खास बातें
- यदि आपका सामना घायल या बीमार वन्यजीवों से होता है, तो अपनी स्थानीय वन्यजीव बचाव सेवा से संपर्क करके विशेषज्ञ की मदद लें।
- घायल या बीमार वन्यजीवों की सहायता करते समय, अपनी और जानवर की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
- पशुचिकित्सक घायल और बीमार वन्यजीवों की स्थिती का मूल्यांकन और उपचार करते हैं, और वन्यजीव देखभालकर्ता चल रही देखभाल और पुनर्वास में सहायता करते हैं।
ऑस्ट्रेलिया दुनिया के सबसे विविध और आकर्षक वन्यजीवों का घर है, जिनमें कंगारू, वॉलबी, वॉम्बैट, पोसम, मेंढक, पक्षी, सांप और समुद्री जानवर शामिल हैं।
वन्यजीवों की प्रजातियाँ जो आप देख सकते हैं, अलग-अलग होंगी जो इस पर निर्भर होगा कि आप ऑस्ट्रेलिया में कहाँ रहते हैं। दुर्भाग्य से, वन्यजीव कभी-कभी वाहनों, बुनियादी ढांचे, या आग या बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बीमार हो सकते हैं या घायल हो सकते हैं।
यदि आपका सामना घायल या बीमार वन्यजीवों से होता है, तो यह जानना महत्वपूर्ण है कि सुरक्षित रूप से सहायता कैसे प्रदान की जाए और विशेषज्ञ की मदद कहां ली जाए, ताकि वन्यजीवों को उपचार, स्वास्थ्य लाभ और संभावित रूप से जंगल में वापस छोड़ने का सर्वोत्तम मौका मिल सके।

तानिया बिशप एक वन्यजीव पशुचिकित्सक हैं जो वन्यजीव सूचना, बचाव और शिक्षा सेवा या वायर (Wildlife Information, Rescue and Education Service या WIRES) - जो कि ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े बचाव और वन्यजीव शिक्षा और अनुसंधान संगठन है , उसके लिए काम करती हैं।
ऑस्ट्रेलिया में गाड़ी चलाते समय, विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में और विशेष रूप से सुबह और शाम के समय कार से वन्यजीवों को देखना असामान्य नहीं है, जब काफी वन्यजीव घूम रहे होते हैं।तानिया बिशप
डॉ. बिशप कहती हैं, "यदि आप बाहर कैंपिंग कर रहे हैं या एक्सप्लोर कर रहे हैं तो वन्यजीवों का सामना होने की पूरी संभावना है, और आप जितना शांत रहेंगे, आपको देखने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।"

यदि आप घायल या बीमार वन्यजीव देखते हैं, तो विशेषज्ञ की मदद लें।
डॉ. बिशप, घायल या बीमार वन्यजीवों, विशेष रूप से कंगारू, वोम्बैट या कोआला जैसी बड़ी प्रजातियों से सामना होने पर जल्द से जल्द विशेषज्ञ की मदद लेने की सलाह देती हैं।
“यह स्थानीय पशुचिकित्सक या स्थानीय परिषद रेंजर से लेकर टेलीफोन वन्यजीव देखभाल हेल्पलाइन तक हो सकता है या ऐसे मोबाइल फोन ऐप भी हैं जो आपको जरूरत पड़ने पर वन्यजीव बचाव संगठन के संपर्क में रख सकते हैं जो वन्यजीवों को बचाएंगे और उनकी देखभाल करेंगे। ऑस्ट्रेलिया में हर राज्य और क्षेत्र में वन्यजीव बचाव और देखभाल संगठन हैं, इसलिए आप जहां भी स्थित हैं, उसके लिए उपयुक्त वन्यजीव देखभाल हेल्पलाइन के लिए ऑनलाइन खोज कर सकते हैं।
यह भी महत्वपूर्ण है कि आप पहले अपनी और दूसरों की सुरक्षा के बारे में सोचें।
“विशेष रूप से यदि आपको सड़क के किनारे वन्यजीव मिलते हैं, तो यह सुनिश्चित करना हमेशा महत्वपूर्ण होता है कि आप अपनी कार को किसी सुरक्षित स्थान पर पार्क करें जहां यह आसानी से देखा जा सके और आप सुरक्षित स्थिति में हों। याद रखें कि घायल वन्यजीव डर जाएंगे और खुद का बचाव करने की कोशिश करेंगे,'' डॉ. बिशप कहती हैं।

किसी भी वन्यजीव के पास जितना संभव हो सके चुपचाप और शांत तरीके से जाना महत्वपूर्ण है ताकि उन्हें तनाव न हो । यह महत्वपूर्ण है। यदि आप इसे सुरक्षित रूप से कर सकते हैं, तो यदि संभव हो तो जानवर को तौलिये या कपड़े की टोकरी से ढक दें, जिससे उन्हें गर्मी और तनाव से कुछ राहत मिलती है और वह सांस भी लेते रह सकते है, और जितनी जल्दी हो सके मदद के लिए कॉल करें।तानिया बिशप
यदि आपका सामना किसी मृत मार्सुपियल से होता है, जो स्तनपायी प्रजातियां हैं जो अपने बच्चों को एक थैली में रखती हैं - जैसे कि कंगारू, वॉलबी, वॉम्बैट और पोसम, तो डॉ. बिशप का कहना है कि जानवर की थैली में जॉय की जांच करना महत्वपूर्ण है, यदि आप सुरक्षित रूप से ऐसा कर सकते हैं .
“थैली से जोई यानि बच्चे को केवल तभी निकालें जब उसमें स्पष्ट रूप से फर हो। यदि इसमें कोई फर नहीं है तो इसे किसी विशेष देखभालकर्ता द्वारा थैली से निकालने की आवश्यकता होगी क्योंकि उस स्तर पर उनके मुंह आमतौर पर निपल से पक्की तरह से चिपके होते हैं और हटाने से गंभीर नुकसान हो सकता है। यह महत्वपूर्ण है कि जोई को गर्म अंधेरे वातावरण में रखा जाए और जितनी जल्दी हो सके देखभाल करने वाले के पास पहुंचाया जाए क्योंकि जब जोई अपनी मां को खो देते हैं तो उन्हें बहुत अधिक आघात से गुजरना पड़ता है और अगर उन्हें और अधिक तनाव दिया गया तो वे मर सकते हैं।
अपने वाहन में एक बुनियादी वन्यजीव प्राथमिक चिकित्सा किट रखें
डॉ. बिशप का कहना है कि कुछ सामान्य रूप से उपलब्ध घरेलू सामान हैं जो आसानी से वन्यजीवों के लिए बुनियादी प्राथमिक चिकित्सा किट का हिस्सा बन सकते हैं।
“एक वन्यजीव प्राथमिक चिकित्सा किट में एक पुराना मोटा तौलिया हो सकता है जिसके कोई ढीले धागे न हों ताकि पंजे नहीं उलझे, एक कार्डबोर्ड बॉक्स या पैट बॉक्स और मोटे बागवानी दस्ताने और यदि संभव हो तो, किसी भी अनाथ जोई के लिए एक तकिया का गिलाफ। "
घायल वन्यजीवों को यथाशीघ्र पशुचिकित्सक को दिखाना चाहिए। कानून के अनुसार केवल लाइसेंस प्राप्त और प्रशिक्षित वन्यजीव देखभालकर्ताओं और पशु चिकित्सकों को ही ऑस्ट्रेलियाई वन्यजीवों की देखभाल करनी चाहिए क्योंकि इन जानवरों की ज़रूरतें बहुत जटिल हैं।

“विशेष पुनर्वास और देखभाल के साथ उनके जंगल में लौटने की कि क्या अच्छी संभावना है, यह देखने के लिए उनका मूल्यांकन किया जाता है। एक बार जब एक पशुचिकित्सक घायल वन्यजीवों का इलाज और उन्हें स्थिर कर देता है, तो उन्हें विशेष देखभालकर्ताओं के पास वापस भेज दिया जाता है जो कुछ प्रजातियों के लिए कुछ हफ्तों से लेकर एक साल या उससे अधिक समय तक उनकी देखभाल करते हैं, ”डॉ बिशप बताती हैं।
मॉर्गन फिल्पोट वायर (WIRES) के लिये एक वन्यजीव देखभालकर्ता हैं जिन्होंने घायल और बीमार वन्यजीवों की देखभाल में मदद करने में एक दशक से अधिक समय बिताया है।
“देखभालकर्ता के रूप में हमारे फोन पर हमें बचाव के लिये सूचित करने वाला एक संदेश मिलता है। और फिर आम तौर पर हम उससे संपर्क करते हैं और अधिक जानकारी लेते हैं और, आगे की प्रक्रिया करते हैं। इन जानवरों को वास्तव में मूल्यांकन के लिए बहुत जल्दी पशुचिकित्सकों के पास जाने की जरूरत है,'' श्री फिल्पोट कहते हैं।
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