इंसान कहीं भी रहे, वो अपनी जड़ें नहीं भूलता। कुछ ऐसा ही अनुभव पत्रकार गुलशन शर्मा के साथ राजस्थान के बांदीकुई में हुआ। उन्होंने पुराने इंटरनेशनल चर्च और पास की पीली कोठी का वीडियो बनाया, जिसे देखने के बाद इंग्लैंड से फ़र्नांडीस दंपत्ति ने उनसे संपर्क किया। वो 1950 के दशक में अपनी दिवंगत दादा की कब्र खोजने आए थे। पुराने कागज़ और धुँधली तस्वीरों के साथ उन्होंने गुलशन से मदद ली और अपने दादा की कब्र, घर और चर्च आज भी मौजूद जगह पर देखी। यह कहानी याद दिलाती है कि परिवार और जड़ें समय और दूरी के पार भी जुड़ी रहती हैं।
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