Critical minerals and national security: Why Australia’s strategic reserve matters

Mixture of critical minerals (United States of America definition), or critical raw materials (European Union definition). Flatlay on slate background

Mixture of critical minerals (United States of America definition), or critical raw materials (European Union definition). Flatlay on slate background Source: iStockphoto / BJP7images/Getty Images

From smartphones to defence equipment, modern technology depends on critical minerals. As global demand rises, these resources are increasingly seen as a national security priority. This podcast episode looks at why Australia is prioritising key minerals under its $1.2 billion strategic reserve and what this means for the country’s economic and strategic future.


Find all our podcasts here at: SBS Hindi Podcast Collection. You can also tune in to SBS Hindi at 5 pm on SBS South Asian on digital radio, on channel 305 on your television, via the SBS Audio app, or stream from our website.

This podcast has been transcripted using AI.

[म्यूज़िक]

जैसे-जैसे दुनिया की आबादी स्मार्टफोन, गाड़ियों के पुर्ज़ों और यहां तक कि हथियारों

जैसी तकनीकों के लिए भी महत्वपूर्ण खनिजों यानी क्रिटिकल मेटल्स पर लगातार अधिक निर्भर

होती जा रही है, वैसे-वैसे ये संसाधन राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बनते जा रहे

हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने घोषणा की है कि विदेश

के एक दशमलव दो अरब डॉलर के रणनीतिक भंडार में कुछ प्रमुख महत्वपूर्ण खनिजों को

प्राथमिकता देगी। नमस्कार, मैं हूं वृषाली जैन और अब आइए सुनते हैं इस रिपोर्ट

को। [म्यूज़िक] जैसे कि नाम से स्पष्ट है, क्रिटिकल मिनरल्स आधुनिक जगत में लगातार

अधिक अहम होते जा रहे हैं। ये खनिज उन तकनीकों की बुनियाद हैं, जिनका इस्तेमाल

दुनिया भर में अरबों लोग करते हैं, जैसे कि स्मार्टफोन्स या फिर कम्प्यूटर्स। 2026 में

ये खनिज ना केवल आर्थिक रूप से अहम हैं, बल्कि फेडरल संसाधन मंत्री मैडलिन किंग का

कहना है कि ये अपने आप में एक हथियार बन चुके हैं। उनके अनुसार, इन संसाधनों का

रणनीतिक भंडार बनाए रखना सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है।

स्पेशली इन टर्म्स ऑफ एंटीमनी,

गैलियम एंड रेयर एर्थ एलिमेंट्स, वेरी इंपॉर्टेंट विदीन द ऑकस कॉन्टेक्स्ट एज़ वेल, सो

मेकिंग श्योर दोस प्रोडक्ट्स आर अवेलेबल फॉर द बिल्ड्स ऑफ़ व्हाट आर

थ्री नेशंस ऑफ वॉक आर डूइंग इन द सबमरीन्स इज़ ऑल्सो गोइंग टू बी इंपॉर्टेंट।

गैलियम, एंटीमनी और रेयर अर्थ को ऑस्ट्रेलिया के एक दशमलव दो अरब डॉलर के

क्रिटिकल मिनरल रिजर्व के लिए प्राथमिक संसाधनों की सूची में शामिल किया गया है।

एंटीमनी का इस्तेमाल कई रक्षा संसाधनों, जैसे गोलियों को मजबूत बनाने, मिसाइल

मार्गदर्शन प्रणालियों में और नाइट विजन गॉगल्स के एक अहम घटक के रूप में किया जाता

है। वहीं, गैलियम भी सैन्य उपकरणों के लिए, खासकर उन्नत रडार प्रणालियों के एक प्रमुख

हिस्से के तौर पर, बेहद महत्वपूर्ण है। यह रणनीतिक भंडार फ़ेडरल सरकार को यह अधिकार भी

देता है कि वे ऑस्ट्रेलियाई खदानों से खनिज खरीदें और उन्हें अन्य देशों को बेच सकें।

अक्टूबर 2025 में प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीजी ने अमेरिका के ट्रंप प्रशासन के

साथ क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर किए, जो महत्वपूर्ण खनिजों से

-जुड़े सहयोग को मजबूत करता है। -वेल दिस इज़ एन एट एंड अ हाफ़

बिलियन डॉलर पाइपलाइन वी हैव रेडी टू गो!

यह आपूर्ति श्रृंखला और यह नई घोषणा अमेरिका को खनिजों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित

करने के लिए तैयार की गई है। पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इस

बारे में यह आकलन व्यक्त किया था: -अ ईयर फ्रॉम नाउ, वी विल हैव सो

मच क्रिटिकल मिनरल एंड रेयर अर्थ, यू वोंट नो व्हाट टू डू विद देम, दे विल बी वर्थ टू डॉलर।

हालांकि अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन 12 जनवरी को एयर फोर्स वन से उन्होंने

यह जानकारी दी कि इन खनिजों का इस्तेमाल किन क्षेत्रों में किया जाएगा।

आई एम गोइंग टू मेक अ ट्रिप टू डेट्रॉइट टू

टॉक अबाउट अनबिलीवबल अमाउंट ऑफ फैक्ट्रिज ओपनिंग अप ऑल ओवर द

कंट्री, मेनी ऑफ व्हिच आर कार फैक्ट्रिज। वी हैव मैन्युफैक्चरिंग ओपनिंग

-अप लेवल्स एंड नोबडी एवर सीन बिफोर। -अल्बानीजी सरकार इस क्षेत्र को समर्थन देने

के लिए कुल मिलाकर लगभग 28 अरब डॉलर की राशि विभिन्न उपायों के तहत निवेश करने जा रही

है। हालांकि, शैडो रिसोर्सेस मंत्री सूजन मैकडॉनल्ड ने स्काई न्यूज से बातचीत में

चिंता जताई है कि घरेलू नीतियां ऑस्ट्रेलिया की अंतरराष्ट्रीय योजनाओं को बाधित कर सकती

-हैं। -वी हेव बीन वॉर्निंग फॉर

इयर्स दैट लेबर नीडड्स टू बी इंश्योरिंग

द सप्लाई ऑफ क्रिटिकल मिनरल्स एंड

इंश्योरिंग माइनिंग दैट मीन्स नॉट इंट्रोड्यूसिंग लेजिस्लेशन, लाइक द पीबीसी,

इट मीन्स रिड्यूसिंग द कॉस्ट ऑफ प्रोसेसिंग एंड वी जस्ट टॉक अबाउट गैलियम फॉर सेकंड,

आई मीन, दैट इज अ बाय प्रोडक्ट ऑफ

माइनिंग एंड येट बॉक्साइट

-प्रोसेसिंग इज ऑन इट्स नीड्स। -ऑस्ट्रेलिया के अधिकांश क्रिटिकल मिनरल्स की

प्रोसेसिंग अब तक चाइना में की गई है, जिसने पिछले साल इन संसाधनों की वैश्विक

आपूर्ति श्रृंखला के लगभग 90% हिस्से पर नियंत्रण बनाए रखा था। यह निर्भरता केवल

ऑस्ट्रेलिया तक सीमित नहीं है। अन्य उन्नत अर्थव्यवस्थाएं भी इसी चुनौती का सामना कर

रही हैं, जिसके चलते जी सेवन देशों के वित्त मंत्री इस मुद्दे पर चर्चा के लिए वाशिंगटन

डीसी में एकत्रित हुए। इस बैठक में फेडरल कोषाध्यक्ष जिम चामर्ज़ भी मौजूद रहे, जहां

उन्होंने क्रिटिकल मिनरल्स की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में ऑस्ट्रेलिया की भूमिका

और चीन के एकाधिकार को चुनौती देने की उसकी क्षमता को सामने रखा। संसाधन मंत्री के

अनुसार, यह पहल वैश्विक मंच पर ऑस्ट्रेलिया की बढ़ती भूमिका का संकेत देती है।

व्हाट दिस सेज़ इज़ वाइल ऑस्ट्रेलिया इज़ नॉट अ मेम्बर ऑफ जी सेवन, बिकॉज़ ऑफ

आवर एक्स्ट्राऑर्डिनरी रिसोर्सेस सेक्टर एंड

नेचुरल एडवांटेज इन रिसोर्सेस एंड क्रिटिकल मिनरल्स, वी आर वेलकम एट दीज़ फोरम

-एज़ अ लीडर एंड क्रिटिकल मिनरल्स ग्लोबली। वहीं जापान ने रेयर अर्थ की खोज के

लिए एक जहाज रवाना किया है, ताकि क्रिटिकल मिनरल्स की प्रोसेसिंग के लिए वे चाइना पर

अपनी निर्भरता को और कम कर सकें। एसबीएस न्यूज से कैमिल बियांकी की इस खबर को

एसबीएस हिंदी से आपके लिए प्रस्तुत किया वृषाली जैन ने।

[म्यूज़िक]

END OF TRANSCRIPT

Share

Follow SBS Hindi

Download our apps

Listen to our podcasts

Get the latest with our exclusive in-language podcasts on your favourite podcast apps.

Watch on SBS

SBS Hindi News

Watch it onDemand

Watch now