Key Points
- 18 साल से कम के लोगों में वेपिंग की आदत ऑस्ट्रलिय में स-साक्ष्य दर्ज है।
- वेप उत्पादों की कला बाज़ारी नए नियमों का असर ख़त्म कर सकती है।
- अनजाने में लगी निकोटीन की आदत किशोरों के लिए वेपिंग छोड़ने की सबसे बड़ी बाधा बन सकती है।
वेपिंग उत्पादों की ऑस्ट्रेलिया में उपलब्धता दिन-पर-दिन मुश्किल की जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री मार्क बटलर ने वेपिंग को "एक बड़ा सार्वजानिक स्वास्थ्य संकट" बताते हुए "स्कूलों में व्यावहारिक समस्याओं का सबसे बड़ा कारक" कहा, जिसके चलते "एक पूरी पीढ़ी निकोटीन पर निर्भर हो गयी है।"
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, साल 2022/2023 में तीन में से एक ऑस्ट्रेलियाई माध्यमिक स्कूल के छात्र ई-सिगरेट के आदी पाए गए।
यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिडनी के स्कूल ऑफ़ पब्लिक हेल्थमें बेकी फ्रीमैन एक सहायक प्रोफ़ेसर हैं।
वे जनरेशन वेप प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रही हैं। यह एक ऐसा शोध है जो किशोरों के वेपिंग को लेकर विश्वास और व्यवहार की पड़ताल कर रहा है। बेकी कहती हैं कि किशोरों में ई-सिगरेट का प्रचलन साक्ष्य-सहित पहले ही दर्ज किया जा चुका है।
"हमें यह भी पता है कि यह आंकड़ें हाल के सालों में आसमान छू रहे हैं। यह और भी बड़े तब नज़र आते हैं जब आप कोविड काल के पहले और बाद के आंकड़ों का मिलान करें। कोविड काल में सारी स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से कोरोना पर ही केंद्रित था, और स्कूल भी बंद थे।"

हालांकि अब दवा की दुकानों के अलावा खुले में वेपिंग के उत्पाद बिकना निषिद्ध हो गया है, लेकिन प्रोफ़ेसर फ्रीमैन समझाती हैं कि सच्चाई इससे बहुत अलग है। वेपिंग उत्पाद की काला बाज़ारी इन्हें अब भी किशोरों के लिए सुलभ बनाये हुए है।
"अगर एक औसत 14-वर्षीय बच्चे को वेप आसानी से मिल जा रहा है, तो इसे सही में काला बाज़ारी भी नहीं कह सकते। यह असल में खुला बाजार है। और इसीलिए हमारा ज़्यादा ध्यान इस समय वेप की उपलब्धता पर ही केंद्रित है।"
वेपिंग उत्पाद कई सालों से बाज़ार में आते रहे हैं।
प्रोफ़ेसर फ्रीमैन मानती है कि इबके अब युवाओं प्रचलित होने का एक बड़ा कारण यह भी हैं कि इनका विज्ञापन ऐसे किया जाता है जैसे यह धूम्रपान से अलग हैं।
"किशोर खासकर धूम्रपान के विरुद्ध होते हैं। उनके मन में यह बात अच्छे से बैठ गयी है कि सिगरेट महंगी होती है, और उन पर प्रतीकात्मक चित्रण भी किया जाता है, फिर आप हर जगह सिगरेट नहीं पी सकते हैं...
"लेकिन वेपिंग को देखिये, युवा इसे [सिग्रेट के तौर पर] नहीं देखते। वे इसे सुरक्षित मानते हैं, सामाजिक रूप से स्वीकार्य समझते हैं, खेल भी समझते हैं। वेपिंग उद्योग गलत जानकारी को सफलतापूर्वक विज्ञापित कर पाया है, और यह [बात किसी के समझ नहीं आ सकी है] कि यह उत्पाद कितने नशीले और घातक हो सकते हैं।"
वेपिंग के स्वास्थ्य संकट
प्रोफ़ेसर निक ज़्वार रॉयल ऑस्ट्रेलियन कॉलेज ऑफ़ जनरल प्रैक्टिशनर्स एक्सपर्ट एडवाइजरी ग्रुप के अध्यक्ष हैं। यह समूह उन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए दिशानिर्देश तैयार करता है जो लोगों को धूम्रपान छोड़ने में मदद करते हैं।
वे कहते हैं कि अधिकांश वेपिंग उत्पादों में निकोटीन होता है, तब भी जब उनके लेबल पर यह साफ़-साफ़ लिखा नहीं होता।
"जब दवा नियम और दूसरी संस्थाओं ने उन वेपिंग उत्पादों का परिक्षण किया जिनपर लिखा था कि उनमें निकोटिन नहीं है, तो पाया गया कि 80-90 प्रतिशत उत्पादों में दरअसल निकोटिन था।"
प्रोफ़ेसर ज़्वार समझाते हैं कि बिना निकोटिन वाले वेप उत्पादों में भी स्वास्थ्य जोख़िम हैं।

"दीर्घकालिक प्रभावों में फेफड़ों और हृदय की समस्याएं शामिल हैं। हालांकि इनके पूरे प्रभाव अब भी स्पष्ट नहीं हैं।"
जब बात निकोटिन उत्पादों की हो, तो निकोटीन ही सबसे घातक तत्व होता है, खासकर युवाओं और किशोरों के लिए।
"मस्तिष्क और तांत्रिकी व्यवस्थाओं पर इसके प्रभाव को लेकर बड़ी चिंताएं जताई गयी हैं," प्रोफ़ेसर ज़्वार कहते हैं।

उपलब्ध समर्थन
ऑस्ट्रेलिया में, क्विटलाइन एक राष्ट्रव्यापी ऑनलाइन और फ़ोन समर्थन सेवा है जहां मुफ्त सलाह दी जाती है। हर प्रदेश में हॉटलाइन 13 QUIT (13 7848) पर यह सेवा उपलब्ध है।
क्विट विक्टोरिया की निदेशक रेचल एंडरसन कहती हैं कि वेपिंग छोड़ने का कोई एक तरीका नहीं है।
"सीधा जवाब यह है कि सबका अपना तरीका होता है। लेकिन लोगों के अनुभव और लक्षण प्रायः धूम्रपान छोड़ने जैसे ही होते हैं।"
प्रोफ़ेसर ज़्वार कहते हैं कि जहां कुछ किशोरों के लिए सामूहिक समर्थन पर्याप्त होता है, वहीं कुछ को एक चिकित्सीय विशेषज्ञ की मदद लगती है।
"कुछ युवा तय कर लेते हैं कि मित्रों और परिजन की सहायता से वे यह आदत छोड़ देंगे, जबकि कुछ सोचते हैं कि [वेपिंग से] भटकाव, या स्थगित करने से, या पानी पीने से, या कुछ और करने से, ऐसा रास्ता अपना कर, या फिर क्विटलाइन से संपर्क करके वे इस आदत को छोड़ सकते हैं।"

एंडरसन कहती हैं कि सामाजिक और साथियों के दबाव में, यह नहीं समझते हुए कि इस आदत के स्वास्थ्य दुष्प्रभाव क्या होंगे, किशोर व्यक्तियों को वेपिंग छोड़ना बहुत मुश्किल हो जाता है।
"युवाओं को लत की समझ नहीं होती, न ही वे ऐसे व्यवहार को ठीक से जानते हैं, इसीलिए उन्हें समझ नहीं आता कि वेपिंग उनके स्वास्थ्य का क्या हाल कर सकती है।"
कैसे करें अपने किशोर बच्चों की वेपिंग छोड़ने में मदद?
यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिडनी से प्रोफ़ेसर फ्रीमैन खुद एक 12-वर्षीय किशोर की माँ हैं। वे दो बड़ी सलाह देती हैं: सकारत्मक बातचीत करते रहें, और विशेषज्ञ की सहायता लें।
"किशोर बच्चों को बदमाश या विद्रोही समझने के बजाय उन्हें वेपिंग उद्योग के पीड़ितों के रूप में देखिये। मैं अभिभावकों को प्रोत्साहित करती हूँ कि अपने परिवार के जीपी से मिलिए या स्कूल की नर्स से या दूसरे किसी स्वास्थ्य कल्याण विशेषज्ञ से बात करिये। क्विटलाइन और iCanQuit वेबसाइट जैसे संसाधन भी हैं।”
क्विटलाइन से सुश्री एंडरसन कहती हैं कि लोग इस बात के लिए सुनिश्चित रह सकते हैं कि क्विटलाइन के सभी कॉल गोपनीय हैं, जहां कोई आलोचना नहीं की जाती।
"वे व्यवस्थित और ख़ास आपके लिए एक योजना बनाने में वाकई मदद कर सकते हैं। दूसरे उपलब्ध समर्थन पर भी जानकारी दे सकते हैं। वे यह भी समझा सकते हैं कि बात शुरू कहां से करनी है, और फिर उस समर्थन तक जाने का रास्ता भी सुझा सकते हैं जो आपके लिए सर्वथा उपयुक्त है।"








