मुख्य बिंदु
- ऑस्ट्रेलिया में लागू होने वाले कानून संसद, सर्कार और अदालतों द्वारा बनाये जाते हैं।
- हमारी कानून व्यवस्था में दो समानांतर विधान और न्यायलय दर्शाते हैं कि कॉमनवेल्थ ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया राज्यों और प्रदेहों का फेडरेशन है।
- आपकी आर्थिक परिस्थिति चाहे जैसी भी हो, कानूनी सहायता और सलाह पाने के कई रास्ते आपके लिए उपलब्ध हैं।
ऑस्ट्रेलियाई कानून व्यवस्था में सम्मिलित सभी कार्यकर्ता और संस्थान न्यायसम्मत यानी कानून के नियम के अनुसार ही कार्य करते हैं।
"कानून के नियम (रूल ऑफ़ लॉ) का अर्थ यह है कि कानून सभी लोगों पर एक जैसा लागू होगा, इसे स्वतंत्र और निष्पक्ष न्यायालय लागू करेंगे, और... [कानून] एक तय प्रक्रिया के अनुसार ही पारित किये जायेंगे," यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेलबर्न लॉ स्कूल से सहायक प्रोफ़ेसर विलियम पार्टलेट समझाते हैं।

संसद द्वारा पारित विधेयकों को 'संसदीय कानून' (Acts of Parliament) कहा जाता है, जो मूलाधार कानून होते हैं। इन मूलाधार कानूनों को जिस तरह समझा जाता है, उस आधार पर न्यायलय भी कानून बनाते हैं।
"यूके, हॉन्ग कॉन्ग, न्यू ज़ीलैण्ड, जैसे अन्य पूर्व में ब्रिटिश राज के अंतर्गत आने वाले देशों की ही तरह ऑस्ट्रेलिया में भी एक सामान्य कानून व्यवस्था है। इसका अर्थ यह है कि कानून का मुख्य स्त्रोत वही विधान है जो संसद से पारित होता है। न्यायलय 'केस लॉ' बना सकते हैं, जो एक सामान्य कानून, यानी कॉमन लॉ का निर्माण कर सकते हैं। कॉमन लॉ और विधान, यानी स्टैच्यूट में हमेशा विधान को वरीयता दी जाएगी," डॉ पार्टलेट समझाते हैं।
"तो यह प्रक्रिया एक स्वतंत्र न्याय व्यवस्था के आपस के बीच का सामंजस्य है जो आखिर में कानून लागू करती है और केस लॉ बना सकती है। लेकिन विधान और नियम का मूल स्त्रोत संसद ही है।"

कुछ ऐसे भी कानून होते हैं जिन्हें 'प्रत्यायोजित' यानी डेलीगेटेड कहा जाता है। यह कानून सरकार द्वारा बनाये जाते हैं। उदाहरण के तौर पर, किसी एक्ट ऑफ़ पार्लियामेंट से पाए अधिकार के अंतर्गत कोई मंत्री नए नियम लागू करें।
फ़ेडरल और राज्यीय कानून और अदालतें
ऑस्ट्रेलिया में कुछ कानून राष्ट्रीय स्तर पर लागू होते हैं, जबकि कुछ प्रादेशिक होते हैं।
"कुछ अधिकारक्षेत्र केवल फ़ेडरल सरकार के ही होते हैं, जैसे शादी और तलाक़, टैक्स लागू करना, राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश मामले, प्रवासन, जहां संविधान के अंतर्गत केवल फ़ेडरल सरकार ही कानून लागू कर सकती है," साउथ ऑस्ट्रेलिया की लीगल सर्विसेज़ कमीशन से क्रिस स्टोन समझाते हैं।
"इसीलिए अगर आप ऑस्ट्रेलिया में रहने या पर्यटन के लिए वीसा आवेदन कर रहे हैं, तो आप कॉमनवेल्थ कानून का पालन करेंगे, न कि राज्य कानून का।"
ऐसे कानून जो अधिकारक्षेत्र के अनुसार परिवर्तित होते हैं का एक आम उदहारण है प्रदेशों के आधार पर परिवर्तित होते परिवहन नियम।
"साउथ ऑस्ट्रेलिया में रोड ट्रैफिक एक्ट लागू किया जाता है, लेकिन यह सिर्फ साउथ ऑस्ट्रेलिया में लागू होता है। तो मानिये कि अगर कोई विक्टोरिया में है तो उन्हें वहां पर लागू होने वाले नियमों का ही पालन करना होगा। यह राज्यीय कानून है," श्री स्टोन कहते हैं।

ऑस्ट्रेलिया की फ़ेडरल व्यवस्था इसकी न्यायालय व्यवस्था में भी नज़र आती है, जहां अदालतें और अधिकरण (ट्रिब्यूनल) एक अधिक्रमिक व्यवस्था के अंतर्गत काम करती हैं, और हाई कोर्ट कोई भी अर्ज़ी डालने की उच्चतम व्यवस्था होती है।
डॉ पार्टलेट कुछ उदाहरण देते हैं।
"फ़ेडरल अधिकारक्षेत्र में फैमिली कोर्ट एक अलग श्रेणी में आता है, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया में पारिवारिक कानून राष्ट्रीय अधिकारक्षेत्र के अंतर्गत आते हैं।
"राज्य स्तर पर, मजिस्ट्रेट्स कोर्ट, काउंटी कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट, कोर्ट ऑफ़ अपील, जैसी कई अदालतें हैं, जो राज्यीय कानून लागू करने की प्रक्रिया सुनश्चित करती हैं। हाई कोर्ट फ़ेडरल और राज्यीय, दोनों अदालतों की निगरानी करती है।"
आपराधिक कानून के संबंध में, अधिकांश मामले प्रादेशिक स्तर पर ही निपटाए जाते हैं। लॉ काउंसिल ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया के निर्वाचित अध्यक्ष ग्रेग मेकइन्टायर समझाते हैं कि आपराधिक मामलों में अमूमन कानूनी प्रक्रिया राज्य द्वारा ही शुरू की जाती है।
"आम तौर पर, पुलिस मामले की छानबीन करती है, जिसके बाद वे इसे सार्वजानिक अभियोजन के निदेशक के पास भेज देते हैं, और निदेशक तय करते हैं कि किसी व्यक्ति पर मुकदमा चलेगा या नहीं।"
व्यक्तियों या/और संस्थाओं के बीच कानूनी मतभेद की प्रक्रिया इससे भिन्न रहती है।

"नागरिक व्यवस्था में सरकार मामले को दायर करने वाली प्राथमिक पक्ष नहीं होती। एक वादी मामले को अदालत के सामने लाता है, जहां हर्ज़ाना या नुकसान भरना एक विकल्प होता है।"
कानूनी सहायता पाना
नागरिक मामलों से इतर, आर्थिक-सहायता प्राप्त कानूनी सहायता सेवाएं पहले आपराधिक मामलों में दी जाती हैं। इनमें हर राज्य की लीगल एड कमीशन और कॉमनवेल्थ द्वारा पोषित कानूनी सहायता शामिल हैं।
"ऐसे मामलों में जहां किसी के जेल जाने की सम्भावना हो, उन्हें वरीयता दी जाती है। या फैमिली लॉ के मामलों में जिन परिवारों के साधन सीमित हों, उन्हें वरीयता दी जाती है। नागरिक मामलों में, जहां लोग हर्जाने के लिए मुकदमा करते हैं, कानूनी सहायता मिलना आम तौर पर मुश्किल रहता है।"
अपने मामले का प्रतिनिधित्व करने के लिए किसी वकील को नियुक्त करने से पहले उनकी प्रमाणिकता ज़रूर जांच लें।
"हर कानूनी सलाहकार के लिए आवश्यक है कि प्रादेशिक कानूनों के अनुसार उनके पास प्रैक्टिस का प्रमाण-पात्र यानी सर्टिफिकेट हो," ग्रेग मैकइन्टायर समझाते हैं।
यह प्रैक्टिस सर्टिफिकेट हर अधिकारक्षेत्र की विधान संस्थाओं द्वारा ही जारी किये जाते हैं।
"आप संस्था की वेबसाइट पर जाकर यह जांच सकते हैं कि जिस व्यक्ति से आप बात कर रहे हैं उनके पास एक प्रैक्टिस सर्टिफिकेट है या नहीं, और क्या उस पर कोई अयोग्यता तो लागू नहीं की गयी है। आपको यह जानकारी प्रादेशिक बार एसोसिएशन और लॉ सोसाइटी से भी मिल सकती है।"

कुछ वकील और कानूनी फर्म ऐसे लोगों के लिए मुफ्त सेवा देते हैं जिन्हें सरकारी मदद नहीं मिल पाती। इन सेवाओं को 'प्रो-बोनो असिस्टेंस' कहा जाता है।
देशभर में सामुदायिक कानूनी केंद्र हैं। इनमें हर प्रदेश में पारिवारिक हिंसा में विशेषग्यता रखने वाली विमेंस लीगल सर्विसेज़ भी शामिल हैं। लीगल एड कमीशन के पास पात्र मामलों की सहायता के लिए भी सीमित ही संसाधन होते हैं।
लेकिन, साउथ ऑस्ट्रेलिया लीगल सर्विसेज़ कमिशन से श्री स्टोन कहते हैं कि अधिकांश मामलों में बात प्रतिनिधित्व की नहीं होती, और कई ऐसी सेवाएं हैं जो सबके लिए उपलब्ध हैं।
"ऑस्ट्रेलिया की अधिकांश लीगल एड कमीशन दूसरी तरह की सहायता, जैसे ग्रांट पर निर्भर न करने वाली सलाह सेवा मुहैय्या करती हैं।"

छोटे आपराधिक मामलों या नागरिक मामलों, जैसे छोटी रकम के जुर्मानों के लिए अदालत में पेश होना, या छोटी रकम के मतभेद पर मामला दायर होना, में व्यक्ति बिना वकील के अपना प्रतिनिधित्व खुद कर सकते हैं।
"लेकिन मैं सलाह दूंगा कि अपने मामले में अपना प्रतिनिधत्व करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह एक बार ज़रूर ले लें।"
श्री स्टोन समझाते हैं कि कानूनी सलाह खासकर तब और भी ज़रूरी हो जाती है जब आप ऑस्ट्रेलिया की कानून व्यवस्था से ठीक से परिचित न हों।
"जितना मैं जानता हूं, और बहुसांस्कृतिक पृष्ठभूमि के लोगों के साथ काम करने के अनुभव पर कह सकता हूं कि कान्नोनी व्यवस्था की समझ भिन्न हो सकती है।
"कई बार लोगों का कहीं और अनुभव नूरा रहा होता है, और उस अनुभव के आधार पर वे कानून और कानूनी व्यवस्था के प्रति एक पूर्वाग्रह बना लेते हैं। इसलिए, ऑस्ट्रेलियाई कानून व्यवस्था पर सलाह लेना हमेशा एक बढ़िया सुझाव रहता है।"
कानूनी मामलों में कई ऐसी सरकार द्वारा पोषित सेवाएं हैं जो आपकी मदद कर सकती हैं।
ag.gov.au/legal-system/legal-assistance-services पर कानूनी सहायकों की समूची सूची के लिए जाएं। इस सूची में आपको लीगल एड कमीशन और विशेषज्ञ घरेलु हिंसा कानूनी सेवाओं की जानकारी भी प्राप्त होंगी।




