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भोपाल की बेटी ने बदला अपना दर्द कविता में

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ऐश्वर्या तिवारी Credit: Aishwarya Tiwari

भोपाल की ऐश्वर्या तिवारी ने अपनी बीमारी के बावजूद अपने शौक, थिएटर, को नहीं छोड़ा। उनका जीवन एक घुटन सा था, लेकिन कविताओं में प्रेम के माध्यम से उन्होंने अपने आप को बाहर निकाला। उनकी कविता संग्रह बेस्ट सेलर बनी और 60 भाषाओं में कविताओं का अनुवाद हुआ। गुलजार से लेकर अमिताभ बच्चन, नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने उनकी प्रशंसा की। ऐश्वर्या ने प्रेम जैसे छोटे से शब्द पर 100 से अधिक कविताओं का संग्रह प्रकाशित किया है। उन्होंने उर्दू, अरबी, और पारसी भाषा में डिप्लोमा किया और इन भाषाओं में लेखकों को पढ़ा। अपनी बीमारी के कारण, जब उनको जीवन से कोई उम्मीद नहीं थी, तब उन्होंने एक नया रास्ता चुना, जो आज उनकी पहचान बन गया है।


Published

By Faisal Fareed

Source: SBS


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भोपाल की ऐश्वर्या तिवारी ने अपनी बीमारी के बावजूद अपने शौक, थिएटर, को नहीं छोड़ा। उनका जीवन एक घुटन सा था, लेकिन कविताओं में प्रेम के माध्यम से उन्होंने अपने आप को बाहर निकाला। उनकी कविता संग्रह बेस्ट सेलर बनी और 60 भाषाओं में कविताओं का अनुवाद हुआ। गुलजार से लेकर अमिताभ बच्चन, नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने उनकी प्रशंसा की। ऐश्वर्या ने प्रेम जैसे छोटे से शब्द पर 100 से अधिक कविताओं का संग्रह प्रकाशित किया है। उन्होंने उर्दू, अरबी, और पारसी भाषा में डिप्लोमा किया और इन भाषाओं में लेखकों को पढ़ा। अपनी बीमारी के कारण, जब उनको जीवन से कोई उम्मीद नहीं थी, तब उन्होंने एक नया रास्ता चुना, जो आज उनकी पहचान बन गया है।


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