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ऑस्ट्रेलिया में पालतू जानवर रखने के लिए क्या है जानना ज़रूरी

Portrait of beagle dog playing with Asian young woman on sofa in living room at cozy home. Pet and cute animal concept.

It is also mandatory for cat and dog keepers to register with their local authority. Source: iStockphoto / klingsup/Getty Images

अपने घर में पालतू जानवर लाना घर को खुशी और साथ से भर सकता है – लेकिन इसके साथ कुछ महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारियां भी आती हैं। ऑस्ट्रेलिया में, नए पालतू मालिकों को कानूनी आवश्यकताओं के साथ-साथ अपने जानवरों को प्रशिक्षित करने और उनकी देखभाल करने के लिए ज़रूरी सुझावों की जानकारी होना चाहिए।


Published

By Zoe Thomaidou

Presented by Vrishali Jain

Source: SBS



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अपने घर में पालतू जानवर लाना घर को खुशी और साथ से भर सकता है – लेकिन इसके साथ कुछ महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारियां भी आती हैं। ऑस्ट्रेलिया में, नए पालतू मालिकों को कानूनी आवश्यकताओं के साथ-साथ अपने जानवरों को प्रशिक्षित करने और उनकी देखभाल करने के लिए ज़रूरी सुझावों की जानकारी होना चाहिए।


मुख्य बिंदु

  • कुत्ते और बिल्ली के मालिकों के लिए माइक्रोचिपिंग और पंजीकरण दोनों ही कानूनी आवश्यकताएं हैं। ध्यान रखें कि ये अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं, इसलिए दोनों अवश्य करवाएं।
  • पालतू जानवर की स्वास्थ्य योजना में नियमित जांच, दंत देखभाल, टीकाकरण और किसी भी दीर्घकालिक बीमारी का उपचार शामिल होता है।
  • किसी जानवर की ज़िम्मेदारी लेना एक सोच-समझकर लिया गया निर्णय होना चाहिए, जिसमें उसकी देखभाल में शामिल घर के सभी सदस्य सहमत हों।

कई ऑस्ट्रेलियाई परिवारों के लिए पालतू जानवर जीवन का प्रिय हिस्सा हैं। यहां लगभग हर तीन में से दो घरों में एक पालतू जानवर होता है।

तीन साल पहले, विंध्य निवुनहेलाजे और उनके साथी जेम्स ने अपने जीवन में एक कुत्ते का स्वागत करने का निर्णय लिया।

एक डॉग पैरेंट के रूप में, वह बताती हैं कि उन्हें छोटी-छोटी चीज़ों में “असीम खुशी” मिलती है, जैसे “सुबह उठते ही मुस्कुराता चेहरा देखना” या “घर लौटने पर पूँछ हिलाते हुए दौड़कर आना।”

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Melburnians James and Vindhya say they decided to become dog parents when their life conditions allowed to offer their pet the time and space it needed. Photo: Supplied

“और अगर ऐसे दिन भी हों जब आप उदास महसूस कर रहे हों, तब भी आपके ऊपर अपने कुत्ते को घुमाने की ज़िम्मेदारी होती है… जिससे आप अपने से परे सोचने के लिए मजबूर होते हैं।”

लेकिन पालतू जानवर रखना एक ऐसा संकल्प है जिसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।

“पालतू जानवर कभी भी क्रिसमस का तोहफ़ा या जन्मदिन का उपहार नहीं होना चाहिए।

“यह पूरी तरह सोच-समझकर, पूरे परिवार की भागीदारी से लिया गया निर्णय होना चाहिए—कौन क्या करेगा, क्योंकि आप अपने घर में एक और सदस्य ला रहे हैं जिसे लगातार देखभाल की आवश्यकता होती है।”

सुश्री निवुनहेलाजे अपने साथी के साथ एल्गोट की देखभाल की ज़िम्मेदारियां साझा करती हैं।

“क्योंकि हमारे बच्चे नहीं हैं, तो जेम्स और मैं, एल्गोट को पालने को बच्चे पालने जैसा मानते हैं, क्योंकि इसमें बहुत सारी योजना बनानी पड़ती है।

“उदाहरण के लिए, एल्गोट के जीवन के शुरुआती कुछ वर्षों में, हम उसे सुबह एक घंटे और शाम को एक घंटे के लिए डॉग पार्क ले जाते थे ताकि वह दौड़ सके।

“और हमने यह इसलिए किया क्योंकि हमें लगा कि हमें उसे यह अवसर देना चाहिए, क्योंकि उसके पास [दौड़ने के लिए ] बैकयार्ड नहीं था।”

Australia Explained: Pet Ownership
Especially if your residence doesn’t have outdoors spaces, make sure your dog doesn’t spend too much time alone or inactive during their day. Credit: Fly View Productions/Getty Images

पालतू पशु कानून

ऑस्ट्रेलिया में कुत्ते और बिल्लियों को रखने के लिए क़ानून मौजूद हैं।

तारा वार्ड, एनिमल डिफेंडर्स ऑफिस की वॉलंटियर मैनेजिंग सॉलिसिटर हैं, जो पशु संबंधी मुद्दों के लिए एक सामुदायिक विधिक (लीगल) केंद्र है।

वह बताती हैं कि हालांकि राज्यों और काउंसिलों के पालतू कानून अलग-अलग होते हैं, लेकिन पूरे देश में कुत्ते और बिल्ली के मालिकों के लिए कुछ कानूनी आवश्यकताएं समान हैं।

इनमें अपने पालतू जानवर की माइक्रोचिपिंग करवाना शामिल है।

“आप अन्य प्रकार के पालतू जानवरों की भी माइक्रोचिपिंग करा सकते हैं। लेकिन वह वैकल्पिक है। बिल्लियों और कुत्तों के लिए यह अनिवार्य है।

“पशु-चिकित्सक या माइक्रोचिप लगाने वाले व्यक्ति डेटाबेस पर यह दर्ज करेंगे कि इस जानवर का मालिक कौन है और अगर जानवर खो जाए तो किससे संपर्क करना है,” सुश्री वार्ड समझाती हैं।

बिल्ली और कुत्ते रखने वालों के लिए अपने स्थानीय प्राधिकरण के साथ पंजीकरण कराना भी अनिवार्य है।

सुश्री वार्ड कहती हैं कि एक आम गलतफहमी यह है कि माइक्रोचिपिंग और पंजीकरण एक ही प्रक्रिया हैं, लेकिन ऐसा नहीं है।

Australia Explained: Pet Ownership
Microchipping involves “a tiny chip the size of a grain of rice inserted in the neck or shoulders area of the dog or cat”, explains Tara Ward from the Animal Defenders Office. Credit: FatCamera/Getty Images

“ये दोनों पूरी तरह अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। माइक्रोचिपिंग का संबंध आपकी बिल्ली या कुत्ते की पहचान से है। पंजीकरण का मतलब है आपके कुत्ते या बिल्ली के विवरण को आपके स्थानीय प्रशासन की पालतू सूची में दर्ज करना।”

पालतू जानवरों को नसबंदी कराने (desexing) के मामले में कानून हर क्षेत्राधिकार में अलग-अलग होते हैं।

“उदाहरण के लिए, जब आप अपनी बिल्ली या कुत्ते का पंजीकरण कराते हैं, तो यदि जानवर की नसबंदी नहीं हुई है तो इसकी लागत अधिक होगी, या फिर आपको हर साल एक परमिट लेना होगा और उसका शुल्क चुकाना होगा।”

एक पालतू मालिक के रूप में अपने कानूनी दायित्वों का पालन सुनिश्चित करने के लिए अपने स्थानीय काउंसिल में लागू कानूनों की जानकारी अवश्य लें।

“कुत्तों और बिल्लियों से संबंधित वास्तविक कानून स्थानीय काउंसिल स्तर पर प्रबंधित किए जाते हैं। इन्हें समझने की कोशिश ज़रूर करें, क्योंकि आप वास्तव में अपने जानवरों से जुड़े कानूनी मुद्दों में नहीं फंसना चाहेंगे,” सुश्री वार्ड कहती हैं।

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Having your pet registered is the easiest way to establish you are their legal owner in situations where your animal is lost, or you don’t possess it and want to get it back. Credit: Kanawa_Studio/Getty Images

आपके राज्य/क्षेत्र में पालतू पशु स्वामित्व

अपने पालतू की देखभाल: प्रशिक्षण और पालन-पोषण

कुत्तों के मामले में, प्रशिक्षण की सिफारिश की जाती है—चाहे आप इसे खुद करें या किसी प्रशिक्षक को नियुक्त करें।

व्यावसायिक प्रशिक्षण के लाभों में संरचित सीख, व्यवहार सुधार कार्यक्रम और पपी स्कूलों के माध्यम से समाजीकरण शामिल हैं।

आरएसपीसीए विक्टोरिया की वरिष्ठ पशु देखभाल प्रबंधक, नादिया पीरिस, अपने कुत्ते को खुद प्रशिक्षित करने वालों के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव साझा करती हैं:

“हम हमेशा सकारात्मक प्रोत्साहन और सकारात्मक आधार प्रशिक्षण की सलाह देते हैं, जहां संभव हो वहां इनाम (ट्रीट्स) का उपयोग करें।

“जल्दी शुरुआत करें, क्योंकि जब वे पिल्ले होते हैं, उस शुरुआती और अहम समय में जितना अधिक आप कर सकते हैं, उतना अच्छा होता है। और बस निरंतरता बनाए रखें।”

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Some house plants can be toxic for animals when ingested. If you notice your cat chewing on plants, consider getting them some cat grass. Source: Moment RF / Isabel Pavia/Getty Images

अपने पालतू के बारे में जानने योग्य बातें:

    • पालतू जानवर चाहे घर के भीतर हों या बाहर, उनके लिए कीड़े और पिस्सू (worm और flea) का इलाज आवश्यक है।
    • कुत्तों की सूखी नाक आम बात है और इसका मतलब यह नहीं है कि वे बीमार हैं।
    • बिल्लियां हमेशा अपने पैरों पर नहीं गिरतीं।
    • बिल्ली का गुनगुनाना (purring) या कुत्ते का पूंछ हिलाना कई तरह के मूड का संकेत हो सकता है, यह ज़रूरी नहीं कि वे खुश हों।
    • आपके पालतू का आहार और स्वास्थ्य आपकी देखभाल की ज़िम्मेदारी का हिस्सा है और इसे आपको अपने मासिक बजट में भी शामिल करना चाहिए।

    लॉर्ट स्मिथ एनिमल हॉस्पिटल, कैंपबेलफील्ड साइट की वेट डायरेक्टर डॉ. केट गोलास्ज़ेव्स्की कहती हैं:

    “खाने के मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भोजन उस जानवर और उसकी जीवन अवस्था के अनुसार सही हो।”

    ध्यान रखें कि कुत्ते और बिल्लियां आमतौर पर उसी खाने की आदत डाल लेते हैं जो आप उन्हें नियमित रूप से देते हैं।

    “कभी-कभी लोग कहते हैं, ‘ओह, इस हफ्ते कोई दूसरा पालतू भोजन ब्रांड सस्ता मिल रहा है, मैं इसे आज़मा लेता हूं।’ लेकिन पालतू जानवर आम तौर पर अपने आहार में बार-बार बदलाव को अच्छी तरह से सहन नहीं करते और उनके पाचन तंत्र को इसके अनुसार ढलने में समय लगता है,” डॉ. गोलास्ज़ेव्स्की समझाती हैं।

    Australia Explained: Pet Ownership
    Don’t underestimate dental care when it comes to your pet’s health, RSPCA’s Nadia Peiris says. Credit: Capuski/Getty Images

    “यदि आप अपने पालतू को किसी नए प्रकार के भोजन पर स्थानांतरित कर रहे हैं, तो हम सलाह देते हैं कि इसे लगभग एक हफ़्ते में धीरे-धीरे करें।”

    पालतू जानवरों को मानव भोजन खिलाना उचित नहीं है और कुछ मामलों में यह स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है।

    “उदाहरण के लिए, चॉकलेट खाने पर शुरुआत में हम अति सक्रियता (हाइपरएक्टिविटी) देख सकते हैं, लेकिन यह आगे चलकर दौरे (सीज़र) जैसी स्थिति में बदल सकता है। और सबसे ख़राब स्थिति में, कुत्ते कोमा की हालत में भी पहुंच सकते हैं।”

    नियमित स्वास्थ्य जांच के अलावा, जिन जानवरों को पुरानी बीमारियां होती हैं—जैसे हृदय रोग या त्वचा संबंधी समस्याएं —उन्हें अधिक बार पशु-चिकित्सक के पास ले जाने की आवश्यकता होगी।

    आख़िरकार, मनुष्यों की तरह ही, डॉ. गोलास्ज़ेव्स्की कहती हैं कि आपके पालतू के स्वास्थ्य में किसी भी चिंताजनक बदलाव पर तुरंत वेट को दिखाना चाहिए। यदि आप कोई असामान्य बात देखें—जैसे अचानक सुस्ती या अन्य असामान्यताएं—तो उन्हें जांच कराना ही सबसे अच्छा है।

    यदि आपको अपने पालतू से जुड़े स्थानीय कानूनों को लेकर संदेह है या एक पालतू मालिक के रूप में किसी कानूनी समस्या का सामना कर रहे हैं, तो सलाह के लिए आप एनिमल डिफेंडर्स ऑफिस से संपर्क कर सकते हैं।

    यदि आप अपने पालतू के उपचार और देखभाल के लिए मदद की ज़रूरत महसूस करते हैं या अपने पालतू को सौंपने के बारे में सोच रहे हैं, तो अपने राज्य/क्षेत्र की आरएसपीसीए (RSPCA) वेबसाइट पर जानकारी और उपलब्ध सहायता कार्यक्रमों की जानकारी लें ।

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