गौर तालाब है कि एक ज़माना ऐसा भी था जब मुहम्मद रफ़ी, मुकेश या हेमंत कुमार को किशोर कुमार से बेहतर गायक समझा जाता था। मिसाल के तौर पर नौशाद , मदन मोहन और कुछ अन्य संगीतकारों ने ५० के दशक के दौरान किशोर से प्लेबैक नहीं करवाया। और तो और फिल्म शरारत के अभिनेता किशोर कुमार थे मगर उस फिल्म में उन पर फिल्माए गए गीत गए मोहमद रफ़ी ने। आइये और जानकारी पाएं राजा वेंकटेस्वर से।
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