आपातकालीन विभाग में अपने बीमार या घायल बच्चे को ले जाना माता-पिता के लिए लंबे इंतजार और तनाव के कारण भारी पड़ सकता है। यह जानना कि क्या अपेक्षा की जा सकती है, मदद कर सकता है। इस एपिसोड में ऑस्ट्रेलिया में बच्चों को अस्पताल के आपातकालीन विभागों में कब ले जाना चाहिए और वहां पहुंचने पर क्या होने की संभावना है, इस पर चर्चा की गई है।
मुख्य बिंदु:
- यदि आपके बच्चे को तुरंत मदद की ज़रूरत है तो एम्बुलेंस के लिए ट्रिपल ज़ीरो (000) पर कॉल करें।
- 'ट्रायाज' अस्पताल के आपातकालीन विभाग में देखभाल का प्रारंभिक बिंदु होता है।
- माता-पिता को यह जानकारी होनी चाहिए कि बच्चे को क्या स्वास्थ्य समस्या है और आपातकालीन विभाग से छुट्टी के समय क्या निदान किया गया है।
माता-पिता को अपने बच्चे को आपातकालीन विभाग में कब ले जाना चाहिए, और कब सामान्य चिकित्सक (जीपी) या त्वरित/प्राथमिक देखभाल क्लिनिक में जाना अधिक उपयुक्त होता है?
सिडनी की एक मां, बेथनी गर्लिंग को उस समय अपनी बेटी को बच्चों के आपातकालीन विभाग में ले जाने की ज़रूरत महसूस हुई जब उन्होंने बिटिया में कुछ गंभीर और चिंताजनक लक्षण देखे।
"उसे बहुत तेज़ बुखार था, जो उस समय तक लगभग चार दिनों से बना हुआ था। हम डॉक्टर के पास गए थे, उसे एंटीबायोटिक दी गई थी, लेकिन उसकी तबीयत में कोई सुधार नहीं हो रहा था," सुश्री गर्लिंग कहती हैं।
मिस गर्लिंग ने देखा कि उनकी बेटी कुछ पी नहीं रही थी, उसकी छाती पर बहुत ज़ोर पड़ रहा था, और उसकी पसलियां भीतर की ओर खिंच रही थीं। उन्होंने बिना देर किए उसे नज़दीकी बच्चों के आपातकालीन विभाग में ले जाने का फैसला किया।

आपातकालीन विभाग में कब जाएं
सिडनी चिल्ड्रन हॉस्पिटल, रैंडविक के पीडियाट्रिक इमरजेंसी डॉक्टर मैथ्यू ओ'मियरा का कहना है कि माता-पिता को हमेशा अपनी सहज भावना (इंस्टिंक्ट) पर भरोसा करना चाहिए।
"यह सहज भावना कई चीज़ों से उत्पन्न हो सकती है। कभी-कभी माता-पिता देख सकते हैं कि उनका बच्चा कम सतर्क है, कम सक्रिय है या पहले की तरह खेल नहीं रहा है। हो सकता है उसे सांस लेने में परेशानी हो रही हो। या फिर उसका रंग सामान्य से बहुत फीका, चित्तीदार या नीला दिख रहा हो," डॉक्टर ओ'मियरा बताते हैं।
वह यह भी कहते हैं कि बच्चा शायद पर्याप्त मात्रा में पी नहीं रहा है, या पेशाब नहीं कर रहा है — या कभी-कभी माता-पिता को बस यह आभास होता है कि कुछ सही नहीं है।
अगर आप अपने बच्चे को लेकर चिंतित हैं, तो डॉ. ओ'मियरा उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की ओर इशारा करते हैं, जिनमें सबसे पहले ट्रिपल ज़ीरो (000) पर कॉल कर एम्बुलेंस बुलाना शामिल है।
"स्वास्थ्य प्रणाली में प्रवेश के कई दरवाज़े हैं। सबसे अविलम्ब रास्ता है — ट्रिपल ज़ीरो पर कॉल करना। मैं ऐसा तब करूंगा जब आप वास्तव में चिंतित हों कि आपके बच्चे को तुरंत मदद की ज़रूरत है — अगर उसे सांस लेने में बहुत तकलीफ़ हो रही हो, उसका रंग बेहद खराब हो, आप सोचें कि वह सांस नहीं ले रहा या वह बेहोश है या उसे दौरा पड़ रहा हो," वे समझाते हैं।
अगर बच्चे को तुरंत मदद की ज़रूरत हो, तो आपातकालीन विभाग एक उपयुक्त स्थान है।
डॉ. ओ'मियरा कहते हैं कि अगर आपके बच्चे को सांस लेने में कुछ परेशानी हो रही है — भले ही वह बहुत गंभीर न हो — उसका रंग थोड़ा असामान्य लग रहा है, वह सामान्य से कम पी रहा है, और सामान्य से कम सक्रिय दिख रहा है, तो जल्द से जल्द आपातकालीन विभाग जाकर सहायता लेना ज़रूरी है।
अगर आपको लगता है कि कुछ ठीक नहीं है, लेकिन आप आज देर से या कल तक डॉक्टर को दिखा सकते हैं, तो सामान्य चिकित्सक (जीपी) या तत्काल देखभाल केंद्र (अर्जेंट केयर सेंटर) जाना एक अच्छा विकल्प होगा।

आपातकालीन विभाग में किस तरह का माहौल मिल सकता है ?
पामेला बोल्ड सिडनी के वेस्टमीड स्थित चिल्ड्रन हॉस्पिटल के आपातकालीन विभाग में नर्स यूनिट मैनेजर हैं।
अगर आप खुद को आपातकालीन विभाग में पाते हैं, तो आगे क्या होता है?
'ट्रायाज' अस्पताल के आपातकालीन विभाग में देखभाल की शुरुआती प्रक्रिया होती है। यह एक ऐसी प्रणाली है जो रोगियों की स्थिति की गंभीरता के आधार पर प्राथमिकता तय करती है।
वह बताती हैं कि ट्रायाज करने वाले व्यक्ति एक नर्स होते हैं। वह आपके बच्चे को जल्दी से देखते हैं और उसकी स्थिति का आंकलन करते हैं कि उसे कितनी जल्दी चिकत्सीय सहायता की आवश्यकता है।
"बच्चे को उस तात्कालिकता के आधार पर एक ट्रायाज श्रेणी दी जाती है। सबसे गंभीर स्थिति वाले मरीज़ों को पहले देखा जाता है। और फिर जिनकी स्थिति कम गंभीर होती है, उन्हें भी समय पर देखा जाता है," मिस बोल्ड कहती हैं।
सुश्री बोल्ड समझाती हैं कि ट्रायाज प्रणाली जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाली स्थितियों की तात्कालिकता के आधार पर प्राथमिकता तय करती है, ताकि सबसे गंभीर मामलों को सबसे पहले सहायता मिल सके।
क्या इसके लिए रकम अदा करनी होगी ?
ऑस्ट्रेलिया में मेडिकेयर कार्डधारकों के लिए सार्वजनिक अस्पतालों के आपातकालीन विभाग में जाना नि:शुल्क होता है।
हालांकि, अगर आप किसी निजी अस्पताल के आपातकालीन विभाग में जाते हैं, तो आपको शुल्क देना पड़ सकता है।
एम्बुलेंस सेवाओं के लिए भी अधिकतर राज्यों में आमतौर पर शुल्क लिया जाता है, जो आपके स्थान के अनुसार भिन्न हो सकता है। कुछ लोगों को — जैसे रियायती कार्डधारकों या निजी स्वास्थ्य बीमा रखने वालों को — इन लागतों से छूट मिल सकती है।

अभिभावकों के लिए सलाह और बाद की देखभाल
अगर आप आपातकालीन विभाग जाने से पहले कुछ तैयारी कर सकें, तो सुश्री बोल्ड सुझाव देती हैं कि आपके आवश्यक विवरण पहले से तैयार होने चाहिए।
"जब आप हमारे आपातकालीन विभाग में आते हैं, तब माता-पिता के पास उनका मेडिकेयर कार्ड या कोई भी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, पता और फोन नंबर उपलब्ध होना हमारे लिए आसानी बढ़ा देता है, ताकि ज़रूरत पड़ने पर हम उनसे संपर्क कर सकें," मिस बोल्ड कहती हैं।
आपके बच्चे की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी में उसकी एलर्जियां, दवाइयां, और पहले से मौजूद कोई बीमारी शामिल हो सकती है।
इसमें यह भी शामिल हो सकता है कि लक्षण कब शुरू हुए, क्या चीज़ उन्हें और बिगाड़ती है, और आपने अब तक क्या उपचार आज़माया है।
डॉ. मैथ्यू ओ'मियरा बताते हैं कि अगर आपके बच्चे का मामला पंक्ति में अगला देखा जाना तय होता है, तो आगे क्या होता है।
"उन्हें अन्य नर्सों, डॉक्टरों और नर्स प्रैक्टिशनर्स द्वारा देखा जाएगा। वे बच्चे का विस्तृत आकलन करेंगे, पूरी कहानी को विस्तार से समझेंगे, उसका परीक्षण करेंगे और यह तय करेंगे कि कोई जांच ज़रूरी है या नहीं — जैसे कि ब्लड टेस्ट या एक्स-रे — और इलाज के प्रति [बच्चे की] प्रतिक्रिया को भी परखेंगे," वे समझाते हैं।
वे यह भी कहते हैं कि कभी-कभी बच्चे को कुछ समय तक निगरानी में रखना पड़ सकता है, ताकि उनकी देखभाल को लेकर सही निर्णय लिया जा सके। अधिकांश बच्चों को आपातकालीन विभाग से घर भेजा जा सकता है, लेकिन कुछ को विस्तृत देखभाल के लिए अस्पताल में भर्ती करना पड़ सकता है।
अगर आपके बच्चे का मामला आपातकालीन विभाग के अन्य मामलों की तुलना में कम तात्कालिक होगा, तो प्रतीक्षा समय अधिक हो सकता है।
बच्चों के आपातकालीन विभाग में अपनी विज़िट के अंत तक आपको अपने बच्चे की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिल जानी चाहिए।

डॉ ओ'मियरा बताते हैं कि माता-पिता को यह जानना चाहिए कि डॉक्टरों की राय में उनके बच्चे को क्या समस्या है और उसका निदान क्या है।
उन्हें यह भी बताया जाना चाहिए कि घर पर क्या-क्या हो सकता है, किन लक्षणों को लेकर सतर्क रहना चाहिए, और कब दोबारा चिकित्सकीय मदद लेना ज़रूरी है।
चिकित्सक आपको दर्द, बुखार और तरल पदार्थ जैसे साधारण मामलों को संभालने की भी सलाह देंगे।
डॉ ओ'मियरा कहते हैं कि आपातकालीन विभाग के स्वास्थ्यकर्मी माता-पिता से दवाइयों और उपचार, उनके प्रभाव और संभावित दुष्प्रभावों के बारे में बात करते हैं।
वे यह भी बताएंगे कि अगर आपके बच्चे को आपातकालीन विभाग से छुट्टी मिलने के बाद और देखभाल की ज़रूरत हो, तो आपको कहां जाना चाहिए।
डॉ ओ'मियरा कहते हैं, "आदर्श रूप से, हम सिर्फ आपको मौखिक रूप से ही नहीं बताते, बल्कि आपको तथ्यों से जुड़ी लिखित जानकारी भी देते हैं — और आदर्श रूप से, आपकी पसंदीदा भाषा में — ताकि आपको समझने में आसानी हो। हमें आपके सामान्य चिकित्सक से भी यह जानकारी साझा करनी चाहिए, इसलिए या तो हम उन्हें डिस्चार्ज समरी भेजते हैं या आपको देते हैं, ताकि आप उसे अपने चिकित्सक को दिखा सकें।"
अगर आपकी भाषा अंग्रेज़ी के अलावा कोई और है, तो आप 13 14 50 पर कॉल करके मुफ़्त अनुवाद और दुभाषिया सेवा का उपयोग कर सकते हैं, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं से संवाद करना आसान हो सके।
अब आपको यह जानकारी है कि आपातकालीन विभाग में क्या अपेक्षित हो सकता है, लेकिन आप उन अंग्रेज़ी शब्दों और वाक्यांशों के बारे में भी जान सकते हैं जो इस दौरान आम तौर पर प्रयोग होते हैं। हॉस्पिटल स्टाफ से आत्मविश्वास के साथ बात करने के लिए SBS Learn English के एपिसोड 85 को ज़रूर सुनें।
अधिक जानकारी के लिए अपने स्थानीय अस्पताल की वेबसाइट या Health Direct की वेबसाइट healthdirect.gov.au पर जाएं।
इस विषय का सुझाव देने के लिए सिडनी चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल्स नेटवर्क का धन्यवाद। कई भाषाओं में तथ्य-पत्र (फैक्टशीट्स) और विस्तृत जानकारी SCHN वेबसाइट पर उपलब्ध है।
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