Key Points
- ऑस्ट्रेलिया में 'नो फॉल्ट तलाक' है। पति-पत्नी बिना एक दूसरे की सहमति या बिना कारण बतायें तलाक के लिए आवेदन कर सकते हैं
- अधिकांश तलाक लेने वाले पति-पत्नी अदालत में जाने के बिना औपचारिक रूप से पालन-पोषण और वित्तीय मामलों को सुलझा सकते हैं
- ऑस्ट्रेलियन कानूनी प्रणाली, अदालती कार्यवाही से पहले तलाक चाहने वाले जोड़ों को मध्यस्थता के लिए प्रोत्साहित करती है
सीधे शब्दों में कहें तो तलाक विवाह का औपचारिक रूप से टूटना है। अदालत जाना आर्थिक और भावनात्मक रूप से अत्यधिक भारी पड़ता है।
बाहरी सपोर्ट के बिना परिवार सौहार्दपूर्ण वित्तीय समाधान तक पहुंचने के लिए संघर्ष का सामना कर सकते हैं।
ऑस्ट्रेलिया में, तलाक के आवेदन पर पति-पत्नी को यह साबित करना आवश्यक है कि उनकी शादी आगे चल नहीं सकती है। उन्हें 12 महीने से अधिक समय से अलग रहना और पालन-पोषण और वित्तीय व्यवस्था पर सहमत होना चाहिए।
अधिकांश तलाकशुदा जोड़ों को अदालत में जाने से पहले औपचारिक रूप से पालन-पोषण और वित्तीय मामलों को निपटाने का प्रयास करना चाहिए।
लॉ फर्म लैंडर और रोजर्स से एलेनोर लाउ का कहना हैं,
"यदि आप पैरेन्टिंग के मुद्दों के संबंध में अदालत जाना चाहते हैं, तो यह आवश्यक है कि पहले पारिवारिक विवाद का समाधान करना चाहिए। यह मध्यस्थता का एक रूप है जहां उन्हें एक पारिवारिक विवाद समाधान व्यवसायी द्वारा यह देखने में सहायता की जाती है कि क्या वे बच्चों की चल रही व्यवस्थाओं के संबंध में किसी समझौते पर पहुंच सकते हैं।"
"वित्तीय मामलों में, हम पार्टियों को पहले वैकल्पिक विवाद समाधान के लिए प्रोत्साहित करते हैं। अदालतें आजकल यह देखना चाहती हैं कि उनकी पार्टियों ने मुकदमेबाजी करने से पहले बातचीत करने की पूरी कोशिश की है।”

मध्यस्थता कैसे काम करती है
अदालत जाने में हजारों डॉलर खर्च हो सकते हैं और कार्यवाही में महीनों लग सकते हैं।
वैलेरी नॉर्टन 12 वर्षों से एक मान्यता प्राप्त फैमिली डिसप्यूट रिजोलूशन प्रक्टीशनर (Family Dispute Resolution Practitioner या एफ-डी-आर-पी ) हैं।
वह कहती हैं कि आंकड़े दिखाते हैं कि करीब 90 फीसदी तलाकशुदा पति-पत्नी बिना अदालत जाए अपने विवाद खुद ही सुलझा लेते हैं।
सुश्री नॉर्टन कहती हैं कि मध्यस्थता करने से पहले, वह प्रत्येक व्यक्ति से व्यक्तिगत रूप से मिलती हैं और केस की सफलता का आकलन करती हैं। उनकी व्यक्तिगत स्थिती को समझती हैं।
वह आकलन करती हैं कि जोड़ों के लिये मध्यस्थता कितनी उपयोगी होगी। साथ ही पता लगाती हैं कि क्या कोई मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं? या दवा, शराब या घरेलू हिंसा जैसी स्थिती तो नहीं है जो युगल को पारिवारिक विवाद समाधान प्रक्रिया के लिए छूट की श्रेणी में रखेगा।
"फिर, अगर मैं यह तय करती हूं कि, 'ठीक है, मैं यहां कुछ समानता देख सकती हूँ। यह संभव है कि वे अदालत जाने के बिना सहमत होंगे ', फिर हम सभी एक संयुक्त सत्र के लिए एक-एक करके प्रत्येक विषय पर चर्चा करने के लिए एक साथ आते हैं," वह कहती हैं।

और इन सेशनस् के दौरान, सुश्री नॉर्टन, जोड़ों और उनके वकीलों को आपस में समझौता करने में मदद करती हैं। वह उन्हें भावनात्मक परेशानियों से बचाने की कोशिश करते हुये उनका ध्यान उन व्यावहारिक बातों पर केंद्रित करती है जिससे उन्हें और यदि कोई बत्ते हैं तो उन्हे फायदा पहुँचाये।
मध्यस्थता उस बिन्दु पर पहुँचने के बारे में है जो ठीक लगे। इसमें दोनों पक्षों में समझौता करना होगा, लेकिन वह सहने योग्य है और वे दोनों यह कर सकते हैं। एक अच्छी मध्यस्थता वह है, जब दोनों को ही लगे कि यह एक उचित परिणाम है।Valerie Norton, Family Dispute Resolution Practitioner and mental health expert
संपत्ति सेटलमेंट और वित्तीय समझौते
ऑस्ट्रेलिया में 'नो फॉल्ट तलाक' है। इसका अर्थ है कि एक पति-पत्नी दूसरे की सहमति के बिना तलाक के लिए आवेदन कर सकते हैं, और उन्हें यह बताने की कोई आवश्यकता नहीं है कि वे विवाह को समाप्त क्यों करना चाहते हैं।
धारणा के विपरीत, जरूरी नहीं कि संपत्ति और एसैट्स का आधे में बंटवारा हो।
वकील एलेनोर लाउ का कहना है कि जोड़ों को कानूनी सलाह लेनी चाहिए और विशिष्ट मानदंड लागू करना चाहिए।
"एक संपत्ति निपटान में, हमें यह पता लगाने की आवश्यकता है कि विभाजित करने के लिए क्या है, इसलिए स्पष्ट रूप से ऑस्ट्रेलिया में और ऑस्ट्रेलिया के बाहर का भी धन। विभिन्न प्रकार के योगदान हैं जिन पर हम विचार और मूल्यांकन करते हैं। [ये हैं] वित्तीय योगदान, गैर-वित्तीय योगदान, और एक गृहिणी और माता-पिता के रूप में योगदान।”

वैलेरी नॉर्टन का कहना है कि यह निर्धारित करना कि प्रत्येक पति या पत्नी ने एक रिश्ते में कैसे योगदान दिया है, एक जटिल, फार्मूलाबद्ध बात हो सकती है।
"यदि कोई एक इस रिश्ते में एक मिलियन डॉलर लाता है या दूसरा कर्ज में लाया है - तो यह सोचना है जब आप अलग हो रहे हैं। दूसरी चीज है रिश्ते के दौरान आपका योगदान, और वह वित्तीय और गैर-वित्तीय दोनों है।"
ये योगदान पति या पत्नी के वेतन से परे हैं।
“यह मायने नहीं रखता कि आपने काम पर कितना पैसा कमाया, क्योंकि घर पर रहने वाले पैरेन्ट को एक सीईओ होने के बराबर माना जाता है जो एक साल में एक मिलियन डॉलर कमाता है। इसके बारे में और भी है; क्या माता-पिता ने आपको घर खरीदने के लिए पैसे दिए? या आप एक घर के लिए बचत करने के लिए उनके साथ वर्षों तक रहे? क्या आपको विरासत में मिला? इस तरह की चीजें।”
संपत्ति के निपटान में प्रत्येक पति या पत्नी की भविष्य की जरूरतों को भी ध्यान में रखना है। यह निर्धारित करने के लिए कि एसैट्स कैसे विभाजित होगें, इसमें पति या पत्नी की उम्र, कमाई की क्षमता और स्वास्थ्य जैसे अन्य पहलुओं को भी देखा जाता है।
“इसका क्या मतलब है; क्या इस मामले में कोई कारण है जो एक पार्टी को थोड़ा और अधिक प्राप्त करने का अधिकार देता है क्योंकि उस व्यक्ति को जीवन में आगे बढ़ने के लिये अधिक आवश्यकता हो सकती है?” सुश्री लाउ समझाती हैं।
“एक विशिष्ट परिदृश्य यह है जैसे; यदि एक पार्टी के पास छोटे बच्चों की प्राथमिक देखभाल है और आगे भी वह पार्टी प्राथमिक पालन-पोषण की भूमिका को जारी रखेगी, और इसलिए कार्यबल अर्जित करने, काम करने, या कार्यबल में फिर से प्रवेश करने, या अन्य पार्टी की तुलना में बहुत कम आय है। . इस प्रकार के कारण उस पार्टी के पक्ष में बन सकते हैं।”
पारिवारिक विवाद समाधान मध्यस्थता के दौरान पार्टियां वित्तीय या माता-पिता के समझौते पर पहुंच सकती हैं। वकील अक्सर इस प्रक्रिया में सलाह देंगे, या चर्चा में भी भाग लेंगे। एक बार अनुबंध हो जाता है, तो दस्तावेज़ कानूनी रूप से सहमति आदेश के रूप में दायर किए जा सकते हैं।

कानूनी सलाह और भावनात्मक सपोर्ट
सुश्री लाउ का कहना है कि तलाक ले रहे जोड़ों के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है कि वे अपनी भावनाओं को परे रखें और यथाशीघ्र कानूनी सलाह लें।
"कभी-कभी पार्टियां देरी कर देती हैं क्योंकि वे तैयार नहीं होती हैं, लेकिन मुझे लगता है कि यह जानना महत्वपूर्ण है कि आप किस स्थिती में हैं, आपके अधिकार और दायित्व क्या हैं, और फिर आप इसके बारे में सोचने के लिए कुछ समय ले सकते हैं कि आप क्या करना चाहते हैं। लेकिन मुझे लगता है कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आपको जल्द से जल्द कानूनी सलाह मिले। यह विशेष रूप से तब होता है जब विदेशी संपत्ति शामिल होती है।"
रिश्ते की शुरुआत से पहले या उसके दौरान एक बाध्यकारी वित्तीय समझौते पर (binding financial agreement) को साइन करना उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है जो किसी संभावित भावी अलगाव के तनाव से बचना चाहते हैं। बाध्यकारी वित्तीय समझौतों का उपयोग अंतिम निपटान के रूप में किया जा सकता है।

जिन लोगों के पास काफी संपत्ति नहीं है और वे निजी वकील या मध्यस्थ का खर्च नहीं उठा सकते, वे कानूनी सहायता, या सामुदायिक कानूनी केंद्रों से सलाह प्राप्त कर सकते हैं।
वे रिलेशनशिप ऑस्ट्रेलिया से भी संपर्क कर सकते हैं, जो एक सरकारी वित्तपोषित सेवा है, जो अलगाव से गुजर रहे परिवारों को सीमित कानूनी सलाह प्रदान करके और उन्हें मुफ्त, या कम लागत वाले मान्यता प्राप्त मध्यस्थों और परामर्शदाताओं से जोड़कर मदद कर सकती है।
“रिलेशनशिप ऑस्ट्रेलिया जैसी सेवा से बहुत सारी लागतें कम हो सकती हैं जो आपको वकीलों के पास जाने में खर्च करनी पड़ सकती हैं। इसलिए स्पष्ट रूप से, यदि आप अदालत जाने के साथ लगने वाली सभी कानूनी फीस का भुगतान करने से बच सकते हैं, तो अन्य चीजों से निपटने के लिए अधिक पैसा बचा है," रिलेशनशिप ऑस्ट्रेलिया से सीईओ निक टेबी का कहना हैं।
हालांकि रिलेशनशिप ऑस्ट्रेलिया अदालत में किसी का प्रतिनिधित्व तो नहीं कर सकता है, लेकिन वे मुकदमेबाजी से गुजर रहे परिवारों को भावनात्मक सपोर्ट और परामर्श सेवाएं प्रदान कर सकता हैं।
कानूनी और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तलाक लेते समय सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि बच्चें भी हैं तो उनकी भविष्य की जरूरतों और भलाई के बारे में सोचनाचाहिए।
हीलिंग प्रक्रिया में यह स्वीकार करना है कि संबंध बदलते हैं।
"कुछ रिश्ते हमेशा के लिए बने रहने के लिए नहीं होते हैं ... लोग आगे बढ़ सकते हैं और वास्तव में खुश और सफल जीवन जी सकते हैं, हो सकता है कि बाद में नए रिश्ते हों।
"इसे स्वीकार करके और तलाक के बारे में उस कलंक और शर्म को दूर करके, यह स्वीकार कर लेना कि यह वास्तव में एक सामान्य प्रक्रिया है। भावनात्मक दोषारोपण प्रक्रिया की तुलना में व्यावहारिक दृष्टिकोण से क्या किया जाना चाहिए, इस पर अधिक ध्यान केंद्रित करना है, ”श्री टेबी निष्कर्ष निकालते हुये कहते हैं।
संसाधन
- और अधिक जाने alternatives to court
- Australian Family Dispute Resolution Practitioner finder
- Family Relationships Online
- Guide to Family Dispute Resolution
- How to apply for a divorce flowchart
- Relationships Australia
भावनात्मक सपोर्ट के लिए, आप लाइफलाइन को Lifeline या बियॉन्ड ब्लू से Beyond Blue से संपर्क करें ।









