यह एक आम धारणा है कि ऑस्ट्रेलिया में विरोध करने का सभी को अधिकार है, लेकिन ऐसा कोई भी अधिकार ज़ाहिर तौर पर संविधान में नहीं लिखा गया है।
हमारे संविधान में स्वतंत्रता और राजनैतिक अभिव्यक्ति का अधिकार दिया गया है।
"कुछ प्रदेश जैसे एसीटी, विक्टोरिया और क्वींसलैंड, मानवाधिकार कानून लागू कर चुके हैं और शांतिपूर्वक सभा करने का अधिकार देते हैं," यूएनएसडब्ल्यू के कानून और न्याय विभाग से प्रोफेसर लूक मैकनमारा बताते हैं।
"लेकिन देश के अधिकांश हिस्सों में और राष्ट्रिय स्तर पर ऐसा कोई लिखित कानून नहीं है जो विरोध का अधिकार देता हो, फिर भी हमारी सामान्य कानून परंपरा यह है कि हम विरोध के अधिकार का समर्थन करते हैं।"
विरोध के अधिकार के मायने ऑस्ट्रेलिया भर में अलग हैं। उदाहरण के तौर पर क्वींसलैंड और वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया में खनन उद्योग प्रायः ही सार्वजानिक समीक्षा में आता है, इसलिए इन प्रदेशों में विरोध सम्बन्धी कानून अधिक कड़े हैं।
प्रदर्शन-रोधी कानूनों का विस्तार भी वृहद हो सकता है।
हालांकि प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए आप पर कानूनी कार्यवाही नहीं की जा सकती, लेकिन प्रदर्शन के दौरान अस्वीकार्य व्यवहार के लिए आप पर कानूनी कार्यवाही ज़रूर की जा सकती है।

अस्वीकार्य व्यवहार का क्या अर्थ है?
किसी के जानमाल का नुकसान करना, या किसी व्यक्ति को हानि पहुंचना जैसा असामाजिक व्यवहार अस्वीकार्य है। प्रोफेसर मैकनमारा कहते हैं कि यह सवाल दिलचस्प है की अस्वीकार्य का स्तर क्या है।
"हर व्यवहार को उसकी परिस्थिति के अनुसार समझा जाता है। मार्च, बैठक, या रास्ता-रोको प्रदर्शन, या किसी भी और विरोध प्रदर्श के दौरान स्वीकार्य व्यवहार का आंकलन मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों द्वारा किया जाता है।"
एमनेस्टी इंटरनेशनल की प्रदर्शनकारी निकिता व्हाइट का कहना है कि पोस्टर, तख्तियां, और विरोध-सम्बन्धी कलाकृतियां लेकर विरोध में जाना स्वीकार्य है, लेकिन ऐसा कुछ भी जिसे हथियार माना जा सकता है, नहीं ले जाया जा सकता।
"चाक़ू, या अग्निचमक यानी फ्लेयर्स नहीं ले जाने चाहिए। आपकी जांच के दैरान यह पकड़े जा सकते हैं," वे कहती हैं।
विरोध-भंग होना
किसी सड़क प्रदर्शन के दौरान हम सबने अपने रोज़ाना के कामों में व्यवधान झेला है। यही सरकार के ऊपर दबाव का सबसे बड़ा कारक बनता है और इसी के चलते नए प्रतिबन्ध भी लगाए जा सकते हैं।
प्रोफेसर मैकनमारा कहते हैं कि अगर हम विरोध के अधिकार के लिए समर्पित हैं तो जीवन में यह यदा-कदा के व्यवधान स्वीकारने होंगे।
यह कहना कि आम जीवन में व्यवधान विरोध के साथ निहित आता है, अतिश्योक्ति नहीं होगी।प्रोफेसर लूक मैकनमारा, कानून और न्याय विभाग, यूएनएसडब्ल्यू
"सार्वजानिक प्रदर्शन का उद्देश्य ही यह है कि किसी मुद्दे की ओर ध्यान आकर्षित किया जाए और लोगों को एक मौका मिल सके कि वे रुकें और उस विषय पर विचार करें, और प्रदर्शन के सन्देश को समझें," वे बताते हैं।
यह एक ऐसा मुद्दा है जिसपर लोगों के विचार विभाजित हो सकते हैं, और हर कानूनी क्षेत्र उन लोगों पर जुर्माना लगाता है जो बड़े व्यवधान उत्पन्न करते हैं।
ऑस्ट्रेलिया भर में व्यस्त कार्यों वाले इलाके जैसे बंदरगाह, सड़कें, लॉगिंग क्षेत्र, या लोगों को काम पर पहुँचने में बाधा पहुंचना प्रदर्शन-रोधी कानून के अंतर्गत आने वाले विषय हो सकते हैं।

डॉ सराह मोल्ड्स यूनिवर्सिटी ऑफ़ साउथ ऑस्ट्रेलिया में कानून की सहायक प्रोफेसर हैं। वे कहती हैं कि गंभीर मामलों में आप पर बड़े जुर्माने लग सकते हैं, जेल भी हो सकती है। फिर इस बात से अंदर नहीं पड़ता कि आप दूसरों की तकलीफ़ों के लिए आवाज़ उठा रहे थे।
"अब एडिलेड में किसी सार्वजानिक स्थान पर व्यवधान उत्पन्न करने के लिए तीन महीने की जेल भी हो सकती है," वे बताती हैं।
"और ये कानून अपनी पहुंच में काफी बड़ा है, इसलिए, संसद या सड़क, या किसी इमारत के सामने किए जा रहे प्रदर्शन पर यह कानून लागू किया जा सकता है।"
ऑस्ट्रेलिया में दूसरे बड़े आरोपों में बिना आज्ञा किसी की जगह में प्रवेश करना, हूलिया बदल कर विरोध करना, किसी आपातकालीन कर्मी का कार्य बाधित करना, जानमाल का नुकसान करना और धमकी भरी या आक्रामक भाषा का प्रयोग करना शामिल हैं।
असल में तो अधिकांश लोग सविनय अवज्ञा के आरोप में ही गिरफ्तार किये जाते हैं, जहां उन्होंने जानबूझ कर कानून तोड़ा होता है, जैसे किसी बिल्डिंग से खुद को चिपका लेना या किसी ब्रिज से कोई बैनर लहरा देना।
कानूनों को सुदृढ़ करना
बीते 20 सालों में ह्यूमन राइट्स लॉ सेंटर ने 34 विरोध विधेयक प्रस्तावित किये हैं जिनमें से 26 पारित भी हुए हैं। इन में से अधिकांश कानूनों ने विरोध प्रदर्शन करना मुश्किल बनाया है।
डॉ मोल्ड्स कहती हैं, "मुझे लगता है कि विरोध प्रदर्शन करने को जुर्म बनाने का यह एक तरह का चलन है।" वे आगे कहते हैं, "जिस प्रकार के व्यवहार को आपराधिक घोषित किया जा रहा है, वो ख़ास जगहों पर होता है।"
आज्ञा लेना
विरोध करने से पहले आधिकारिक अनुमति लेना ऑस्ट्रेलिया में अनिवार्य है।
अगर आप एक बड़े सार्वजानिक विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं, तो आप पुलिस या स्थानीय सरकार से लिखित अनुमति मांग सकते हैं।
"ऐसा करने से आप पुलिस के कुछ उन अधिकारों से बच जाते हैं, जो किसी विरोध प्रदर्शन को बंद करने के लिए वे प्रायः प्रयोग करते हैं," प्रोफेसर मैकनमारा समझाते हैं।
"उदाहरण के तौर पर, सही अनुमति के साथ आपको कुछ समय के लिए कोई रास्ता बंद करने की, या सड़कें बाधित करने की आज़ादी मिल सकती है, या अगर आप मार्च निकाल रहे हैं तो वह भी निगरानी के तहत की जा सकती है।"
आधिकारिक अनुमति आपको यह विश्वास देती है कि पुलिस आपके विरोध को बाधित नहीं करेगी या आपको दूसरे स्थान पर जाने को नहीं कहेंगे। बल्कि, पुलिस के रहने से आपके विरोध प्रदर्शन बिना किसी मुश्किल के पूरे हो सकते हैं, और प्रदर्शनकारी भी सुरक्षित महसूस कर सकते हैं।

तब क्या हो जब पुलिस आपको पकड़ ले?
अगर आपको गिरफ्तार कर लिया जाता है, तो एक वकील से संपर्क करें। कम्युनिटी लीगल सेंटर भी आपको सलाह दे सकते हैं, और आपके अधिकारों का रक्षण कर सकते हैं।
अधिकांश मामलों में आप पर कुछ सौ डॉलरों का जुर्माना लगाया जायेगा।
We do luckily live in a society where police and prosecutors and judges really still value this freedom and so haven't been applying the most serious penalties.Dr Sarah Moulds, Associate Professor, Law, University of South Australia
अपने अधिकारों को जानें
ऑस्ट्रेलिया भर में ह्यूमन राइट्स लॉ सेंटर, एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसी संस्थाएं, और आपकी स्थानीय काउन्सिल फॉर सिविल लिबर्टीज़आपको विरोध प्रदर्शन और सम्बंधित कानूनों की सटीक जानकारी दे सकते हैं।







