पर्यावरण प्रचारकों ने अदानी के लिये बैंक से लोन लेने या फेडरल सरकार के इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड से पैसा लेने के प्रयत्न पर बाधायें डाली थी। अब अदानी का कहना है कि वह इस प्रोदेक्ट का खर्च स्वयं वहन करेगे। अब इस घोषणा से पर्यावरणविद्द काफी नाराज़ हैं। पिछले महीने अदानी ने घोषणा की थी कि वह खान के उत्पाद को कम करेगेम यानि एक साल में 60 मिलियन टन का कोयला उत्पाद से घटा कर यह 10 से 15 मिलियन टन होगा जो बाद में धीरे धीरे 27 मिलियन टन प्रतिवर्ष हो जायेगा।
आस्ट्रेलियन यूथ क्लाइमेट कोलीशन की प्रवक्ता ने इस घोषणा को दुखद बताया है।
वैसे अभी इस खान के काम की औपचारिक शुरुवात से पहले कई नियंत्रक रुकावटें बरकरार हैं और अदानी को कई कॉन्ट्रेक्ट साइन करना बाकी है।
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