इस सप्ताह SBS मना रहा है Face Up To Racism सप्ताह। क्या आपको लगता है कि ऑस्ट्रेलिया में जातिवाद और रंगभेद पूर्ण बर्ताव होता है ? ख़ैर उस बारे में आपकी जो भी राय हो, आज ज़रा अपने ग़रेबां में झाँक कर देखें ! अनुपम शर्मा बता रहे हैं कि भारतीय फिल्मों में काफी रंगभेद और ज़ात -पात के भेदभाव देखे जाते हैं. फिल्मों की बात छोड़िये गानों में संवाद में भी रंगभेद झलकता है और गोरे रंग को अक्सर सुंदरता का मानदण्ड माना जाता है। हाँ, कुछ एक ऐसी फ़िल्में ज़रूर बनी हैं जिनमें रंग और ज़ात के भेदभावों पर सवाल उठाया गया है , जैसे फिल्म सुजाता, अंकुर या फिर आरक्षण। सुनिये भारतीय फिल्मों में रंग, ज़ात और वर्ण भेदवाव पर अनुपम शर्मा के साथ कुमुद मिरानी की ये भेंटवार्ता।
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