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Nahargadh Fort Jaipur

Nahargarh Fort
Nahargarh Fort Source: Flickr/Piyush Kumar CC BY 2.0

नाहरगढ़ दुर्ग, जयपुर यदि आप जयपुर घूमने का मन बना रहे हैं तो गुलाबी शहर, जयपुर व आमेर किले की सुरक्षा में अरावली की पहाड़ियों पर तैनात जयगढ़ दुर्ग और नाहरगढ़ दुर्ग, पहरेदारों को देखना न भूलियेगा.ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के साथ-साथ नाहर गढ़ से सूर्यास्त और जयपुर का विहंगम ( Eye Bird View ) दृश्य दिखाई देता है. दुर्ग व उसके आस-पास की जल संचयन (Harvesting) व सरंक्षण प्रणाली अद्वितीय है और सदियाँ गुजर जाने के बावजूद भी आज भी प्रभावी व प्रासंगिक है.आलेख: विजय जयाड़ा प्रस्तुतीकरण : कुमुद मिरानी


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By Kumud Merani

Source: SBS



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नाहरगढ़ दुर्ग, जयपुर यदि आप जयपुर घूमने का मन बना रहे हैं तो गुलाबी शहर, जयपुर व आमेर किले की सुरक्षा में अरावली की पहाड़ियों पर तैनात जयगढ़ दुर्ग और नाहरगढ़ दुर्ग, पहरेदारों को देखना न भूलियेगा.ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के साथ-साथ नाहर गढ़ से सूर्यास्त और जयपुर का विहंगम ( Eye Bird View ) दृश्य दिखाई देता है. दुर्ग व उसके आस-पास की जल संचयन (Harvesting) व सरंक्षण प्रणाली अद्वितीय है और सदियाँ गुजर जाने के बावजूद भी आज भी प्रभावी व प्रासंगिक है.आलेख: विजय जयाड़ा प्रस्तुतीकरण : कुमुद मिरानी


1734 में संवाई जय सिंह द्वितीय ने जयपुर व आमेर के किले की सुरक्षा के लिए पहाड़ी पर सुदर्शन गढ़, दुर्ग का निर्माण शुरू किया . हालांकि स्थानीय भाषा में नाहर गढ़ का अर्थ बाघों का निवास (Tigers abode )है लेकिन किंवदंती है कि इस दुर्ग के निर्माण में नाहर सिंह भूमिया की आत्मा तरह-तरह के विघ्न उत्पन्न करने लगी. अत: तांत्रिकों की सलाह पर की इस दुर्ग का नाम नाहर गढ़ दुर्ग रख दिया गया.

Nahargarh Fort
Source: Flickr/lensnmatter CC BY 2.0

दुर्ग में नाहर सिंह का मंदिर भी बना है. 1882 में महाराजा राम सिंह ने किले का विस्तार किया, बाद में संवाई माधो सिंह ने 3.5 लाख रुपये की लागत से कुछ महलों का निर्माण करवाकर इसको भारतीय व पाश्चात्य स्थापत्य का सम्मिलन ( Coalition ) स्थल बना दिया.

Nahargarh Fort
Source: Flickr/Guilhelm Vellut CC BY 2.0

यहाँ आप किले में पहली बार अटैच शौचालय व स्नानागार देख सकते हैं साथ ही रसोई के धुंए की निकासी के लिए केंद्रित निकासी व्यवस्था आधुनिक चिमनी सदृश है.. 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में जनाक्रोश से बचाने के लिए, जयपुर में तैनात अंग्रेजों के परिवारों को इस दुर्ग में सुरक्षित रखा गया था


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