Key Points
- आदिवासी और टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर ऑस्ट्रेलियाई कई अलग-अलग देशों और संस्कृतियों से मिलकर बने हैं
- स्वदेशी लोगों के संगठन और कार्यक्रम फर्स्ट नेशन के मुद्दों और लोगों से जुड़ने के रास्ते देते हैं
- अपने तरीके का ध्यान रखने में, खुले दिमाग से सुनना और सम्मान के साथ सवाल पूछना शामिल है।
- आप अपने क्षेत्र के पारंपरिक मालिकों के बारे में कैसे जान सकते हैं?
- स्वदेशी ऑस्ट्रेलियाई लोगों से कैसे जुड़ें?
- एबोरिजिनल और टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर ऑस्ट्रेलिया के बारे में भरोसेमंद जानकारी कहां मिल सकती है?
- ऑस्ट्रेलिया में होने वाले कुछ इंडिजिनस इवेंट्स और स्मरण करने वाले कार्यक्रम कौन से हैं?
- ऑस्ट्रेलिया के फर्स्ट नेशंस के लोगों का अच्छा साथी कैसे बनें?
- अगर किसी आदिवासी व्यक्ति से बातचीत में कुछ गलत कह दें तो क्या होगा?
हीलिंग फाउंडेशन की CEO, यावुरू की रहने वाली शैनन डॉडसन कहती हैं कि ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए स्वदेशी संस्कृतियों और समुदायों की विविधता को समझना ज़रूरी है।
“यह समझना है कि सिर्फ़ एक तरह की एक जैसी संस्कृति ही नहीं है। पूरे देश में सैकड़ों अलग-अलग भाषाएँ हैं।
और मुझे लगता है कि उस विशालता के बारे में खुद को शिक्षित कर पाना भी बहुत ज़रूरी है।”

आप अपने क्षेत्र के पारंपरिक मालिकों के बारे में कैसे जान सकते हैं?
एबोरिजिनल और टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर ऑस्ट्रेलिया कई अलग-अलग और खास ग्रुपस् से बना है। मिस डॉडसन कहती हैं कि अपने लोकल कम्युनिटी के साथ कनेक्शन बनाने की कोशिश करना ज़रूरी है। लेकिन आप यह किस तरह से पता लगा सकते हैं कि आप किस देश में रहते हैं?
“आजकल यह पता लगाना बहुत आसान है कि आपके इलाके में पारम्परिक स्वामी यानि ट्रेडिशनल ओनर्स कौन हैं।” वह कहती हैं।
इंडिजिनस ऑस्ट्रेलिया के मानचित्र और अपने क्षेत्र के ट्रेडिशनल कस्टोडियन के बारे में जानकारी के लिए ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ एबोरिजिनल एंड टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर स्टडीज़ Australian Institute of Aboriginal and Torres Strait Islander Studies वेबसाइट पर जाएँ।
स्वदेशी ऑस्ट्रेलियाई लोगों से कैसे जुड़ें?
अगर आप इंडिजिनस मुद्दों को सपोर्ट करने और लोगों से जुड़ने के मौके ढूंढ रहे हैं, तो आप जहां रहते हैं, उससे बेहतर कुछ नहीं है।
“देखें कि आप लोकल एबोरिजिनल ऑर्गनाइज़ेशन के साथ बेहतर रिश्ते कैसे बना सकते हैं।
“चाहे वह वॉलंटियरिंग हो, किसी तरह की मदद देना हो, या फिर अपने साथियों और परिवार के सदस्यों के साथ जानकारी शेयर करना हो।”
अपने राज्य या इलाके तक सर्च को सीमित करके, आप अपने इलाके के खास इंडिजिनस मुद्दों के बारे में जान सकते हैं।

एबोरिजिनल और टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर ऑस्ट्रेलिया के बारे में भरोसेमंद जानकारी कहां मिल सकती है?
ऐसे कई भरोसेमंद रिसोर्स हैं जिन्हें आप ऑनलाइन देख सकते हैं।
डॉडसन शुरुआत के लिये देश भर की तीन साइट्स का सुझाव देती हैं:
- द हीलिंग फ़ाउंडेशन, Healing Foundation, बच्चों को ज़बरदस्ती हटाने के इतिहास और सभी एबोरिजिनल और टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर समुदायों पर इसके लगातार असर के बारे में जानकारी के लिए।
- द ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ एबोरिजिनल एंड टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर स्टडीज़, Australian Institute of Aboriginal and Torres Strait Islander Studies, लोकल इलाकों और ट्रेडिशनल ओनर्स, भाषा और कल्चर पर रिसोर्स और ऐतिहासिक रिकॉर्ड के बारे में जानकारी के लिए।
- रिकॉन्सिलिएशन ऑस्ट्रेलिया, Reconciliation Australia ऑस्ट्रेलिया में रिकॉन्सिलिएशन प्रोसेस के बारे में जानकारी के लिए।
ऑस्ट्रेलिया में होने वाले कुछ इंडिजिनस इवेंट्स और स्मरण करने वाले कार्यक्रम कौन से हैं?
मूलनिवासियों द्वारा नेतृत्व वाले कार्यक्रमो में शामिल होने से फर्स्ट नेशंस कल्चर और कम्युनिटीज़ से जुड़ने के तरीके भी मिल सकते हैं।
डॉडसन कहती हैं, "लगभग हर राज्य और इलाके में उनके साथ जुड़ने के बहुत सारे मौके हैं।"
उदाहरण के लिए, हर साल जुलाई के पहले हफ़्ते में नेशनल NAIDOC वीक सेलिब्रेशन। National NAIDOC Week होता है।
NAIDOC सप्ताह की शुरुआत मूलनिवासी और टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर कल्चर को सकारात्मक, खुले और साझा करने के तरीके से मनाने से हुई, न सिर्फ उन कम्युनिटी के लिए, बल्कि सम्पूर्ण ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए भी ताकि वे भी इसे मना सकें।Shannan Dodson, CEO of the Healing Foundation
नेशनल रिकंसिलिएशन वीक, National Reconciliation Week, 27 मई से 3 जून तक मनाया जाता है, जो 1967 के रेफरेंडम 1967 referendum और हाई कोर्ट माबो High Court Mabo decision फैसले की वर्षगाँठ के तौर पर मनाया जाता है।
ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासियों से माफी की सालाना वर्षगाँठ Apology to Australia’s Indigenous Peoples 13 फरवरी को होती है, जो हर साल 26 मई को मनाए जाने वाले नेशनल सॉरी डे National Sorry Day, से पहले होती है।
ये दोनों ही 1800 के दशक के मध्य से लेकर 1980 के दशक तक , आदिवासी और टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर बच्चों को उनके परिवारों से ज़बरदस्ती हटा दिए जाने की ‘स्टोलन जेनरेशन’ की स्वीकारता को दर्शाते हैं।
“यह एक देश के तौर पर एक साथ आने और उन लोगों को सम्मान देने का मौका है, जिन्होंने उन पॉलिसियों की वजह से यह दुख झेला।
“और साथ ही, उस लगातार हुये आघात को समझने का भी मौका है जिसका सामना कई कम्युनिटी अभी भी कर रही हैं।”

ऑस्ट्रेलिया के फर्स्ट नेशंस के लोगों का अच्छा साथी कैसे बनें?
इंडिजिनस ऑस्ट्रेलिया के साथ जुड़ने के मौके ढूंढते समय, अपने तरीके का ध्यान रखना ज़रूरी है।
“एक इज्ज़तदार साथी बनना या कोई ऐसा व्यक्ति बनना जो ज़्यादा सीखना और जानना चाहता है, उसका मतलब है कि खुले दिमाग से सब सुनना, नेतृत्व करने के बजाय उनके साथ चलना, और यह सोचना कि आप उन इंडिजिनस आवाज़ों को कैसे बढ़ा रहे हैं, उसी तरह से जिस तरह से वे चुनते हैं और जिस पर उनका कंट्रोल है।”
डॉडसन शुरू करने के तरीके पर एक सलाह देती हैं।
“खुले दिल और खुले दिमाग से सामने आएं।
"हमारी कम्युनिटी बहुत वेलकमिंग हैं, और हम यह साझा करना चाहते हैं कि हम कौन हैं, हमारा इतिहास, हमारा कल्चर क्या है।"
अगर आप यहाँ आ सकते हैं, तो यह बेहतर रिश्ते बनाने का पहला कदम है।Shannan Dodson, CEO of the Healing Foundation

अगर किसी आदिवासी व्यक्ति से बातचीत में कुछ गलत कह दें तो क्या होगा?
दुनिया की सबसे पुरानी संस्कृतियों के बारे में जानने और कॉलोनाइज़ेशन के इतिहास के पीछे की सभी बारीकियों को समझने में समय और मेहनत लगती है।
यह समझा जा सकता है कि गैर-आदिवासी लोगों को कभी-कभी "गलत करने या गलत बात कहने" का डर होता है, डॉडसन कहती हैं।
“लेकिन मुझे नहीं लगता कि इस डर से लोगों को जुड़ने से रुकना चाहिए।
"क्योंकि उद्देश्य यही है कि स्पष्ट होना है, आत्मसात करना है, सवाल पूछना है। और ज़्यादातर लोग जानते होंगे कि यह सम्मानजनक तरीके से कैसे करना है।”
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