झारखंड के किसान हरे राम पांडे ने एक बेसहारा नवजात बच्ची को गोद लिया, जिसे उन्होंने विकट परिस्थितियों में पाया। इसके बाद हरे राम ने उसकी पूरी देखभाल और पालन-पोषण की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली। समय के साथ, उन्होंने कई अन्य अनाथ लड़कियों को भी अपने घर में पनाह दी और उन्हें बड़ा किया। आज इनमें से कई लड़कियाँ नौकरी कर रही हैं। हरे राम आज भी उन बच्चों के लिए मौजूद हैं, जो उनके पास लाए जाते हैं। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी लड़कियों को पहचान, गरिमा और सम्मान मिले, उनके आधार कार्डों पर अपना नाम दर्ज करवाया है।
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