कला के बिना इंसान अधूरा है. कैलिग्राफर और पेंटर रियाज रफी के ये शब्द कला को इंसानी बाहुपाश में समेटने का काम करते हैं. पाकिस्तान के मशहूर आर्टिस्ट रियाज रफी संगीत की धुनों पर चित्रकारी करते हैं. वह जब एसबीएस हिंदी के स्टूडियो में आए तो उन्होंने ऐसा करके भी दिखाया. रफी का मानना है कि कला इंसान के भीतर जन्मती है. इसे ट्रेनिंग के जरिये धार दी जा सकती है लेकिन असल में इसका अंकुर भीतर ही फूटता है. वह कहते हैं कि हर बच्चा एक कलाकार है. सुनिये, कुमुद मिरानी से रियाज रफी की पूरी बातचीत...
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