीत प्रेमियों द्वारा सराहा जाता है।"
उनका पसंदीदा गाना कौन सा है ?
एसबीएस हिंदी के साथ उनके दुर्लभ साक्षात्कार का यह भाग 2 सुनें:-
उन्होंने अपने रेडियो करियर के बारे में बात की, अपनी विनम्र शुरुआत, अपनी शुरुआती तनख्वाह और प्रिय काउंटडाउन कार्यक्रम, 'बिनाका गीतमाला' की अपार सफलता को याद किया।

सयानी ने अपने कल्ट काउंटडाउन शो 'बिनाका गीतमाला' की लोकप्रियता के बारे के कई किस्से साझा किए। उस शो के सामने आयीं चुनौतियों के बारे में बताते हुए, उन्होंने 'सरताज गीत' की प्रामाणिकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के पीछे की सावधानीपूर्वक प्रक्रिया के बारे में भी विवरण साझा किया।
अपनी प्रिय मित्र और अपनी पसंदीदा धुनों में से एक को याद करते हुए, उन्होंने प्रसारण की दुनिया में अपनी यात्रा की एक ज्वलंत तस्वीर पेश की।
किसी फिल्मी हस्ती के साथ उनका यादगार इंटरव्यू ?
यह जानने के लिए एसबीएस हिंदी के साथ उनके दुर्लभ साक्षात्कार का भाग 3 सुनें:-
साक्षात्कार के इस भाग के दौरान, उन्होंने अपने कई पसंदीदा इन्टरव्यू को याद किया।
इसके अतिरिक्त, श्री सयानी ने एक विशिष्ट अवधि के दौरान ऑल इंडिया रेडियो में संगीत न बजने के कारणों पर भी बात की।
एक आकर्षक रेडियो शो और एक कुशल प्रसारक बनने के लिए क्या करें और क्या न करें , इसके बारे में कुछ बातें भी साझा कीं।
क्या वह कोई अवसर चूक गए ?
इसके बारे में और अधिक जानने के लिए एसबीएस हिंदी के साथ उनके दुर्लभ साक्षात्कार के अंतिम भाग 4 को सुनें:-
श्री अमीन सयानी ने उन उल्लेखनीय हस्तियों के बारे में बात की, जिनका साक्षात्कार करने का अवसर न मिलने पर उन्हें खेद रहा, और उन्होंने अपने दिल के करीब एक प्रिय परियोजना के बारे में भी बात की जिसे वह करना चाहते थे।

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