Key Points
- संपत्ति, शेयर, क्रिप्टोकरेंसी जैसी संपत्तियों को बेचने से होने वाले लाभ पर पूंजीगत लाभ कर (सीजीटी) देना होता है।
- आपके निवास के मुख्य स्थान को बेचने पर होने वाला लाभ आम तौर पर सीजीटी से मुक्त होता है।
- सीजीटी का भुगतान न करने की स्थिति में, एटीओ भारी जुर्माना लगा सकता है।
सीजीटी CGT संपत्ति बेचने से होने वाले मुनाफे पर लगाया जाने वाला कर है। यदि किसी परिसंपत्ति को बेचने पर आपको पूंजीगत लाभ होता है, तो इससे आपके द्वारा भुगतान किए जाने वाले कर में वृद्धि होगी।
इस टेक्स का सेटलमेंट आपके आयकर रिटर्न के माध्यम से किया जाता है, जो आमतौर पर 30 जून को ऑस्ट्रेलियाई वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद दाखिल किया जाता है।
ऑस्ट्रेलियाई कर निवासी जिन्होंने संपत्ति या शेयर जैसी पूंजीगत संपत्ति बेची है, उन्हें दंड से बचने के लिए अपने वर्तमान आयकर रिटर्न में इन बिक्री से किसी भी लाभ या हानि की रिपोर्ट करनी होगी।
भले ही सीजीटी. एक अलग नाम है, यह आपके आयकर का हिस्सा है।
ऑस्ट्रेलिया में टेक्स देने वाले निवासी अपने आयकर रिटर्न में पूंजीगत लाभ और हानि दोनों की घोषणा करने और बाद में संबंधित टेक्स दायित्वों को पूरा करने के लिए बाध्य हैं।
मनोज गुप्ता मेलबर्न स्थित चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। वह सीजीटी के बारे में और यह कैसे लागू होता है, इसके बारे में बताते हैं ।
"पूंजीगत लाभ कर सरकार द्वारा उस मुनाफे पर लगाया जाने वाला कर है जो हम किसी संपत्ति की बिक्री पर कमाते हैं... वे संपत्तियां संपत्ति, शेयर, आजकल क्रिप्टोकरेंसी या कोई अन्य संपत्ति हो सकती हैं। इसमें विदेशी देश की संपत्ति भी शामिल होगी।" , वह कहते है।
यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप अपने कर दायित्वों को पूरा करें और बकाया कर का सटीक निर्धारण करें, आपके द्वारा निपटान की जाने वाली प्रत्येक संपत्ति के लिए पूंजीगत लाभ या पूंजीगत हानि की गणना करना आवश्यक है जब तक कि कोई छूट लागू न हो।

एटीओ के सहायक आयुक्त टिम लोह बताते हैं कि इस कर देनदारी की गणना कैसे की जाती है।
"मान लीजिए कि नूरी ने 5000 डॉलर में कुछ शेयर खरीदे, वह छह महीने के लिए शेयरों की मालिक है और उन्हें 5500 डॉलर में बेचती है। यह मानते हुए कि उसके पास कोई अन्य पूंजीगत लाभ या हानि नहीं है, नूरी को अपने कर रिटर्न में 500 डॉलर के पूंजीगत लाभ की घोषणा करनी होगी और कर का भुगतान करना होगा " श्री लोह कहते हैं।
सीजीटी छूट
जबकि सीजीटी को अधिकांश रियल एस्टेट बिक्री से प्राप्त मुनाफे पर लागू किया जाता है, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कुछ रियल एस्टेट लेनदेन सीजीटी से पूरी तरह से मुक्त हैं।
श्री गुप्ता बताते हैं।
"सामान्य तौर पर, निवास का मुख्य स्थान पूंजीगत लाभ कर से मुक्त है। यदि किसी व्यक्ति ने संपत्ति खरीदी है और अधिग्रहण की तारीख से, वे उस संपत्ति में रह रहे हैं और पूंजीगत लाभ राशि की परवाह किए बिना, उसमें रहते हुए इसे बेच दिया है , वह राशि पूंजीगत लाभ कर से मुक्त है," वे कहते हैं।
कई मामलों में, आपको अपने द्वारा देय सीजीटी पर छूट भी मिल सकती है।
जब आप किसी संपत्ति का सेटलमेंट करते हैं, तो आप अपनी पूंजीगत लाभ कर देयता को 50 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं यदि आपके पास कम से कम 12 महीने के लिए संपत्ति का स्वामित्व है और आप ऑस्ट्रेलियाई कर निवासी हैं।
इसे सीजीटी छूट कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि आपको बिक्री से अर्जित लाभ का केवल आधा हिस्सा सीजीटी का भुगतान करना होगा।

कर चोरी पर जुर्माना
हालाँकि ऑस्ट्रेलियाई कर निवासियों को वित्तीय वर्ष के दौरान पूंजीगत लाभ की रिपोर्ट करनी चाहिए और करों का भुगतान करना चाहिए, कुछ व्यक्ति इन दायित्वों से बचने की कोशिश करते हैं, जिससे संभावित दंड हो सकता है।
श्री लोह बताते हैं कि कैसे एटीओ संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों और असूचित पूंजीगत लाभ कर की निगरानी करता है।
वे कहते हैं, "यह सुनिश्चित करने के लिए कि लोग सही काम कर रहे हैं, हम बैंकों, राज्य राजस्व कार्यालयों, भूमि शीर्षक कार्यालयों, बीमा कंपनियों, शेयर रजिस्ट्रियों जैसे कई संगठनों से आय डेटा और अन्य डेटा प्राप्त करते हैं।"
यदि आपको पक्का नहीं हैं कि आपको पूंजीगत लाभ कर का भुगतान करना होगा या आपने अपनी फाइलिंग में कोई गलती की है, तो यह वास्तव में महत्वपूर्ण है कि आप एटीओ में हमसे संपर्क करें या पंजीकृत कर एजेंट से बात करें।Tim Loh
किसी भी दूसरे टेक्स की तरह, पूंजीगत लाभ कर से बचने के लिए दंड Penalties की गणना टेक्स में हुयी कमी और व्यक्तिगत व्यवहार के आधार पर की जाती है।
एटीओ लापरवाही और जानबूझकर कर छुपाये या किये गये व्यवहार का आंकलन करता है। प्रत्येक प्रकार के व्यवहार के लिए जुर्माने का प्रतिशत अलग-अलग होता है।
इसके अतिरिक्त, एटीओ टेक्स में कमी की राशी पर ब्याज भी वसूल सकता है।
श्री लोह का कहना है कि मामला-दर-मामला आधार पर जुर्माना टेक्स की कमी के 25 से 100 प्रतिशत तक हो सकता है।
टे्क्स जुर्माने की अपील करना.
यदि लगता है कि उन्हें गलत तरीके से दंडित किया गया है तो वे अपील कर सकते हैं।
यदि एटीओ अपील से संतुष्ट है, तो कुछ परिस्थितियों में इसे कम या माफ किया जा सकता है।
श्री लोह कहते हैं, "आम तौर पर, आपको अपने कर मूल्यांकन या अपने कर रिटर्न पर आपत्ति जताने और अपने जुर्माने या कर देनदारी के खिलाफ अपील करने की प्रक्रिया से गुजरने की ज़रूरत होती है।"
श्री लोह इस बात पर जोर देते हैं कि सीजीटी सहित सभी कर दायित्वों का पालन करना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमारे समाज को सपोर्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
जब आप अपने करों का भुगतान नहीं करते हैं, तो हममें से प्रत्येक को कष्ट होता है। इसका मतलब है कि हमारे स्कूलों और अस्पतालों को पर्याप्त धन नहीं मिलता है, जिसका मतलब है कि ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए कम शिक्षक, डॉक्टर और नर्सें हैं।Tim Loh
पूंजी हानि
आम धारणा के विपरीत कि यह केवल तभी देय होता है जब लाभ कमाया जाता है, लेकिन कभी-कभी नुकसान होने पर भी इसकी उम्मीद की जा सकती है।
इसे पूंजीगत हानि कहा जाता है।

ब्रिस्बेन स्थित आईटी सलाहकार वी. सुब्रमण्यम ने अपनी निवेश संपत्ति घाटे में बेच दी। हालाँकि उन्हें उम्मीद थी कि उन पर कोई सीजीटी देनदारी नहीं होगी, लेकिन एटीओ का विचार अलग था।
वह उन परिस्थितियों के बारे में बताते हैं जिनके कारण ऐसा हुआ।
"हमारे पास टैसी (तस्मानिया) में एक निवेश संपत्ति थी। हमने इसे $420,000 में खरीदा था और ब्रिस्बेन जाने से पहले हम कुछ वर्षों तक इसमें रहे थे। हमने इसे कुछ वर्षों के लिए किराए पर दिया था, जिसके बाद हम इसे बेचना चाहते थे। इसकी कीमत $420,000 से घटकर $380,000 हो गयी थी। जब हमने उस वर्ष के लिए अपना रिटर्न दाखिल किया, तो एटीओ ने कहा, 'आपको पूंजीगत लाभ हुआ है'।"
यह परिदृश्य तब उत्पन्न होता है जब किसी निवेश संपत्ति के लिए खर्च का दावा किया जाता है, जिससे संपत्ति मालिकों को यह विश्वास हो जाता है कि उन्हें नुकसान हो रहा है, जबकि एटीओ इसे लाभ मान सकता है।
श्री सुब्रमण्यम ने विस्तार से बताया कि यह कैसे सामने आया।
"कागज पर हम निवेश संपत्ति जैसे मूल्यह्रास, संपत्ति के रखरखाव, [और] दरों के लिए कटौती का दावा कर रहे थे, जिसने किताबों में कीमत को $355,000 तक कर दिया था। इसलिए, वे कह रहे थे कि अब $25,000 का पूंजीगत लाभ हुआ था जिस पर हमें $3000-$4000 का टैक्स देना पड़ता था," वह कहते हैं।
1 जुलाई से 30 जून तक प्रत्येक आय वर्ष के लिए कर रिटर्न दाखिल किया जाना चाहिए। यदि आपको कर रिटर्न पूरा करने की आवश्यकता है, तो आपको इसे 31 अक्टूबर तक दाखिल करना होगा या टेक्स एजेंट से संपर्क करना होगा।
एटीओ ATO website वेबसाइट 36 भाषाओं में सभी टेक्स -संबंधित विषयों पर उपयोगी जानकारी प्रदान करती है








