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वह पल कि जिसमें यस-नो का फैसला आया

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समलैंगिक शादियों को कानूनी मान्यता देने के मुद्दे पर आए पोस्टल बैलट के फैसले से भारतीय समाज में मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है.


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By विवेक आसरी

Source: SBS


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समलैंगिक शादियों को कानूनी मान्यता देने के मुद्दे पर आए पोस्टल बैलट के फैसले से भारतीय समाज में मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है.


"ऐसा तो नहीं कि इस फैसले से जिंदगी रुक जाएगी, लेकिन अच्छा नहीं लगा," भारतीय मूल की पारुल की यह प्रतिक्रिया उस बड़े तबके की हताशा को दिखाता है जो समलैंगिक शादियों को मिले समर्थन के बाद सुनाई दी.

साथ ही यह प्रतिक्रिया दिखाती है कि भारतीय समुदाय इस मुद्दे पर कैसे बंटा हुआ है. हिंदू काउंसिल ऑस्ट्रेलिया के अध्यक्ष निहाल अगर ने कहा कि यह अच्छा फैसला है. "असल मायने में विवाह तो पति-पत्नी के बीच ही होता है, नर और नारी का. लेकिन समाज की स्वतंत्रता, सरकार की सहूलियत आदि के लिए यदि पति-पत्नी नर और नारी नहीं हैं, एक ही जेंडर के हैं तब भी उनको सुविधाएं तो मिलनी चाहिए."

 

दरअसल, ऑस्ट्रेलिया में हुए पोस्टल सर्वे में 61.6 फीसदी लोगों ने कहा है कि एक कानून बनाकर समलैंगिक शादियों को कानूनी मान्यता दे देनी चाहिए. ऑस्ट्रेलियन ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के चीफ स्टैटिस्टिशन डेविड केल्श ने कहा कि 12 मिलियन से ज्यादा ऑस्ट्रेलियाइयों ने पोस्टल सर्वे में हिस्सा लिया. इतना सुनने के बाद तो लोगों के दिलों की धड़कनें और बढ़ गई थीं. 

इतना सुनने के बाद तो लोगों के दिलों की धड़कनें और बढ़ गई थीं. लाखों लोग इस ऑस्ट्रेलियन ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के चीफ स्टैटिसटीशन डेविड केल्श के इस भाषण को अपलक सुन रहे थे. और इंतजार कर रहे थे कि यह जीता या नो. पर केल्श भी लोगों का इम्तेहान लेने के मूड में थे. जैसे जैसे बेचैनी बढ़ रही थी, उनकी भूमिका लंबी होती जा रही थी. और आखिरकार वह लम्हा आया, जब डेविड केल्श ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया ने हां में वोट किया है. उन्होंने कहा, “61.6 प्रतिशत ऑस्ट्रेलियाइयों ने हां में वोट किया है.”

और ऐसा सुनते ही लोग रोने लगे. लेकिन ये खुशी के आंसू थे.

इसके बाद शुरू हुआ बधाइयों का सिलसिला. प्रधानमंत्री मैलकम टर्नबुल समेत कई राजनेताओं ने इसे अच्छा नतीजा बताया. प्रधानमंत्री टर्नबुल ने कहा कि लोगों ने प्यार के लिए वोट किया है. टर्नबुल ने अपने भाषण में उन लोगों को भी संबोधित किया जिन्होंने सर्वे में विरोध में वोट किया था.

सर्वे में लगभग फीसदी वोटर्स ने हिस्सा लिया. हर राज्य में यस वोट करने वालों की संख्या नो वोटर्स से ज्यादा है. सबसे कम यस वोट न्यू साउथ वेल्स में दर्ज हुए जहां 58 फीसदी लोगों ने पक्ष में वोट किया. एसीटी में सबसे ज्यादा 74 फीसदी लोगों ने यस वोट किया है.

ग्रीन पार्टी के नेता रिचर्ड डि नटाले ने कहा कि यह एक बड़ा नतीजा है, आने वाली पीढ़ियों के लिए भी. लेबर नेता बिल शॉर्टन तो खुशी से फूले नहीं समा रहे थे. मेलबर्न में एक समलैंगिक रैली में उन्होंने कहा, “ऑस्ट्रेलिया मैरिज इक्वॉलिटी के लिए तैयार है.”

शॉर्टन ने रैली में मौजूद लोगों से कहा कि देश पर यह सर्वे डाला ही नहीं जाना चाहिए था.

समलैंगिक शादियों के प्रमुख विरोधियों में से एक पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ऐबट ने पक्षधरों के बधाई दी लेकिन उन लाखों लोगों का धन्यवाद भी किया जिन्होंने नो वोट किया था. एक बयान जारी कर उन्होंने कहा कि लोगों ने अपना फैसला सुना दिया है और संसद को उसका सम्मान करना चाहिए. प्रधानमंत्री मैलकम टर्नबुल ने संसद से अपील की है कि क्रिसमस से पहले कानून पास कर दिया जाए.


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